खेती किसानी

90 दिन में तैयार, लाल छिलके वाला बेबी आलू... जानिए क्या है 'कुफरी रूबी' की खासियत
आईसीएआर-सीपीआरआई, शिमला द्वारा विकसित कुफरी रूबी आलू की नई किस्म सिर्फ 90-100 दिनों में तैयार हो जाती है। यह किस्म 23-25 टन प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है और 90 दिनों में ही करीब 60% बेबी पोटैटो तैयार हो जाते हैं।

भाव के उतार-चढ़ाव से परेशान पाम किसान, तेलंगाना ने मांगा ₹25 हजार प्रति टन का गारंटीड रेट
पाम ऑयल की खेती दूसरी कई फसलों से अलग है। इसमें पौध लगाने के बाद उत्पादन शुरू होने में कई साल लगते हैं। इस दौरान किसानों को लगातार पौधों की देखभाल और खेती पर खर्च करना पड़ता है, लेकिन उन्हें तुरंत आमदनी नहीं मिलती।

Grafted Tomato Farming: एक पौधे से 15-20 किलो टमाटर, 6 महीने तक तुड़ाई
झारखंड के कुछ किसान टमाटर की खेती में इस नई तकनीक को अपना रहे हैं। इसमें बैंगन के रूटस्टॉक पर टमाटर का पौधा तैयार किया जाता है। दावा है कि सामान्य टमाटर की तुलना में इस तरीके से फसल को लंबे समय तक चलाया जा सकता है और एक बार लगाए गए पौधे से करीब 6 महीने तक तुड़ाई की जा सकती है।

खेती में 48% महिलाओं की हिस्सेदारी, कमाई से लेकर किसान की पहचान तक कई चौंकाने वाले खुलासे
रिपोर्ट में बताया गया है कि समान आकार के खेतों की तुलना में महिलाओं द्वारा संचालित खेतों की उत्पादकता पुरुषों के खेतों से करीब 24 फीसदी कम हो सकती है। लेकिन इसका कारण महिलाओं की खेती करने की क्षमता नहीं है।

खरीफ सीजन में 1016.57 लाख हेक्टेयर में बुवाई, पिछले साल से 20.95 लाख हेक्टेयर कम
दालों में अरहर का रकबा 40.31 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल के 42.01 लाख हेक्टेयर से 1.69 लाख हेक्टेयर कम है। वहीं उड़द का रकबा 23.52 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल के 20.79 लाख हेक्टेयर से 2.73 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

खरीफ फसलों की बुवाई में बड़ा बदलाव, चावल से लेकर कपास तक का पूरा आंकड़ा
दालों की खेती का रकबा पिछले साल के 108.49 लाख हेक्टेयर से घटकर 108.14 लाख हेक्टेयर रह गया। यानी 0.35 लाख हेक्टेयर की कमी हुई। कमी वाले राज्यों में कर्नाटक में 4.16 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 2.70 लाख, ओडिशा में 0.64 लाख, तमिलनाडु में 0.13 लाख और बिहार में 0.14 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई।

बिहार के गन्ना किसान शाहजहांपुर में सीखेंगे टिशूकल्चर और सिंगल बड जैसी तकनीकें
बिहार सरकार गन्ने की खेती और चीनी उद्योग को बढ़ावा देने पर भी काम कर रही है। सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 2.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती का लक्ष्य रखा है। इससे करीब 1.74 करोड़ टन गन्ना उत्पादन का लक्ष्य है।

यूपी के आलू किसानों के लिए बड़ी राहत, सरकार ने लॉन्च किया नया पोर्टल
सरकार ने आलू के दाम में होने वाले उतार-चढ़ाव को देखते हुए भामाशाह भाव स्थिरता कोष की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य बाजार में आलू के भाव में ज्यादा गिरावट आने पर किसानों को राहत देना और उन्हें बेहतर कीमत दिलाने में मदद करना है।

एथेनॉल के लिए मक्का-गन्ने की खेती बढ़ी तो खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा असर? सरकार के सलाहकार ने उठाए सवाल
एथेनॉल बनाने में मक्के का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। लेख के मुताबिक, भारत में बनने वाले एथेनॉल का करीब आधा हिस्सा अब मक्के से आता है, जबकि अनाज से बनने वाले एथेनॉल की हिस्सेदारी करीब 67 प्रतिशत है।

धान की फसल में तना छेदक और पत्ती लपेटक का खतरा, ऐसे करें बचाव
धान की फसल में तना छेदक और पत्ती लपेटक का प्रकोप फसल की बढ़वार और उत्पादन को प्रभावित कर सकता है। किसान नियमित निगरानी कर समय रहते इनके लक्षणों की पहचान करें। फेरोमोन ट्रैप, बर्ड पर्च और लाइट ट्रैप के साथ जरूरत के अनुसार कृषि विभाग की सुझाई दवाओं का इस्तेमाल कर इन कीटों से फसल को बचाया जा सकता है।

धान-गेहूं छोड़ किन्नू की खेती की ओर बढ़ रहे किसान, जानिए क्यों
उत्तर भारत में कई किसान अब धान-गेहूं की जगह किन्नू की खेती अपना रहे हैं, क्योंकि इसमें कम पानी की जरूरत होती है और बेहतर मुनाफा मिलता है। हरियाणा के सिरसा के किसान रोहित विश्नोई किन्नू के साथ तरबूज की सहफसली, ग्रेडिंग, वैक्सिंग और सही मार्केटिंग के जरिए अपनी आय बढ़ा रहे हैं।

8 साल की वारंटी, पावरफुल इंजन और कई एडवांस फीचर्स, किसानों के लिए आए Kubota के नए ट्रैक्टर
Escorts Kubota ने 45 HP MU4502 और 50 HP MU5002 ट्रैक्टर लॉन्च किए हैं। इनमें पावरफुल इंजन, 12F+4R गियरबॉक्स, Reverse PTO और कई एडवांस फीचर्स हैं। इनकी 8 साल की ट्रांसफरेबल वारंटी खास है। किसान इनका इस्तेमाल खेती के साथ कस्टम हायरिंग में करके अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं।
