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अपोलो और गोदरेज जैसी बड़ी कम्पनियां उन्नति कॉपरेटिव से खरीदती हैं जैविक और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट

उन्नति से जुड़े 400 से ज्यादा लोग हिमालय की शिवालिक पहाडियों से वन संपद्दा, जड़ी बूटियां और औषधियां आप तक पहुंचाते हैं। उन्नति के पास 32 हजार एकड़ का जैविक सर्टिफाइड जंगल है

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Ashish·Correspondent·25 May 2023· 3 min read

अपोलो और गोदरेज जैसी बड़ी कम्पनियां उन्नति कॉपरेटिव से खरीदती हैं जैविक और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट

अपोलो और गोदरेज जैसी बड़ी कम्पनियां उन्नति कॉपरेटिव से खरीदती हैं जैविक और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट

उन्नति से जुड़े 400 से ज्यादा लोग हिमालय की शिवालिक पहाडियों से वन संपद्दा, जड़ी बूटियां और औषधियां आप तक पहुंचाते हैं। उन्नति के पास 32 हजार एकड़ का जैविक सर्टिफाइड जंगल है।

कई जड़ी बूटियों को मिलाकर बनाया जाने वाला च्वनप्राश हम सब ने एक-न-एक बार जरूर खाया है। आजकल कम्पनियां कई प्रकार के ऐसे ही आयुर्वेदिक प्रोडक्ट बना रही हैं। पंजाब के होशियारपुर जिले में लोगो के बीच काम कर रही उन्नति कॉपरेटिव का अपोलो, गोदरेज नेचर बास्केट, स्मार्ट वैल्यू, हेल्थ कार्ड, राधा मोहन समेत एक दर्जन से ज्यादा बड़ी कंपनियों के साथ वहां के बने प्रोडक्ट्स के लिए टाई-अप है। यहां करेले और आंवले के जूस से लेकर च्वनप्राश, आंवले का मुरब्बा और गुड़ कैंडी, एलोवेरा जूस, आंवले का जूस जैसे प्रोडक्ट बनाए जाते हैं।

साफ-सुथरी रोचकता से भरी ये जगह है उन्नति कॉपरेटिव का मुख्यालय, जो पंजाब के होशियारपुर जिले में तलवाड़ा में स्थित है। बिना किसी सरकारी आर्थिक सहयोग और बैंक लोन के इस उन्नति कॉपेरेटिव ने कई मुकाम हासिल किए हैं। उन्नति कॉपरेटिव में बैम्बू मिशन प्रोग्राम का संचालन कर रहे नवनीतन राणा बताते हैं कि उन्नति लोगो के लिए काम करती है, इस क्षेत्र के विकास के लिए महिलाओं सशक्तिकरण, जैविक खेती, स्वच्छ स्कूल अभियान, ग्रीन मिशन से जुड़े 10 ऐसे प्रोजेक्ट पर काम करती है। शिक्षा कौशल विकास का प्रोग्राम भी है, जिसमें बच्चे यहीं ITI पूरी करके यहीं से जॉब पा जाते हैं।

संस्था के प्रोडक्ट प्रोसेसिंग यूनिट की कर्मचारी चेतना ने नयूज पोटली को बताया कि उनके उत्पाद एक तरफ जहां पूरी तरह जैविक और प्राकृतिक होते हैं वहीं उनकी प्रोसेसिंग में साफ-सफाई और स्वच्छता का बहुत ध्यान रखा जाता है। करीब 2 हेक्टेयर में फैले उन्नति के इस परिसर में काम करने वाली ज्यादातर महिलाएं हैं इससे उनकी कुछ आमदनी हो जाती है और घर से कहीं दूर भी नहीं जाना पड़ता है।

नैचुरल हेल्थ बूस्टर, नैचुरल स्वाद बूस्टर के साथ ही प्राकृतिक मिठाईओं और मसालों के उत्पादन के साथ ही उन्नति बैंबू मिशन यानि बांस के अनोखे उत्पाद बनाने की ट्रेनिंग भी देता है। इसके अलावा कंडी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जैविक खेती को प्रमोट किया जा रहा है।

संस्था के वाइस प्रेसिडेंट स्वामी कमल जी बताते हैं “उन्नति से जुड़े 400 से ज्यादा लोग हिमालय की शिवालिक पहाडियों से वन संपद्दा, जड़ी बूटियां और औषधियां आप तक पहुंचाते हैं। उनके मुताबिक उनके पास 32 हजार एकड़ का जैविक सर्टिफाइड जंगल है। संस्था के उत्पाद देश विदेश के जैविक उत्पादों के हाई स्टैंर्ड सर्टिफिकेट से लैश हैं। उन्नति के सहारे हिमालय की तराई क्षेत्र जिसे कंडी कहा जाता है, वहां सैकड़ों महिलाओं को रोजगार और आजीविका का जरिया भी मिला है।” उन्नति न सिर्फ आपको सेहतमंद रखने वाले उत्पाद बनाता है बल्कि आप यहां से जुड़कर अपना बिजनेस भी शुरु कर सकते हैं। आप इन महिलाओं के हाथों से बने उत्पादों को अपने ब्रांड के साथ मार्केटिंग करने के लिए दी गई वेबसाइट पर https://www.unati.org/ संपर्क कर सकते हैं।

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— अपोलो और गोदरेज जैसी बड़ी कम्पनियां उन्नति कॉपरेटिव से खरीदती हैं जैविक और आयुर्वेदिक प्रोडक्ट

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