खेती के साथ पशुपालन करके किसान अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं। इसी को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने नई योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत देसी नस्ल की गाय खरीदने वाले किसानों को प्रति गाय 40 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी। वहीं, पशुओं के बीमा का 85 फीसदी खर्च भी सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी दी गई।
पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मिशन का मकसद किसानों की आमदनी बढ़ाना, पशुपालन से रोजगार के नए अवसर पैदा करना और दूध समेत पशुओं से मिलने वाले दूसरे उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देना है।
इन देसी नस्लों की गाय खरीदने पर मिलेगी सब्सिडी
योजना के तहत साहीवाल, गिर, हरियाणा, थारपारकर और गंगातीरी जैसी देसी नस्लों की गाय खरीदने वाले किसान सब्सिडी के पात्र होंगे। एक गाय खरीदने पर 40 हजार रुपये और दो गाय खरीदने पर 80 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। किसान इन नस्लों की गाय दूसरे राज्यों से भी खरीद सकते हैं और योजना के तहत सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।
पशुओं के बीमा पर सरकार देगी 85% पैसा
इस मिशन के तहत पशुओं का बीमा कराने में भी किसानों को राहत मिलेगी। बीमा प्रीमियम का 85 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार देगी, जबकि किसान को सिर्फ 15 फीसदी खर्च उठाना होगा। इससे पशुपालकों पर बीमा का आर्थिक बोझ कम होगा और वे अपने पशुओं का बीमा कराने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
गाय-भैंस के साथ बकरी और मुर्गी पालन को भी बढ़ावा
राज्य पशुधन मिशन सिर्फ गाय पालन तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत बकरी पालन, मुर्गी पालन, सुअर पालन और भेड़ पालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, कृत्रिम गर्भाधान जैसी तकनीकों की मदद से देसी नस्ल के पशुओं की गुणवत्ता और दूध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
धर्मपाल सिंह के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पशुपालन और दूध उत्पादन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य में अंडे, ऊन और मांस का उत्पादन भी बड़े पैमाने पर होता है। हालांकि, पशुओं की कम उत्पादकता, उत्पादों की बिक्री की कमजोर व्यवस्था, प्रोसेसिंग की कमी और पशुओं से जुड़ा डिजिटल रिकॉर्ड ठीक से न होने जैसी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
सरकार का कहना है कि इस मिशन के जरिए इन समस्याओं को दूर करने और पशुपालकों को अपने उत्पादों की बेहतर कीमत दिलाने की कोशिश की जाएगी। सरकार चाहती है कि किसान सिर्फ फसल की खेती पर निर्भर न रहें, बल्कि पशुपालन को भी कमाई का एक जरिया बनाएं।
मुर्गी पालन के लिए भी मिल रहे 100 चूजे मुफ्त
मंत्री ने बताया कि राज्य में मुर्गी पालन को बढ़ावा देने के लिए पहले से भी सहायता दी जा रही है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को 100 चूजे मुफ्त दिए जाते हैं, ताकि वे छोटे स्तर पर मुर्गी पालन शुरू कर सकें और अपनी आमदनी बढ़ा सकें।
यह पहल केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पशुधन मिशन की तर्ज पर शुरू की गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य पशुपालन से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देना और किसानों के लिए कमाई के नए रास्ते तैयार करना है।





