News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  3. केन-बेतवा आंदोलन में बड़ा घटनाक्रम, अमित भटनागर ने 18 दिन बाद खत्म किया अनशन
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

केन-बेतवा आंदोलन में बड़ा घटनाक्रम, अमित भटनागर ने 18 दिन बाद खत्म किया अनशन

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर 18 दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने मां के आग्रह पर नारियल पानी पीकर उपवास तोड़ा।

Pooja Rai

Pooja Rai·25 Jul 2026

सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने खत्म किया अपना अनशन

सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने खत्म किया अपना अनशन

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और अन्य सिंचाई योजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर 18 दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अपने गृह नगर बिजावर पहुंचने पर उन्होंने मां के आग्रह पर नारियल पानी पीकर उपवास तोड़ा।

यह आंदोलन 3 जुलाई को शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारी केन-बेतवा लिंक परियोजना और अन्य सिंचाई योजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजा वितरण और कानूनी अधिकारों से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे थे।

ये भी पढ़ें- 'जल, जंगल और जमीन के ल‍िए आद‍िवास‍ियों की लड़ाई जारी रहेगी'

19 जुलाई को बराना नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कुपी गांव स्थित धरना स्थल खाली करा दिया था। इसके बाद अमित भटनागर को पहले बिजावर सिविल अस्पताल और फिर जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया।

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिकअमित भटनागर ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति, राजनीतिक दल या सरकार के खिलाफ नहीं है। उन्होंने प्रशासन द्वारा नए सिरे से सर्वे कराने और संयुक्त जांच दल (Joint Investigation Team) गठित करने के फैसले का स्वागत किया। उनका कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होती है, तो यह आंदोलन की बड़ी उपलब्धि होगी।

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना क्या है और आदिवासी इसका विरोध क्यों कर रहे हैं? इसकी पूरी ग्राउंड रिपोर्ट यहां पढ़ें-

News Potli.
Clip & Share
“

— केन-बेतवा आंदोलन में बड़ा घटनाक्रम, अमित भटनागर ने 18 दिन बाद खत्म किया अनशन

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक ऑड्रे हाउस में आयोजित दो दिवसीय 'जलवायु अखड़ा' कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हो गया।
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

रांची में 'जलवायु अखड़ा' का समापन, राज्यपाल बोले- जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए मिलकर करना होगा काम

रांची में आयोजित दो दिवसीय 'जलवायु अखड़ा' कार्यक्रम का समापन हो गया। समापन समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के 'भारत पंचामृत मिशन' और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

Pooja Rai·23 Jul 2026
कल्पना सोरेन ने कहा कि झारखंड के आदिवासी और मूलवासी समुदायों के पारंपरिक ज्ञान और प्रकृति से जुड़े जीवन मूल्यों को अपनाकर जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का बेहतर समाधान निकाला जा सकता है।
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

"जलवायु परिवर्तन जैसी बड़ी चुनौती से निपटने के लिए छोटे-छोटे लेकिन लगातार प्रयास जरूरी हैं": कल्पना सोरेन

रांची में आयोजित दो दिवसीय 'जलवायु अखड़ा' कार्यक्रम में विधायक कल्पना सोरेन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसी बड़ी चुनौती से निपटने के लिए छोटे-छोटे लेकिन लगातार प्रयास जरूरी हैं। सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, जस्ट ट्रांजिशन, खेती, आजीविका और स्थानीय समाधान जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञों और विभिन्न संगठनों ने चर्चा की।

Pooja Rai·23 Jul 2026
 झारखंड की राजधानी रांची स्थित ऑड्रे हाउस में दो दिवसीय 'जलवायु अखड़ा 2026 – रेजिलिएंट झारखंड समिट' की शुरुआत हो गई है।
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

जलवायु परिवर्तन और टिकाऊ विकास पर रांची में मंथन, 'जलवायु अखड़ा 2026' की शुरुआत

रांची के ऑड्रे हाउस में दो दिवसीय 'जलवायु अखड़ा 2026 – रेजिलिएंट झारखंड समिट' की शुरुआत हो गई है। इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ आजीविका, जस्ट ट्रांजिशन और स्थानीय समाधान जैसे मुद्दों पर नीति निर्माताओं, विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और युवाओं के बीच मंथन होगा।

Pooja Rai·22 Jul 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs