News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  3. हर साल बिहार में बाढ़ क्यों आती है? आखिर क्या है इसकी असली वजह
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

हर साल बिहार में बाढ़ क्यों आती है? आखिर क्या है इसकी असली वजह

बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की असली वजह क्या है? यह खबर इसी सवाल का जवाब है।

Pooja Rai

Pooja Rai·04 Aug 2026

बिहार बाढ़

बिहार बाढ़

हर साल मॉनसून आते ही बिहार के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। कई सारे गांव पानी में डूब जाते हैं, हज़ारों लोगों का जनजीवन प्रभावित होता है और हर साल यही तस्वीर दोहराई जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिहार में लगभग हर साल बाढ़ क्यों आती है? आखिर नेपाल में होने वाली बारिश का असर बिहार पर इतना ज्यादा क्यों पड़ता है और कोसी नदी को "बिहार का शोक" क्यों कहा जाता है?

News Potli की इस खास ग्राउंड रिपोर्ट में इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की गई है। उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों से की गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कोसी, बागमती, गंडक और बूढ़ी गंडक जैसी नदियां हर साल तबाही क्यों मचाती हैं। साथ ही यह भी समझाया गया है कि नेपाल में होने वाली बारिश, नदियों का बदलता रास्ता और गाद (सिल्ट) जमा होने जैसी वजहें बिहार को देश के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित राज्यों में क्यों शामिल करती हैं।
न्यूज़पोटली के लिए यह ग्राउंड रिपोर्ट मोहम्मद जलिश ने तैयार की है।


पूरी रिपोर्ट —

News Potli.
Clip & Share
“

— हर साल बिहार में बाढ़ क्यों आती है? आखिर क्या है इसकी असली वजह

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Bihar FloodGround ReportsNewsPotli
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

उमस भरी गर्मी के बीच चूल्हे पर खाना बनाती सीतापुर जिले के टॉपरपुरवा गाँव की सोनी देवी।
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

ब‍िजली का दावा और जमीनी हकीकत: ग्रामीण मह‍िलाओं पर दोहरी मार

देश में लगभग हर घर तक बिजली पहुंचने के सरकारी दावों के बावजूद, ग्रामीण भारत के कई इलाकों में आज भी भरोसेमंद बिजली आपूर्ति एक चुनौती है। ग्रामीण भारत में 82.1% महिलाएं बिना वेतन वाले घरेलू काम करती हैं और रोजाना औसतन 301 मिनट इसमें बिताती हैं। ऐसे में बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की कमी का सबसे बड़ा बोझ उन्हीं महिलाओं पर पड़ता है, जिनका अधिकांश समय घर के कामों में गुजरता है।

Jayant Mishra·27 Jul 2026
सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने खत्म किया अपना अनशन
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

केन-बेतवा आंदोलन में बड़ा घटनाक्रम, अमित भटनागर ने 18 दिन बाद खत्म किया अनशन

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर 18 दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने मां के आग्रह पर नारियल पानी पीकर उपवास तोड़ा।

Pooja Rai·25 Jul 2026
अपनी मांगों को लेकर आद‍िवास‍ियों ने लगातार 17 द‍िनों तक आंदोलन क‍िया।
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

'जल, जंगल और जमीन के ल‍िए आद‍िवास‍ियों की लड़ाई जारी रहेगी'

मध्‍य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा योजना से प्रभाव‍ित आद‍िवास‍ियों का सत्‍याग्रह भले ही खत्‍म करवा द‍िया गया है। लेक‍िन ग्रामीणों का कहना है क‍ि मांगों पूरी न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Mithilesh·21 Jul 2026·3 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs