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सस्ता इलाज, बेहतर देखभाल: अब यूपी के हर ब्लॉक में पशु जन औषधि केंद्र

उत्तर प्रदेश में हर ब्लॉक में पशु जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे, जहां पशुपालकों को पशुओं के लिए सस्ती जेनेरिक दवाइयां मिलेंगी। ये केंद्र प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर काम करेंगे। इससे पशुओं के इ

Pooja Rai

Pooja Rai·22 Dec 2025· 3 min read

सस्ता इलाज, बेहतर देखभाल: अब यूपी के हर ब्लॉक में पशु जन औषधि केंद्र

सस्ता इलाज, बेहतर देखभाल: अब यूपी के हर ब्लॉक में पशु जन औषधि केंद्र

उत्तर प्रदेश में हर ब्लॉक में पशु जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे, जहां पशुपालकों को पशुओं के लिए सस्ती जेनेरिक दवाइयां मिलेंगी। ये केंद्र प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर काम करेंगे। इससे पशुओं के इलाज का खर्च कम होगा, नकली दवाओं पर रोक लगेगी और पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पशुपालकों को बड़ी राहत देने के लिए योगी सरकार ने हर ब्लॉक में “पशु जन औषधि केंद्र” खोलने का फैसला किया है। ये केंद्र प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर काम करेंगे, जहां पशुओं के इलाज के लिए कम कीमत पर जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।सरकार का उद्देश्य है कि पशुओं के इलाज में होने वाला खर्च कम हो, नकली दवाइयों पर रोक लगे और पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर हो।

लगभग 6.78 करोड़ पशुओं की संख्या
उत्तर प्रदेश में खेती के साथ-साथ पशुपालन किसानों की आमदनी का बड़ा जरिया है। प्रदेश में बड़ी संख्या में किसान दूध उत्पादन और पशुपालन से जुड़े हैं।प्रदेश में वर्तमान में पशुओं की कुल संख्या लगभग 6.78 करोड़ है।अभी तक कुल 2202 पशु चिकित्सालय हैं।वहीं 267 पशु औषधालय हैं और 2575 पशुधन सेवा केंद्र हैं।इतनी बड़ी पशु आबादी के लिए सस्ती और भरोसेमंद दवाइयों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।

क्यों जरूरी हैं पशु जन औषधि केंद्र
पशु चिकित्सकों के अनुसार, कई बार पशुपालकों को महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं, नकली या घटिया दवाइयां मिल जाती हैं और समय पर सही इलाज नहीं हो पाता।पशु जन औषधि केंद्र खुलने से इन समस्याओं का समाधान होगा और इलाज सस्ता व सुरक्षित बनेगा।

ये भी पढ़ें - योगी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को 6% ब्याज पर मिलेगा कर्ज

क्या-क्या दवाइयां मिलेंगी
इन केंद्रों पर पशुओं के लिए एंटीबायोटिक दवाइयां, टीके (Vaccines), डी-वॉर्मिंग दवाइयां, बुखार, संक्रमण और अन्य बीमारियों की दवाइयां और जरूरी विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट उपलब्ध कराई जाएंगी।पशु जन औषधि केंद्रों पर मिलने वाली दवाइयां जेनेरिक होंगी।यानी दवाइयों का सॉल्ट ब्रांडेड दवाइयों जैसा ही होगा लेकिन कीमत आधी या उससे भी कम होगी इलाज का असर भी उतना ही प्रभावी रहेगा। इससे पशुपालकों का इलाज खर्च काफी घट जाएगा।

केंद्र खोलने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
सरकार ने पशु जन औषधि केंद्र खोलने के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है।
इच्छुक लोग इस वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं।👉 https://pashuaushadhi.dahd.gov.in

नोडल अधिकारी करेंगे मदद
इसके लिए हर जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। पूरे प्रदेश में कुल 826 नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी आवेदन, दस्तावेज और लाइसेंस से जुड़ी जानकारी देंगे। आवेदन पूरा होने के बाद केंद्र खोलने की अनुमति दी जाएगी।पशु चिकित्सकों का कहना है कि समय पर सस्ती और सही दवा मिलने से पशुओं की बीमारी जल्दी ठीक होगी। दूध उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में इजाफा होगा।सरकार का लक्ष्य है कि गांव-गांव तक सस्ती पशु दवाइयां पहुंचें और पशुपालन को मजबूत बनाया जाए।

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