News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. पशुपालन
  3. दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?
पशुपालन

दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?

भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर वन है, लेकिन प्रति पशु दूध कम और लागत ज्यादा है। NDDB के मुताबिक अगर पशुपालक वैज्ञानिक तरीके अपनाएं—जैसे सही चारा, अच्छी नस्ल, समय पर टीकाकरण, बछड़ा पालन और डिजिटल

Pooja Rai

Pooja Rai·12 Jan 2026· 3 min read

दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?

दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?

भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर वन है, लेकिन प्रति पशु दूध कम और लागत ज्यादा है। NDDB के मुताबिक अगर पशुपालक वैज्ञानिक तरीके अपनाएं जैसे सही चारा, अच्छी नस्ल, समय पर टीकाकरण, बछड़ा पालन और डिजिटल तकनीक—तो कम खर्च में दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और आमदनी भी बढ़ेगी।

भारत दुनिया में दूध उत्पादन में नंबर वन है। दुनिया के कुल दूध का करीब 25% दूध भारत में पैदा होता है। गाय के दूध के मामले में भी भारत सबसे आगे है। लेकिन इसके बावजूद भारत में एक पशु से निकलने वाला दूध कम है और दूध बनाने की लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे पशुपालकों का मुनाफा घट रहा है।

वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन जरूरी
पशुपालन और डेयरी विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है। असली दिक्कत यह है कि कई पशुपालक आज भी पुराने तरीकों से ही काम कर रहे हैं। अगर देश में वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन शुरू हो जाए, तो दूध उत्पादन भी बढ़ेगा और लागत भी अपने आप कम हो जाएगी।

NDDB ने बताए तरीके
इसी को ध्यान में रखते हुए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने पशुपालकों के लिए कुछ आसान और जरूरी सुझाव दिए हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि दुधारू पशु, बछिया और सूखे पशुओं को उनकी उम्र और जरूरत के हिसाब से चारा देना चाहिए। ऐसा करने से कम खर्च में ज्यादा दूध मिलेगा और पशुपालकों की आमदनी भी बढ़ेगी।

ये भी पढ़ें - देश की 73% खाद ज़रूरत स्वदेशी उत्पादन से पूरी: सरकार

फीड-फॉडर पर दें ध्यान
एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि फायदेमंद डेयरी के लिए अच्छी नस्ल के बैल के वीर्य से प्रजनन कराना जरूरी है। साथ ही पशुओं को वैज्ञानिक तरीके से तय किया गया फीड-फॉडर देना चाहिए और उनकी सही देखभाल करनी चाहिए। इलाज से बेहतर बचाव होता है, इसलिए समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है। इससे पशु स्वस्थ रहता है, उसकी उम्र बढ़ती है और दूध उत्पादन भी अच्छा होता है। इसके अलावा, समय-समय पर पेट के कीड़ों की दवा देने से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

डिजिटलीकरण की सलाह
डेयरी को मुनाफे का सौदा बनाने में बछड़ा पालन भी बहुत अहम है। एक्सपर्ट कहते हैं कि पशुपालन में बछड़ा भविष्य की कमाई होता है, इसलिए उसकी देखभाल पर खास ध्यान देना चाहिए।इसके साथ ही एक्सपर्ट ने डिजिटलीकरण की भी सलाह दी है। जैसे गायों के गले में काउ बेल्ट लगाने से बीमारी का पता पहले ही चल जाता है। इससे इलाज पर होने वाला खर्च कम होता है, पशु स्वस्थ रहता है और दूध उत्पादन पर भी कोई असर नहीं पड़ता।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
animal husbandrydairy businessDairy farmersmilk productionNDDBNews Potli
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

टूना मछली खाने से घबराने की जरूरत नहीं, ICAR-CMFRI ने बताया सुरक्षित
पशुपालन

टूना मछली खाने से घबराने की जरूरत नहीं, ICAR-CMFRI ने बताया सुरक्षित

ICAR-CMFRI के मुताबिक, मछली को खाने से पहले उसकी सफाई और अंदरूनी हिस्से को ठीक से निकालना जरूरी है। मछली को अच्छी तरह साफ करने के बाद उसे सही तरीके से पकाना भी उतना ही जरूरी है।

News Potli·28 Sep 2026
बिहार के मछली पालकों के लिए बड़ी खबर, सीवान में बनेगा आधुनिक फिशरीज इंफ्रास्ट्रक्चर
पशुपालन

बिहार के मछली पालकों के लिए बड़ी खबर, सीवान में बनेगा आधुनिक फिशरीज इंफ्रास्ट्रक्चर

NABARD के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के तहत मछली पालन की यूनिट, मछली के बीज तैयार करने वाले सेंटर और हैचरी बनाए जाएंगे। इसके अलावा मछली की खरीद-बिक्री के लिए कलेक्शन और लैंडिंग सेंटर, कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड-चेन की सुविधा भी विकसित की जाएगी।

Pooja Rai·26 Sep 2026
मछली पालन को बढ़ावा देने वाली नई तकनीक, ICAR ने विकसित किया ‘OVAQUA’
पशुपालन

मछली पालन को बढ़ावा देने वाली नई तकनीक, ICAR ने विकसित किया ‘OVAQUA’

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है और दुनिया के कुल मछली उत्पादन में करीब 8 फीसदी योगदान देता है। मत्स्य क्षेत्र से देश में करीब 3 करोड़ लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है।

News Potli·24 Sep 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs