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यूपी

बंपर पैदावार, फिर भी यूपी के आलू किसान क्यों परेशान?

उत्तर प्रदेश में बंपर आलू उत्पादन के बावजूद किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। मंडियों में आलू 4–6 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है, जिससे लागत भी नहीं निकल पा रही। मांग कमजोर और आपूर्ति ज्यादा होने के कारण कई किसानों को प्रति एकड़ 20–30 हजार रुपये का घाटा हो रहा है।

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शहद से समृद्धि

शहद से समृद्धि: बिहार में शहद उत्पादन में 177% की रिकॉर्ड बढ़ोतरी

बिहार में पिछले 10 साल में शहद उत्पादन 177% बढ़ा है। राज्य सरकार नई मधु नीति लाकर उत्पादन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मजबूत करेगी। 2024 में देश के कुल शहद उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी 12.30% रही। मधुमक्खी पालन योजना से किसानों, महिलाओं और युवाओं को कम लागत में रोजगार और अतिरिक्त आय मिल रही है।

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कृषि विभाग में 694 पदों पर बहाली को मंजूरी

बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले, कृषि विभाग में 694 पदों पर बहाली को मंजूरी

बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने कैबिनेट बैठक में 41 प्रस्तावों को मंजूरी दी। कृषि विभाग में 694 और डेयरी–मत्स्य–पशु संसाधन विभाग में 200 पदों पर बहाली को हरी झंडी मिली। शिक्षा, पॉलिटेक्निक और पीएम श्री योजना के तहत स्कूलों के लिए बड़े बजट को मंजूरी दी गई। दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क, मुंबई में बिहार भवन, जेलों में सीसीटीवी और कई प्रशासनिक फैसलों के जरिए राज्य के विकास और रोजगार को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।

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चना बुवाई बढ़ी

चना बुवाई बढ़ी, फिर भी बाजार में सख्ती क्यों?

चने की बुवाई इस साल बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। त्योहारों की बढ़ी मांग, पुराने चने का कम स्टॉक तथा आयात में कमी के कारण चने के दाम ₹225–300 प्रति क्विंटल तक बढ़े हैं। भाव MSP के करीब हैं और आने वाले दिनों में भी MSP के आसपास बने रहने की संभावना है।

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rabi crop

रबी फसलों की बुआई लगभग पूरी, रकबा 2.8% बढ़ा

देश में रबी फसलों की बुआई लगभग पूरी हो चुकी है। 9 जनवरी तक रबी फसलों का कुल रकबा 644.29 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो पिछले साल से 2.8% अधिक है। गेहूं की बुआई पूरी हो चुकी है और मौसम अनुकूल होने से अच्छी पैदावार की उम्मीद है। दालों, तिलहनों, सरसों, मक्का और जौ के रकबे में बढ़ोतरी हुई है, जबकि रबी ज्वार के रकबे में कमी दर्ज की गई है।

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भारत से चावल का निर्यात

19% बढ़ा चावल निर्यात, नॉन-बासमती और बासमती दोनों की बढ़ी विदेशों में मांग

भारत से चावल का निर्यात 19.4% बढ़कर 2.15 करोड़ टन हो गया है। निर्यात प्रतिबंध हटने और रिकॉर्ड उत्पादन के कारण भारतीय चावल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ता और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बना, जिससे थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों का निर्यात घटा और कई गरीब देशों को सस्ते दाम पर चावल मिला।

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दूध उत्पादन में नंबर वन भारत

दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?

भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर वन है, लेकिन प्रति पशु दूध कम और लागत ज्यादा है। NDDB के मुताबिक अगर पशुपालक वैज्ञानिक तरीके अपनाएं—जैसे सही चारा, अच्छी नस्ल, समय पर टीकाकरण, बछड़ा पालन और डिजिटल तकनीक—तो कम खर्च में दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और आमदनी भी बढ़ेगी।

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सभी उर्वरकों पर 5% जीएसटी की मांग

सभी उर्वरकों पर 5% GST की मांग, उर्वरक उद्योग ने बजट से पहले रखी बड़ी मांग

उर्वरक कंपनियों ने बजट से पहले मांग की है कि सभी उर्वरकों पर 5% जीएसटी लगे, फंसा हुआ जीएसटी रिफंड जल्दी मिले और वन नेशन–वन लाइसेंस लागू हो, ताकि लागत घटे और किसानों को बेहतर फायदा मिले।

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सरकार

देश की 73% खाद ज़रूरत स्वदेशी उत्पादन से पूरी: सरकार

सरकार के मुताबिक 2025 में देश की करीब 73% उर्वरक ज़रूरत घरेलू उत्पादन से पूरी हुई और खाद का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा। वहीं फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि इसी दौरान यूरिया और डीएपी के आयात में तेज़ बढ़ोतरी हुई है। यानी एक तरफ उत्पादन बढ़ा है, तो दूसरी तरफ कुछ उर्वरकों के लिए आयात पर निर्भरता को लेकर चिंता भी बनी हुई है।

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10 मार्च को लखनऊ में धरने का ऐलान

कर्ज माफी और ₹5000 पेंशन की मांग को लेकर प्रयागराज में जुटे किसान, 10 मार्च को लखनऊ में धरने का ऐलान

प्रयागराज के माघ मेले में भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) के राष्ट्रीय अधिवेशन में किसानों ने शत-प्रतिशत कर्ज माफी और ₹5,000 वृद्धावस्था पेंशन की मांग उठाई। देशभर से आए किसानों ने सरकार की नीतियों पर नाराज़गी जताई और 10 मार्च को लखनऊ में बड़े धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया।

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