खरीफ सीजन में इस बार फसलों की बुवाई का रकबा पिछले साल के मुकाबले कई जगह घटा है, तो कुछ राज्यों में बढ़ा भी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक चावल, दालें, श्री अन्न एवं पोषक अनाज, तिलहन, गन्ना और कपास के कुल रकबे में कमी आई है, जबकि जूट और मेस्टा का रकबा बढ़ा है। आइए जानते हैं किस फसल का रकबा कितना रहा और किन राज्यों में कितनी बढ़ोतरी या कमी हुई।
चावल का रकबा 14.37 लाख हेक्टेयर घटा
पिछले साल इसी अवधि में चावल की खेती 393.44 लाख हेक्टेयर में हुई थी, जो इस साल घटकर 379.07 लाख हेक्टेयर रह गई। यानी कुल 14.37 लाख हेक्टेयर की कमी हुई।
राज्यों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कर्नाटक में 2.86 लाख हेक्टेयर, झारखंड में 2.26 लाख, महाराष्ट्र में 2.25 लाख, ओडिशा में 2.09 लाख, मध्य प्रदेश में 1.64 लाख, तेलंगाना में 1.49 लाख, तमिलनाडु में 1.17 लाख, आंध्र प्रदेश में 1.14 लाख, गुजरात में 0.83 लाख, पश्चिम बंगाल में 0.87 लाख, उत्तर प्रदेश में 0.58 लाख और बिहार में 0.52 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई।
वहीं असम में 3.93 लाख हेक्टेयर और उत्तराखंड में 0.35 लाख हेक्टेयर ज्यादा क्षेत्र में चावल की खेती हुई है।
दालों का रकबा 0.35 लाख हेक्टेयर कम
दालों की खेती का रकबा पिछले साल के 108.49 लाख हेक्टेयर से घटकर 108.14 लाख हेक्टेयर रह गया। यानी 0.35 लाख हेक्टेयर की कमी हुई।
कमी वाले राज्यों में कर्नाटक में 4.16 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 2.70 लाख, ओडिशा में 0.64 लाख, तमिलनाडु में 0.13 लाख और बिहार में 0.14 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई।
वहीं बढ़ोतरी वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश में 4.25 लाख हेक्टेयर, राजस्थान में 0.93 लाख, छत्तीसगढ़ में 0.40 लाख, आंध्र प्रदेश में 0.35 लाख, तेलंगाना में 0.34 लाख और मध्य प्रदेश में 0.14 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है।
श्री अन्न और पोषक अनाज का रकबा 4.17 लाख हेक्टेयर घटा
श्री अन्न एवं पोषक अनाज का रकबा पिछले साल के 177.13 लाख हेक्टेयर से घटकर 172.96 लाख हेक्टेयर रह गया है। यानी 4.17 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।
कमी वाले राज्यों में कर्नाटक में 7.00 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 2.46 लाख, हरियाणा में 0.59 लाख, तमिलनाडु में 0.30 लाख, तेलंगाना में 0.31 लाख, आंध्र प्रदेश में 0.36 लाख, जम्मू-कश्मीर में 0.19 लाख और गुजरात में 0.09 लाख हेक्टेयर की कमी हुई।
वहीं राजस्थान में 2.15 लाख हेक्टेयर, छत्तीसगढ़ में 1.53 लाख, मध्य प्रदेश में 0.92 लाख, ओडिशा में 0.68 लाख, उत्तर प्रदेश में 0.62 लाख, बिहार में 0.59 लाख, उत्तराखंड में 0.42 लाख, झारखंड में 0.20 लाख और हिमाचल प्रदेश में 0.09 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है।
तिलहन का रकबा 0.89 लाख हेक्टेयर कम
तिलहन की खेती का रकबा पिछले साल के 185.36 लाख हेक्टेयर से घटकर 184.46 लाख हेक्टेयर रह गया। इसमें 0.89 लाख हेक्टेयर की कमी हुई।
कमी वाले राज्यों में राजस्थान में 3.40 लाख हेक्टेयर, गुजरात में 1.00 लाख, महाराष्ट्र में 0.56 लाख, कर्नाटक में 0.44 लाख, ओडिशा में 0.16 लाख और तमिलनाडु में 0.13 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई।
वहीं उत्तर प्रदेश में 3.89 लाख हेक्टेयर, मध्य प्रदेश में 0.68 लाख और असम में 0.10 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है।
गन्ने का रकबा 0.31 लाख हेक्टेयर घटा
गन्ने की खेती का रकबा पिछले साल के 58.62 लाख हेक्टेयर के मुकाबले इस साल 58.31 लाख हेक्टेयर रहा। यानी 0.31 लाख हेक्टेयर की कमी हुई।
उत्तराखंड में 0.20 लाख हेक्टेयर, महाराष्ट्र में 0.14 लाख, पंजाब में 0.14 लाख और मध्य प्रदेश में 0.12 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई।
वहीं उत्तर प्रदेश में 0.36 लाख हेक्टेयर और हरियाणा में 0.11 लाख हेक्टेयर ज्यादा क्षेत्र में गन्ना बोया गया है।
जूट और मेस्टा का रकबा बढ़ा
जूट एवं मेस्टा की खेती का रकबा पिछले साल के 6.23 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस साल 6.34 लाख हेक्टेयर हो गया है। यानी 0.11 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई। इसमें मुख्य योगदान बिहार का रहा है।
कपास का रकबा 0.96 लाख हेक्टेयर घटा
कपास की खेती का रकबा पिछले साल के 108.26 लाख हेक्टेयर से घटकर 107.30 लाख हेक्टेयर रह गया। यानी 0.96 लाख हेक्टेयर की कमी हुई।
कमी वाले राज्यों में राजस्थान में 1.09 लाख हेक्टेयर, हरियाणा में 0.90 लाख, पंजाब में 0.43 लाख, महाराष्ट्र में 0.38 लाख, कर्नाटक में 0.10 लाख, उत्तर प्रदेश में 0.05 लाख और ओडिशा में 0.01 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई।
वहीं तेलंगाना में 1.25 लाख हेक्टेयर, गुजरात में 0.64 लाख, मध्य प्रदेश में 0.11 लाख और आंध्र प्रदेश में 0.02 लाख हेक्टेयर ज्यादा क्षेत्र में कपास की खेती हुई है।
यूपी में कहां बढ़ा और कहां घटा रकबा?
उत्तर प्रदेश के लिए आंकड़े देखें तो दालों का रकबा 4.25 लाख हेक्टेयर और तिलहन का रकबा 3.89 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। गन्ने के रकबे में भी 0.36 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं श्री अन्न एवं पोषक अनाज का रकबा 0.62 लाख हेक्टेयर बढ़ा है।
इसके मुकाबले चावल का रकबा 0.58 लाख हेक्टेयर और कपास का रकबा 0.05 लाख हेक्टेयर घटा है।
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