टमाटर एक ऐसी सब्जी है, जिसके इस्तेमाल का कोई तय समय, दिन या महीना नहीं होता और न ही कोई तय डिश है कि इससे सिर्फ यही डिश बनती है। इसका इस्तेमाल हर घर में होता है, सब्जी में, दाल में, चटनी बनाने में। इसकी मीठी चटनी भी काफी टेस्टी बनती है। यहां तक कि हम इसे कच्चा भी खाते हैं, सलाद के रूप में। यह बच्चों, बुजुर्गों और जवानों, सभी के लिए फायदेमंद भी होता है।
यही तो वजह है इसकी मांग की और इसके बढ़ते-घटते दाम की भी। सालभर में एक-दो बार तो कम से कम टमाटर पर खबर आप भी देख ही लेते होंगे। मतलब बाजार तो है इसका, फिर इसकी खेती से कमाई का स्कोप भी खूब है।
News Potli ने ऐसी बहुत सारी ग्राउंड रिपोर्ट की हैं, जिनमें टमाटर की खेती के अलग-अलग तरीकों के बारे में बात की गई है। उन्हीं तरीकों में से एक पर हम आज बात करेंगे, जिसे Grafted Tomato Farming कहते हैं।
क्या है Grafted Tomato Farming
झारखंड के कुछ किसान टमाटर की खेती में इस नई तकनीक को अपना रहे हैं। इसमें बैंगन के रूटस्टॉक पर टमाटर का पौधा तैयार किया जाता है। दावा है कि सामान्य टमाटर की तुलना में इस तरीके से फसल को लंबे समय तक चलाया जा सकता है और एक बार लगाए गए पौधे से करीब 6 महीने तक तुड़ाई की जा सकती है।
किसान के मुताबिक, अच्छी स्थिति में एक पौधे से करीब 15-20 किलो तक टमाटर का उत्पादन मिल सकता है। वहीं, एक एकड़ से ₹2.5-3 लाख तक कमाई का लक्ष्य रखा जाता है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन और कमाई मौसम, खेती की लागत, फसल की स्थिति और बाजार भाव पर निर्भर करेगी।
बैंगन के रूटस्टॉक पर तैयार होता है टमाटर का पौधा
Grafted Tomato Farming में टमाटर की पौध को बैंगन के मजबूत रूटस्टॉक से जोड़ा जाता है। इसका मकसद पौधे की जड़ों को मजबूत बनाना और लंबे समय तक फसल लेने में मदद करना है। इसी वजह से किसान सामान्य टमाटर की खेती के मुकाबले इस तरीके को अलग मानते हैं।
ड्रिप और मल्चिंग से खेती
इस खेती में Drip Irrigation और Mulching का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रिप से पौधों तक जरूरत के मुताबिक पानी पहुंचाया जाता है, जिससे पानी की बचत में मदद मिल सकती है। वहीं, मल्चिंग से मिट्टी में नमी बनाए रखने और खरपतवार को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
किसान इस तरीके से एक ही खेत में लंबे समय तक टमाटर की फसल लेने के साथ-साथ सालभर अलग-अलग फसलें लेने की योजना पर भी काम कर रहे हैं।
वीडियो में जानिए खेती का पूरा तरीका
इस वीडियो में Grafted Tomato क्या है, पौधा कैसे तैयार किया जाता है, रोपाई के समय पौधों के बीच कितनी दूरी रखनी चाहिए, ड्रिप और मल्चिंग का क्या फायदा है, एक पौधे से कितना उत्पादन मिल सकता है और एक एकड़ में लागत व संभावित कमाई कितनी हो सकती है, इन सभी सवालों के बारे में जानकारी दी गई है।





