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कर्नाटक में दूध के दाम 8 रुपये प्रति लीटर बढ़े, किसानों को अब मिलेंगे 47 रुपये

किसानों ने दूध की कीमत में कम से कम 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की मांग की थी। हालांकि, सरकार ने चर्चा के बाद 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया। इसमें से 7 रुपये किसानों को और 1 रुपया सहकारी समितियों को मिलेगा।

Pooja Rai

Pooja Rai·30 Oct 2026

कर्नाटक में दूध के दाम 8 रुपये प्रति लीटर बढ़े, किसानों को अब मिलेंगे 47 रुपये

दूध बेचने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। कर्नाटक सरकार ने दूध की कीमत 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 1 नवंबर से लागू होंगी। इस बढ़ोतरी में से 7 रुपये प्रति लीटर सीधे दूध उत्पादक किसानों को मिलेंगे, जबकि 1 रुपया दूध सहकारी समितियों को दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों किसान परिवारों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

किसानों को अब दूध का कितना दाम मिलेगा?

कर्नाटक के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कैबिनेट की बैठक के बाद बताया कि अभी किसानों को दूध के लिए करीब 35 रुपये प्रति लीटर मिलते हैं। अब यह रकम बढ़कर 42 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। इसके अलावा, सरकार की ओर से मिलने वाली 5 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि भी जारी रहेगी।

इस तरह किसानों को सरकारी प्रोत्साहन राशि समेत अब कुल 47 रुपये प्रति लीटर मिलेंगे। दूध की कीमत बढ़ाने का फैसला किसानों की मांग और दूध सहकारी समितियों के अनुरोध के बाद लिया गया है।

किसानों ने की थी 10 रुपये बढ़ोतरी की मांग

मंत्री ने बताया कि दूध उत्पादक किसान लंबे समय से कीमत बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इस मुद्दे पर विधान परिषद में भी किसानों को राहत देने की मांग उठी थी। विरोध प्रदर्शन के दौरान दूध उत्पादक किसानों ने कम कीमत मिलने की समस्या उठाई थी। इसके बाद किसान सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों से मुलाकात की थी।

किसानों ने दूध की कीमत में कम से कम 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की मांग की थी। हालांकि, सरकार ने चर्चा के बाद 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया। इसमें से 7 रुपये किसानों को और 1 रुपया सहकारी समितियों को मिलेगा।

1 नवंबर से लागू होंगी नई दरें

कृष्णा बायरे गौड़ा के मुताबिक, दूध की कीमत बढ़ाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में पहले भी कई बार चर्चा हुई थी। गुरुवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पर सर्वसम्मति से फैसला लिया गया।

सरकार का कहना है कि दूध की कीमत बढ़ने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा। साथ ही, सहकारी समितियों को भी आर्थिक मदद मिलेगी। नई दरें 1 नवंबर से लागू होने के बाद किसानों को दूध के लिए बढ़ी हुई कीमत मिलने लगेगी।

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