गेहूं की आपूर्ति बढ़ी, सरकार ने स्टॉक लिमिट हटाई
केंद्र सरकार ने कीमतों पर नजर रखने और आने वाले त्योहारी सीजन से पहले गेहूं…
केंद्र सरकार ने कीमतों पर नजर रखने और आने वाले त्योहारी सीजन से पहले गेहूं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिहाज से 27 मई, 2025 को जारी गेहूं स्टॉक सीमा आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह फैसला घरेलू बाजारों में आरामदायक आपूर्ति…
अब तक कुल आठ करोड़ 47 लाख से ज़्यादा किसान पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने 2026-27 तक देश में ग्यारह करोड़ किसानों के किसान आईडी बनाने का लक्ष्य रखा है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को बताया…
नाबार्ड ने वर्ष 2026–27 के लिए उत्तर प्रदेश में ₹9.14 लाख करोड़ की ऋण संभाव्यता का आकलन जारी किया है, जिसका विमोचन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य क्रेडिट संगोष्ठी में किया। इस मौके पर e-KCC पोर्टल लॉन्च किया गया, जिससे किसानों को 3–4 हफ्तों की जगह सिर्फ 5 मिनट में ऋण मिल सकेगा। कार्यक्रम में कृषि, एमएसएमई और सहकारिता क्षेत्रों में ऋण बढ़ाकर राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के कारण अब किसानों को ई-केसीसी के जरिए सिर्फ 5 मिनट में ऋण मिल रहा है, जबकि पहले इसमें कई हफ्ते लगते थे। 2026-27 के लिए कृषि ऋण लक्ष्य 3 लाख करोड़ रुपये रखा गया है। सरकार एफपीओ, सहकारिता, एमएसएमई और ओडीओपी जैसी योजनाओं से किसानों और उद्यमियों को मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री ने बैंकों से ऋण की शर्तें आसान करने और प्रशिक्षण व तकनीक के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया।
IRRI की स्टडी के मुताबिक, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) पर सही निवेश से भारत में जलवायु-अनुकूल धान खेती को बढ़ावा मिल सकता है। यह तरीका कम पानी और कम मजदूरी में खेती संभव बनाता है। नई DSR-अनुकूल धान किस्मों ने परीक्षण में करीब 15% ज्यादा पैदावार दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे किसानों की लागत घटेगी, आय बढ़ेगी और पर्यावरण पर दबाव भी कम होगा।
7 फरवरी 2026 को मध्य प्रदेश के सीहोर में दलहन कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इसमें सभी राज्यों के कृषि मंत्री शामिल होंगे और दलहन उत्पादन बढ़ाने व किसानों की आय बढ़ाने पर चर्चा होगी। सम्मेलन में किसानों से संवाद, प्रदर्शनी और फूड लेग्यूम्स रिसर्च सेंटर में नए भवन व प्रयोगशालाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा।
अमेरिका ने भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 18% कर दिया है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि इससे लागत कम होगी, बाजार में मांग बढ़ेगी और किसानों से लेकर निर्यातकों तक पूरे कपड़ा क्षेत्र को फायदा मिलेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ने के साथ तिलहन और दलहन की अंतर-फसल को खेती का भविष्य बताया है। उन्होंने कहा कि सरसों, मसूर, उड़द और मूंग जैसी फसलों को गन्ने के साथ उगाने से किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ सकती है। यह योजना 2026-27 से मिशन मोड में लागू होगी, जिससे कम लागत में ज्यादा उत्पादन, स्थिर आय और किसानों की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित होगी।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील में भारत ने जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) सोयाबीन और मक्का को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। सरकार ने साफ किया है कि कृषि जैसे संवेदनशील सेक्टर पर कोई समझौता नहीं होगा। अमेरिका चाहता था कि भारत GM फसलों को अनुमति दे, लेकिन भारत अपने रुख पर कायम रहा। हालांकि, सेब और कुछ ड्राई फ्रूट्स पर आयात शुल्क में सीमित राहत की संभावना जताई जा रही है।
अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर सरकार ने कहा है कि यह समझौता भारत के हितों को ध्यान में रखकर किया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक, इससे किसानों, डेयरी, MSME, टेक्सटाइल और अन्य सेक्टर्स को फायदा होगा। अमेरिकी टैरिफ घटकर 18% हो गया है, जिससे भारत का निर्यात बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि डील के कुछ पहलुओं, खासकर कृषि क्षेत्र के असर को लेकर अभी पूरी तस्वीर साफ नहीं है।