बिहार के सीवान जिले में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा काम होने जा रहा है। NABARD ने बिहार सरकार को 195 करोड़ रुपये का लोन मंजूर किया है। इस पैसे से जिले में मछली पालन से जुड़े जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाया जाएगा। इससे मछली पालकों को उत्पादन से लेकर बाजार तक बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें अपनी मछली का अच्छा दाम मिलने की उम्मीद है।
यह लोन Fisheries and Aquaculture Infrastructure Development Fund (FIDF) के तहत दिया गया है।
मछली पालन से जुड़े कई काम होंगे
NABARD के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के तहत मछली पालन की यूनिट, मछली के बीज तैयार करने वाले सेंटर और हैचरी बनाए जाएंगे। इसके अलावा मछली की खरीद-बिक्री के लिए कलेक्शन और लैंडिंग सेंटर, कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड-चेन की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
मछली की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग यूनिट के साथ आधुनिक मछली बाजार और बेहतर परिवहन व मार्केटिंग की व्यवस्था भी तैयार की जाएगी।
किसानों को क्या फायदा होगा?
इस परियोजना का मकसद जिले में मछली का उत्पादन बढ़ाने के साथ मछली पालकों की कमाई बढ़ाना है। बेहतर स्टोरेज और कोल्ड-चेन की सुविधा मिलने से मछली जल्दी खराब नहीं होगी और किसान इसे बेहतर बाजार तक पहुंचा सकेंगे।
इससे मछली पालकों, सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। मछली पालन, प्रोसेसिंग, भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़े कामों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
NABARD के बिहार के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार सिंह ने कहा कि इस मदद से सीवान में आधुनिक, समावेशी और टिकाऊ मछली पालन का ढांचा तैयार करने में मदद मिलेगी।





