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Dairy Farming: झारखंड में पशुपालन के लिए मिलेगी 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी, ऐसे करें अप्लाई

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का उद्देश्य झारखंड के किसानों को पशुपालन में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले मवेशी खरीदने और डेयरी व्यवसाय शुरू करने के

Pooja Rai

Pooja Rai·22 Jul 2024· 3 min read

Dairy Farming: झारखंड में पशुपालन के लिए मिलेगी 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी, ऐसे करें अप्लाई

Dairy Farming: झारखंड में पशुपालन के लिए मिलेगी 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी, ऐसे करें अप्लाई

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना(Chief Minister Pashudhan Vikas Yojana) का उद्देश्य झारखंड(Jharkhand) के किसानों को पशुपालन में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले मवेशी खरीदने और डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए सब्सिडी दी जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में रोज़गार के अवसर खुलेंगे और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

भारत के किसी भी राज्य के ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के रोज़गार के दो मुख्य श्रोत हैं एक कृषि और दूसरा पशुपालन। लेकिन कृषि उन्हीं लोगों के लिए आय का साधन हो सकता है जिनके पास अपन कृषि योग्य भूमि हो, जिनके पास खेत नहीं है उनके लिए पशुपालन रोज़गार का एक अच्छा विकल्प है।इसी क्रम में झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की शुरुआत की है।
यह योजना झारखंड के पशुपालन सेक्टर को मजबूत करने और किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने में मुख्य भूमिका निभाएगी। इस योजना के माध्यम से राज्य के किसानों तथा पशुपालकों को दुधारू पशुओं के साथ-साथ सूकर, बकरा-बकरी, बत्तख तथा कुकुट पालन आदि का व्यवसाय शुरू करने के लिए यूनिट की कुल लागत की 90% तक की सब्सिडी दी जाएगी।यह योजना राज्य में दूध, मांस तथा अंडा उत्पादन में वृद्धि करके किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी।

90 प्रतिशत तक मिलेगी सब्सिडी
झारखंड सरकार मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत दुधारू पशुओं की खरीद के लिए अनाथों, दिव्यांग व्यक्तियों, विधवाओं और निःसंतान दंपत्तियों को 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा अन्य आर्थिक रूप से पिछले समूहों के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। शेष राशि किसानों को खुद से चुकानी पड़ेगी। योजना के तहत लाभ देने के लिए महिला किसानों, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों को विशेष प्राथमिकता दी जायेगी।सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
ये भी पढ़ें -फलों और सब्ज़ियों का भंडारण करना होगा आसान, किसानों को सोलर पैनल चैम्बर लगवाने पर राज्य सरकार 12.5 लाख की देगी सब्सिडी

कौन कर सकता है आवेदन
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से लाभ लेने के लिए

आवेदन झारखंड का निवासी होना चाहिए।

योजना का लाभ केवल पशुपालकों तथा किसानों को ही दिया जाएगा।

आवेदक को पशुपालन संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त होना चाहिए।

पशुओं की यूनिट लगाने के लिए पर्याप्त जमीन का होना आवश्यक है।

सभी दिव्यांग तथा निराश्रित महिलाएं विशेष रूप से योजना के लिए पत्र होगी।

आवेदन करने के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स

आधार कार्ड

राशन कार्ड

निवास प्रमाण पत्र

जमीन संबंधी दस्तावेज

प्रशिक्षण का कोई सर्टिफिकेट (यदि हो तो)

विकलांगता की स्थिति में विकलांग प्रमाण पत्र

यदि आवेदक महिला विधवा है तो विधवा प्रमाण पत्र

बैंक खाता पासबुक

मोबाइल नंबर

पासपोर्ट साइज फोटो

कैसे करें अप्लाई

योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑफलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की कोई प्रक्रिया नहीं दी गई है।

सबसे पहले अपने नजदीकी पशुपालन कार्यालय में संपर्क करें।

पशुपालन कार्यालय आपको आपके क्षेत्रीय पशु चिकित्सा हॉस्पिटल या फिर ब्लॉक में मिल जाएगा।

पशुपालन विभाग कार्यालय में जाकर सबसे पहले मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर ले।

इसके बाद आपको एक आवेदन फार्म दिया जाएगा।

अब इस फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी को दर्ज करें तथा आवश्यक दस्तावेजों की फोटोकॉपी करके फॉर्म के साथ अटैच कर दें।

अब आप यह फार्म वहीँ जमा कर दें जहां से अपने प्राप्त किया था।

पशुपालन विभाग द्वारा आपके आवेदन और दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

यदि सब कुछ सही पाया जाता है तो योजना का लाभ दे दिया जाएगा।

अधिक जानकारी के लिए राज्य के विभागीय वेबसाइट
https://animalhusbandry.jharkhand.gov.in/hi/home-flagship-scheme/ पर जाएं।

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