News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  3. International Potato Day 2024: आलू आम भी और ख़ास भी, जाने क्यों
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

International Potato Day 2024: आलू आम भी और ख़ास भी, जाने क्यों

आलू एक ऐसी सब्ज़ी है जिसे समाज के हर वर्ग के लोग पसंद करते हैं और सस्ता होने की वजह से इसको पाना भी आसान है, इसे पकाना भी आसान है। सब्ज़ी, समोसा से लेकर फ्रेंच फ्राइज़ तक, आलू का उपयोग कई तरह के व्यंज

Pooja Rai

Pooja Rai·30 May 2024· 2 min read

International Potato Day 2024: आलू आम भी और ख़ास भी, जाने क्यों

आलू एक ऐसी सब्ज़ी है जिसे समाज के हर वर्ग के लोग पसंद करते हैं और सस्ता होने की वजह से इसको पाना भी आसान है, इसे पकाना भी आसान है। सब्ज़ी, समोसा से लेकर फ्रेंच फ्राइज़ तक, आलू का उपयोग कई तरह के व्यंजन बनाने में किया जाता है।

दिसंबर 2023 में, महासभा ने घोषणा की कि हर वर्ष 30 मई को दुनिया भर में मुख्य भोजन के रूप में आलू के पोषण मूल्य और महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय आलू दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसलिए 30 मई, वर्ष 2024 यानी आज पहला अंतर्राष्ट्रीय आलू दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय आलू दिवस का विषय है - हार्वेस्टिंग डायवर्सिटी, फीडिंग होप।

आज संयुक्त राष्ट्र ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लिखा है, ''आलू एक जलवायु-अनुकूल फसल भी है, क्योंकि यह अन्य फसलों की तुलना में कम स्तर का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पैदा करता है।''


आम क्यों है आलू?
आलू आम इसलिए है क्योंकि इसे सभी वर्गों के लोग आसानी से पा सकते हैं या इसलिए भी क्योंकि इसे सभी अन्य सब्ज़ियों के साथ मिलाकर बनाया जा सकता है और आम इसलिए भी क्योंकि जहां पर प्राकृतिक संसाधन, विशेष रूप से कृषि योग्य भूमि और पानी सीमित हैं और खेती के लागत मूल्य महँगे हैं, वहाँ पर आलू की खेती आसानी से हो जाती है।इसका फसल विभिन्न परिस्थितियों में भी बढ़ने की क्षमता रखता है, इसलिए ये एक लाभकारी फसल माना जाता है।

आलू ख़ास क्यों है?
आलू ख़ास इसलिए है क्योंकि ये विश्व भर में खाद्य सुरक्षा को पूरा करने और कुपोषण को कम करने में सहयोगी माना जाता है। आलू की खेती में ज़्यादा लागत मूल्य नहीं लगता और आमदनी अच्छी हो जाती है, इसलिए ये किसानों के लिये ख़ास हो जाता है क्योंकि ये किसानों को आर्थिक रूप से मज़बूत करता है।सब्ज़ी तो हर वर्ग के लोग खाते ही है लेकिन ये आलू अमीरों के लिये इसलिए ख़ास हो जाता है क्योंकि दुनिया भर में आलू के सबसे पसंदीदा व्यंजनों में से एक फ़्रेंच फ्राइज़ और फ्रिटर्स है, जिसे ज़्यादा तर अमीर लोग ही खाते हैं। और ख़ास इसलिए भी है क्योंकि इसमें पोटैशियम, विटामिन सी और विटामिन बी 9 जैसे पोषक तत्व पाए जाते है, जो हमारे शरीर की विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।

News Potli.
Clip & Share
“

— International Potato Day 2024: आलू आम भी और ख़ास भी, जाने क्यों

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newskheti kisaniNews Potlipotato rate todaypotatoe farming
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

बिहार बाढ़
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

हर साल बिहार में बाढ़ क्यों आती है? आखिर क्या है इसकी असली वजह

बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ की असली वजह क्या है? यह खबर इसी सवाल का जवाब है।

Pooja Rai·04 Aug 2026
उमस भरी गर्मी के बीच चूल्हे पर खाना बनाती सीतापुर जिले के टॉपरपुरवा गाँव की सोनी देवी।
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

ब‍िजली का दावा और जमीनी हकीकत: ग्रामीण मह‍िलाओं पर दोहरी मार

देश में लगभग हर घर तक बिजली पहुंचने के सरकारी दावों के बावजूद, ग्रामीण भारत के कई इलाकों में आज भी भरोसेमंद बिजली आपूर्ति एक चुनौती है। ग्रामीण भारत में 82.1% महिलाएं बिना वेतन वाले घरेलू काम करती हैं और रोजाना औसतन 301 मिनट इसमें बिताती हैं। ऐसे में बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की कमी का सबसे बड़ा बोझ उन्हीं महिलाओं पर पड़ता है, जिनका अधिकांश समय घर के कामों में गुजरता है।

Jayant Mishra·27 Jul 2026
सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने खत्म किया अपना अनशन
ग्राउन्ड रिपोर्ट्स

केन-बेतवा आंदोलन में बड़ा घटनाक्रम, अमित भटनागर ने 18 दिन बाद खत्म किया अनशन

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर 18 दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने मां के आग्रह पर नारियल पानी पीकर उपवास तोड़ा।

Pooja Rai·25 Jul 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs