News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. तकनीक से तरक्की
  3. गजब का मोबाइल ऐप, एक फोटो से पता चलेगा फसल में कौन सा कीट है, कैसे म‍िलेगा छुटकारा, जानिए कैसे होगा यह सब
तकनीक से तरक्की

गजब का मोबाइल ऐप, एक फोटो से पता चलेगा फसल में कौन सा कीट है, कैसे म‍िलेगा छुटकारा, जानिए कैसे होगा यह सब

किसान अपने मोबाइल से फोटो खीचेंगे और उन्‍हें तुरंत पता चल जायेगा क‍ि उनकी फसल में कौन सा कीट लगा है। इससे वे समय पर उपचार कर बड़े नुकसान से बच सकेंगे। और यह सब होगा एक मोबाइल ऐप के माध्‍यम से। केंद्री

NP

Indal·Correspondent·16 Aug 2024· 3 min read

गजब का मोबाइल ऐप, एक फोटो से पता चलेगा फसल में कौन सा कीट है, कैसे म‍िलेगा छुटकारा, जानिए कैसे होगा यह सब

गजब का मोबाइल ऐप, एक फोटो से पता चलेगा फसल में कौन सा कीट है, कैसे म‍िलेगा छुटकारा, जानिए कैसे होगा यह सब

किसान अपने मोबाइल से फोटो खीचेंगे और उन्‍हें तुरंत पता चल जायेगा क‍ि उनकी फसल में कौन सा कीट लगा है। इससे वे समय पर उपचार कर बड़े नुकसान से बच सकेंगे। और यह सब होगा एक मोबाइल ऐप के माध्‍यम से। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार स्‍वतंत्रता द‍िवस के मौके पर किसानों के लिए एक मोबाइल ऐप, राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) लॉन्च किया। जिससे वे अपने खेतों से फसल की तस्वीरें भेज सकते हैं, अगर कीट या कीटों से प्रभावित हैं। इससे सरकार को संक्रमण के पैमाने को जानने और उसके अनुसार कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखने के लिए विशेष आमंत्रित के रूप में दिल्ली आए किसानों के एक समूह में ऐप लॉन्च करते हुए चौहान ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत अनुभव है कि कैसे पहली रिपोर्ट के कुछ दिनों के भीतर सोयाबीन की फसल पूरी तरह से खराब हो गई। उन्होंने समय पर कार्रवाई के महत्व के बारे में बताया,"सूचना की समय पर उपलब्धता" महत्वपूर्ण कारक है।

यह भी पढ़ें- प्राकृतिक खेती की राह में कैसे आगे बढ़ा हिमाचल प्रदेश?

एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि किसान को ऐप का उपयोग करके फसल की (तुरंत) एक तस्वीर लेनी होगी और मोबाइल पर सहेजी गई तस्वीर अपलोड की जा सकती है। अधिकारी ने कहा, "चूंकि सरकार का इरादा जानकारी इकट्ठा करना और संक्रमण के पैमाने का आकलन करना है, इसलिए फसल का स्थान सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ताकि एआई स्थिति का बेहतर विश्लेषण कर सके कि कोई विशेष कीट हमला गांव स्तर पर पाया गया है या किसी जिले के अधिक गांवों में या अधिक जिलों या राज्यों में।"

कीटों पर बढ़ेग न‍ियंत्रण, कम होगी लागत

कृष‍ि मंत्री ने कहा कि किसानों द्वारा कीटों के हमले के संदेह में स्थानीय कीटनाशक विक्रेता से सलाह लेने और कीटनाशक खरीदने की मौजूदा प्रथा कम होगी और इससे उन्हें लागत बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ऐप न केवल किसानों को सही सलाह पाने में मदद करेगा, बल्कि कीटों से निपटने के लिए सही कीटनाशक खरीदने में भी उनकी मदद करेगा।

उन्‍होंने आगे कहा कि सितंबर से सरकार ऑल इंडिया रेडियो (AIR) पर “किसानों की बात” नाम से एक कार्यक्रम शुरू करेगी, जिसमें किसान और कृषि वैज्ञानिक मिलकर उत्पादकों के सामने आने वाली समस्याओं का समाधान करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम की तर्ज पर “किसानों की बात” भी महीने में एक बार आकाशवाणी पर प्रसारित की जाएगी।

इस बात पर जोर देते हुए कि किसानों को वैज्ञानिकों के शोध के बारे में पता होना चाहिए, उन्होंने कहा: “हमारा काम किसानों और वैज्ञानिकों को जोड़ना है। कई बार किसानों को जानकारी नहीं होती है, इसलिए वे गलत कीटनाशक का इस्तेमाल करते हैं। किसानों को विज्ञान का लाभ तुरंत मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए हम महीने में एक बार किसान संवाद कार्यक्रम शुरू करेंगे, जिसमें उनके साथ वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारी भाग लेंगे।

क‍िसानों के काम का वीड‍ियो

News Potli.
Clip & Share
“

— गजब का मोबाइल ऐप, एक फोटो से पता चलेगा फसल में कौन सा कीट है, कैसे म‍िलेगा छुटकारा, जानिए कैसे होगा यह सब

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Indal

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

कम पानी में ज्यादा उत्पादन, इन तकनीकों से 80 एकड़ में हो रही सब्जियों की खेती
तकनीक से तरक्की

कम पानी में ज्यादा उत्पादन, इन तकनीकों से 80 एकड़ में हो रही सब्जियों की खेती

Dream Valley Agro Farm में करीब 80 एकड़ में सब्जियों और फलों की खेती होती है। यहां Drip Irrigation, Mulching, Raised Bed, Grafted Plants और Integrated Pest Management जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही पानी की बचत और बेहतर सिंचाई के लिए Centralized Irrigation System भी लगाया गया है।

News Potli·12 Sep 2026
गुजरात के गांधीनगर के किसान जगदीशभाई पटेल ने ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और आधुनिक तकनीकों की मदद से 20 एकड़ में सब्जियों की खेती का सफल मॉडल तैयार किया है।
तकनीक से तरक्की

आधुनिक खेती का कमाल! 20 एकड़ में सब्जियों की खेती से लाखों की बिक्री

गुजरात के गांधीनगर के किसान जगदीशभाई पटेल ने ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और आधुनिक तकनीकों की मदद से 20 एकड़ में सब्जियों की खेती का सफल मॉडल तैयार किया है। वे मिर्च, टमाटर, पत्ता गोभी और फूलगोभी की खेती से हर साल ₹50–60 लाख की बिक्री करते हैं।

Pooja Rai·26 Aug 2026
 रेज्ड बेड, मल्चिंग और ड्रिप इरिगेशन जैसी तीन तकनीकों को अपनाकर किसान एक ही खेत से साल में तीन बार फसल ले रहे हैं।
तकनीक से तरक्की

कम जमीन में 3 बार सब्जियों की खेती, इन 3 तकनीकों से लागत कम और कमाई ज्यादा

भारत में ऐसे छोटे किसानों की संख्या काफी ज्यादा है। कृषि जनगणना 2015-16 के मुताबिक, देश की करीब 86% कृषि जोत 2 हेक्टेयर तक की हैं। ऐसे में कम जमीन से ज्यादा कमाई करना किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। लेकिन झारखंड के कुछ किसानों ने तकनीक और सही फसल के चुनाव से इसी चुनौती को कमाई के मौके में बदलने का तरीका खोज लिया है।

Pooja Rai·24 Aug 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs