News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. तकनीक से तरक्की
  3. 5 बिस्वा से 50 बीघा तक का सफर: फसल कैलेंडर और स्मार्ट मार्केटिंग से बदली खेती की तस्वीर
तकनीक से तरक्की

5 बिस्वा से 50 बीघा तक का सफर: फसल कैलेंडर और स्मार्ट मार्केटिंग से बदली खेती की तस्वीर

चंदौली के युवा किसान अनिल मौर्य ने सिर्फ 5 बिस्वा से शुरुआत कर आज 50 बीघा में आधुनिक खेती का सफल मॉडल खड़ा किया है। बागवानी, ड्रिप सिंचाई, स्मार्ट मार्केटिंग और फसल कैलेंडर के जरिए उन्होंने नई फसलों को अपनाया और बेहतर दाम हासिल किए।

Pooja Rai

Pooja Rai·23 Jul 2026· 3 min read

चंदौली के युवा किसान अनिल मौर्य ने सिर्फ 5 बिस्वा से शुरुआत कर आज 50 बीघा में आधुनिक खेती का सफल मॉडल खड़ा किया है।

चंदौली के युवा किसान अनिल मौर्य ने सिर्फ 5 बिस्वा से शुरुआत कर आज 50 बीघा में आधुनिक खेती का सफल मॉडल खड़ा किया है।

चंदौली के युवा किसान अनिल मौर्य ने सिर्फ 5 बिस्वा से शुरुआत कर आज 50 बीघा में आधुनिक खेती का सफल मॉडल खड़ा किया है। बागवानी, ड्रिप सिंचाई, स्मार्ट मार्केटिंग और फसल कैलेंडर के जरिए उन्होंने नई फसलों को अपनाया और बेहतर दाम हासिल किए। कई असफलताओं के बाद भी हार न मानने वाले अनिल मौर्य आज किसानों के लिए प्रेरणा और सीख का केंद्र बन चुके हैं।

पूर्वांचल (उत्तर प्रदेश) के चंदौली जिले के युवा और प्रगतिशील किसान अनिल मौर्य ने बागवानी, आधुनिक तकनीक, पार्टनरशिप फार्मिंग और स्मार्ट मार्केटिंग के जरिए खेती को एक नया मुकाम दिया है। सिर्फ 5 बिस्वा जमीन से खेती शुरू करने वाले अनिल आज लीज पर ली गई करीब 50 बीघा (लगभग 31 एकड़) जमीन में सफल खेती कर रहे हैं।

अनिल मौर्य ने अपने इलाके में पहली बार स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, जापानी पिंक अमरूद, सहजन, सालभर फल देने वाला कटहल, सिट्रस फल, सेब (हर्मन-99) और एवोकाडो जैसी फसलों की खेती शुरू की। उन्हें बिहार के “हॉर्टिकल्चर किंग” सुधांशु कुमार से प्रेरणा मिली। अनिल का मानना है कि खेती में सिर्फ उत्पादन नहीं, बल्कि सही योजना और बाजार की समझ सबसे ज्यादा जरूरी है।

अनिल मौर्य कहते हैं,
“हम मौसम, फसल कैलेंडर और त्योहारों को देखकर खेती करते हैं। देखते हैं कि कौन सा फेस्टिवल आने वाला है और उस समय बाजार में किस फसल की मांग होगी। उसी हिसाब से फसल लगाते हैं और यही बात हम दूसरे किसानों को भी समझाते हैं।”

उन्होंने अपनी उपज को बेचने के लिए 10 मंडियों तक सीधी पहुंच बनाई, पथरीली जमीन पर ड्रिप सिंचाई अपनाई और खेती के साथ एग्रो-टूरिज्म, सोलर ड्रायर यूनिट और किसान प्रशिक्षण केंद्र भी विकसित किए। 12 साल के सफर में उन्हें 8 बार असफलता मिली, लेकिन हर असफलता से सीख लेकर उन्होंने आगे बढ़ने का रास्ता बनाया।

बेहतर दाम पाने के लिए अनिल मौर्य सिर्फ एक मंडी पर निर्भर नहीं रहते। वे बताते हैं,
“हम कम से कम 10 मंडियों में जाते हैं और जहां अच्छा भाव मिलता है, वहीं अपनी उपज बेच देते हैं।”

अनिल बताते हैं कि साल 2018–19 में उन्होंने पहली बार स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की थी। उस समय पूर्वांचल में कोई भी किसान स्ट्रॉबेरी नहीं उगाता था और वाराणसी की मंडियों में भी इसकी बिक्री नहीं होती थी, लेकिन उन्होंने जोखिम उठाया और नई राह बनाई।

सिंचाई के तरीकों में भी उन्होंने बड़ा बदलाव किया।वे बताते हैं,
“पहले हम फ्लड सिंचाई करते थे। फिर ड्रिप इरिगेशन के बारे में जानकारी मिली। किसानों से बात की और जैन इरिगेशन की सर्विस देखकर हमने भी ड्रिप लगाया। इससे पानी बचा और उत्पादन बेहतर हुआ।”

खेती के साथ उन्होंने एग्रो-टूरिज्म, सोलर ड्रायर यूनिट और किसान प्रशिक्षण केंद्र भी विकसित किए, जिससे दूसरे किसानों को सीखने का मौका मिल रहा है। उनके खेत आज एक तरह की खुली पाठशाला बन चुके हैं।

अनिल मौर्य को उनके काम के लिए सम्मान भी मिला है।उन्होंने बताया कि,
“2021 में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने हमें सम्मानित किया। इसके अलावा हर साल 23 दिसंबर किसान दिवस पर जिला अधिकारी से प्रशस्ति पत्र मिलता है। इससे हौसला बढ़ता है और एक जिम्मेदारी भी होती है कि हम और अच्छा करें और दूसरे किसानों को भी प्रेरित करें,”

अनिल मौर्य का सफलता मंत्र है—
“कमाई का 90 फीसदी निवेश खेती और कारोबार में करो, और सिर्फ 10 फीसदी जीवनशैली पर खर्च करो।”

यह कहानी ‘तकनीक से तरक्की’ अभियान का हिस्सा है, जिसे न्यूज़ पोटली और जैन इरिगेशन मिलकर चला रहे हैं। अनिल मौर्य की यह यात्रा आज हजारों किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो तकनीक और सही सोच के साथ खेती को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

देखिए वीडियो -

News Potli.
Clip & Share
“

— 5 बिस्वा से 50 बीघा तक का सफर: फसल कैलेंडर और स्मार्ट मार्केटिंग से बदली खेती की तस्वीर

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsChandauliDrip irrigationdrip irrigation and sprinklerjain irrigationkheti kisanimarketingNews PotliTaknik Se Tarakkiuttar pradeshvaranasiखेती किसानी
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

गांधीनगर और बनासकांठा के किसान ड्रिप, स्प्रिंकलर और रेज्ड बेड जैसी तकनीकों के साथ कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को जोड़कर मूंगफली और प्रोसेसिंग-ग्रेड आलू की खेती कर रहे हैं।
तकनीक से तरक्की

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग + स्मार्ट सिंचाई, गुजरात के किसानों का मुनाफे वाला मॉडल

गुजरात के गांधीनगर और बनासकांठा के किसान कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, ड्रिप, स्प्रिंकलर और रेज्ड बेड तकनीक अपनाकर मूंगफली और प्रोसेसिंग-ग्रेड आलू की खेती कर रहे हैं। इससे पानी की बचत, समय पर बुवाई और फसल के लिए बेहतर बाजार मिलने के साथ किसानों की कमाई बढ़ाने में मदद मिल रही है।

Pooja Rai·10 Aug 2026
मध्यप्रदेश के केले के गढ़ बुरहानपुर के किसान राजेंद्र गंभीर पाटिल हमेशा से केले की खेती करते आ रहे हैं
तकनीक से तरक्की

साइंस-बेस्ड इंटरक्रॉपिंग: तरबूज से लागत निकाली, केला शुद्ध मुनाफा, टर्नओवर 60 लाख रुपये

मध्यप्रदेश के केले के गढ़ बुरहानपुर के किसान राजेंद्र गंभीर पाटिल हमेशा से केले की खेती करते आ रहे हैं। केले के साथ वो तरबूज की सहफसली खेती भी करते हैं। नई तकनीक से खेती कर रहे इस किसान का टर्नओवर 45-60 लाख रुपये का है।

Jalish·06 Aug 2026·5 min
तकनीक से तरक्की: बरेली की 41°C की गर्मी में अंगूर की खेती कर रहा यह किसान
तकनीक से तरक्की

तकनीक से तरक्की: बरेली की 41°C की गर्मी में अंगूर की खेती कर रहा यह किसान

उत्तर प्रदेश की पारंपरिक फसलों से अलग बरेली के किसान अनिल साहनी अंगूर समेत 200 से अधिक फल प्रजातियों की खेती और प्रयोग कर रहे हैं। मौसम की चुनौतियों से निपटने के लिए उन्होंने डिजिटल मौसम निगरानी प्रणाली और स्थानीय तकनीकों का सहारा लिया है। जानिए कैसे डेटा आधारित खेती और प्रोसेसिंग के जरिए किसान नई फसलों से बेहतर कमाई की राह तलाश रहे हैं।

Jayant Mishra·28 Jul 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs