News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. पशुपालन
  3. कम बारिश के कारण किसानों की बढ़ी परेशानी, बैलों को आश्रम में रखने को मजबूर किसान
पशुपालन

कम बारिश के कारण किसानों की बढ़ी परेशानी, बैलों को आश्रम में रखने को मजबूर किसान

किसानों का कहना है कि बैल उनके लिए केवल पशु नहीं, बल्कि खेती में वर्षों से साथ निभाने वाले साथी रहे हैं। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में चारे, पानी और रखरखाव का बढ़ता खर्च वहन करना कठिन हो गया है।

News Potli

News Potli·News Potli Desk·07 Oct 2026

बैलों को आश्रम में रखने को मजबूर किसान

बैलों को आश्रम में रखने को मजबूर किसान

राजकोट। गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में कम बारिश के कारण किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। बारिश की कमी के चलते पशुओं के लिए चारे और पीने के पानी की भारी किल्लत सामने आ रही है।
चारे और पानी की कमी के साथ-साथ खेती में बढ़ते मशीनीकरण और जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटने के कारण किसानों के लिए बैलों का पालन-पोषण करना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में कई किसान भारी मन से अपने वर्षों पुराने साथी बैलों को राजकोट के पास स्थित बैल आश्रम में रखने के लिए पहुंचा रहे हैं।

किसानों का कहना है कि बैल उनके लिए केवल पशु नहीं, बल्कि खेती में वर्षों से साथ निभाने वाले साथी रहे हैं। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में चारे, पानी और रखरखाव का बढ़ता खर्च वहन करना कठिन हो गया है।
खेती में ट्रैक्टर और आधुनिक मशीनों के बढ़ते उपयोग से बैलों पर निर्भरता भी कम हुई है। वहीं कम बारिश के कारण खेतों में चारा उपलब्ध नहीं हो रहा है। इन परिस्थितियों में किसान मजबूरी में अपने बैलों को आश्रम में छोड़ रहे हैं, ताकि उन्हें कम से कम पर्याप्त चारा और पानी मिल सके।
किसानों ने सरकार से मांग की है कि कम बारिश वाले क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और पीने के पानी की व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों और पशुपालकों को राहत मिल सके।

बैलों को आश्रम ले जाते हुए किसान
बैलों को आश्रम ले जाते हुए किसान

कम बारिश से चारे की किल्लत, किसान बैलों को आश्रम में रखने को मजबूर
सौराष्ट्र, राजकोट, द्वारका सहित आसपास के क्षेत्रों में इस वर्ष कम बारिश होने के कारण मूंगफली सहित कई फसलों को नुकसान हुआ है। चारे और पानी की कमी के चलते किसान अपने बैलों को आश्रम में रखने के लिए मजबूर हो गए हैं।
किसान समनभाई ने बताया, “बैलों को आश्रम में रखने का हमारा भी मन नहीं करता, लेकिन चारा उपलब्ध नहीं होने के कारण भारी मन से अपने बैलों को आश्रम में छोड़कर आना पड़ रहा है।”

(रिपोर्ट: हर्षदीप चारडिया, भावनगर)

News Potli.
Clip & Share
“

— कम बारिश के कारण किसानों की बढ़ी परेशानी, बैलों को आश्रम में रखने को मजबूर किसान

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Gujarat FarmersLivestock FarmersRajkot FarmersFodder ShortageWater ShortageBullocksCattle ShelterDrought
News Potli

About the Author

News Potli

News Potli Desk

Related Coverage

और पढ़ें

नंदिनी दूध पर बड़ा फैसला, ₹8 तक बढ़ सकती है कीमत
पशुपालन

नंदिनी दूध पर बड़ा फैसला, ₹8 तक बढ़ सकती है कीमत

दूध उत्पादक संघों ने पहले 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की मांग की थी। उनका कहना है कि पशु चारा, दवाइयों, परिवहन और पैकेजिंग का खर्च बढ़ने से दूध उत्पादन की लागत बढ़ गई है। सूखे के कारण चारे की कमी ने डेयरी किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है।

Pooja Rai·07 Oct 2026
टूना मछली खाने से घबराने की जरूरत नहीं, ICAR-CMFRI ने बताया सुरक्षित
पशुपालन

टूना मछली खाने से घबराने की जरूरत नहीं, ICAR-CMFRI ने बताया सुरक्षित

ICAR-CMFRI के मुताबिक, मछली को खाने से पहले उसकी सफाई और अंदरूनी हिस्से को ठीक से निकालना जरूरी है। मछली को अच्छी तरह साफ करने के बाद उसे सही तरीके से पकाना भी उतना ही जरूरी है।

News Potli·28 Sep 2026
बिहार के मछली पालकों के लिए बड़ी खबर, सीवान में बनेगा आधुनिक फिशरीज इंफ्रास्ट्रक्चर
पशुपालन

बिहार के मछली पालकों के लिए बड़ी खबर, सीवान में बनेगा आधुनिक फिशरीज इंफ्रास्ट्रक्चर

NABARD के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के तहत मछली पालन की यूनिट, मछली के बीज तैयार करने वाले सेंटर और हैचरी बनाए जाएंगे। इसके अलावा मछली की खरीद-बिक्री के लिए कलेक्शन और लैंडिंग सेंटर, कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड-चेन की सुविधा भी विकसित की जाएगी।

Pooja Rai·26 Sep 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs