तकनीक से तरक्की

कम पानी, कम लागत और लाखों की कमाई! राजस्थान में अनार की खेती का ये मॉडल देखिए
राजस्थान के बाड़मेर, बालोतरा और जालौर जैसे रेगिस्तानी इलाकों में अनार की खेती किसानों के लिए मुनाफे का सौदा बन रही है। ड्रिप इरिगेशन, टिश्यू कल्चर पौधों और सरकारी सब्सिडी की मदद से किसान कम पानी में बेहतर उत्पादन लेकर सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं।

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग + स्मार्ट सिंचाई, गुजरात के किसानों का मुनाफे वाला मॉडल
गुजरात के गांधीनगर और बनासकांठा के किसान कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, ड्रिप, स्प्रिंकलर और रेज्ड बेड तकनीक अपनाकर मूंगफली और प्रोसेसिंग-ग्रेड आलू की खेती कर रहे हैं। इससे पानी की बचत, समय पर बुवाई और फसल के लिए बेहतर बाजार मिलने के साथ किसानों की कमाई बढ़ाने में मदद मिल रही है।

साइंस-बेस्ड इंटरक्रॉपिंग: तरबूज से लागत निकाली, केला शुद्ध मुनाफा, टर्नओवर 60 लाख रुपये
मध्यप्रदेश के केले के गढ़ बुरहानपुर के किसान राजेंद्र गंभीर पाटिल हमेशा से केले की खेती करते आ रहे हैं। केले के साथ वो तरबूज की सहफसली खेती भी करते हैं। नई तकनीक से खेती कर रहे इस किसान का टर्नओवर 45-60 लाख रुपये का है।

तकनीक से तरक्की: बरेली की 41°C की गर्मी में अंगूर की खेती कर रहा यह किसान
उत्तर प्रदेश की पारंपरिक फसलों से अलग बरेली के किसान अनिल साहनी अंगूर समेत 200 से अधिक फल प्रजातियों की खेती और प्रयोग कर रहे हैं। मौसम की चुनौतियों से निपटने के लिए उन्होंने डिजिटल मौसम निगरानी प्रणाली और स्थानीय तकनीकों का सहारा लिया है। जानिए कैसे डेटा आधारित खेती और प्रोसेसिंग के जरिए किसान नई फसलों से बेहतर कमाई की राह तलाश रहे हैं।

आधुनिक खेती का कमाल! 20 एकड़ में सब्जियों की खेती से लाखों की बिक्री
गुजरात के गांधीनगर के किसान जगदीशभाई पटेल ने ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और आधुनिक तकनीकों की मदद से 20 एकड़ में सब्जियों की खेती का सफल मॉडल तैयार किया है। वे मिर्च, टमाटर, पत्ता गोभी और फूलगोभी की खेती से हर साल ₹50–60 लाख की बिक्री करते हैं।

5 बिस्वा से 50 बीघा तक का सफर: फसल कैलेंडर और स्मार्ट मार्केटिंग से बदली खेती की तस्वीर
चंदौली के युवा किसान अनिल मौर्य ने सिर्फ 5 बिस्वा से शुरुआत कर आज 50 बीघा में आधुनिक खेती का सफल मॉडल खड़ा किया है। बागवानी, ड्रिप सिंचाई, स्मार्ट मार्केटिंग और फसल कैलेंडर के जरिए उन्होंने नई फसलों को अपनाया और बेहतर दाम हासिल किए।

खेती से कमाई की नई मिसाल, खंडवा के किसान रविंद्र यादव की कहानी
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के किसान रविंद्र यादव ने मेहनत और तकनीक से खेती को मुनाफे का बिज़नेस बना दिया है।ड्रिप इरिगेशन से पानी की बचत और उत्पादन दोगुना हुआ।वे अरबी और अदरक जैसी फसलों से सालाना 20–25

इंटीग्रेटेड फार्मिंग से कैसे एक करोड़ कमा रहा बिहार का किसान ?
बिहार के कैमूर ज़िले के किसान रविशंकर सिंह को खेती विरासत में मिली। 80 एकड़ में खेती कर रहे बिहार के इस किसान ने एकीकृत मॉडल को अपनाया। आज उनका सालना टर्नओवर करीब 1 करोड़ रुपये का है। गांव में रहकर ख

बिहार का सबसे अमीर और हाइटेक किसान, CEO से ज्यादा कमाई
बिहार के समस्तीपुर के किसान सुधांशु कुमार के खेत में अलग-अलग फसल के करीब डेढ़ लाख पौधे लगे हैं, और वो उससे करीब 3 करोड़ रुपये सालाना की कमाई करते हैं। उनका खेत पूरा टेक्नोलैब है। खेती से जुड़ा शायद ही

3 रुपये की मज़दूरी से पद्म श्री तक: सरबेस्वर बासुमतारी की अनसुनी कहानी
असम के आदिवासी किसान सरबेस्वर बसुमतारी को 2024 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 3 रुपये दिहाड़ी मजदूर से लेकर देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार जीतने तक, असम के 62 वर्षीय आदिवासी किसान

गुजरात के कच्छ का किसान मजदूर से कैसे बन गया Mango King?
कच्छ के किसान बटुक सिंह जडेजा करीब 350 एकड़ में केसर आम की बागवानी करते हैं। उनका सालाना टर्नओवर करोड़ों में है। गुजरात का कच्छ, भारत का सबसे बड़ा जिला। यहां दुनिया का सबसे बड़ा खारा रेगिस्तान है। 45

युवा किसान ने सोशल मीडिया पर बेच दिया 90 लाख रुपये का आम
ओमकार रनाडे महाराष्ट्र में रत्नागिरी में रहते हैं। आम की तीन वरायटी अल्फांसों यानि हापुस, पायरी, और केसर से उनका सालाना टर्नओवर करीब 90 लाख रुपये का है। ओमकार रनाडे आज देश के उन किसानों में गिने जाते
