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दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?

भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर वन है, लेकिन प्रति पशु दूध कम और लागत ज्यादा है। NDDB के मुताबिक अगर पशुपालक वैज्ञानिक तरीके अपनाएं—जैसे सही चारा, अच्छी नस्ल, समय पर टीकाकरण, बछड़ा पालन और डिजिटल

Pooja Rai

Pooja Rai·12 Jan 2026· 3 min read

दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?

दूध उत्पादन में नंबर वन, फिर भी पशुपालक परेशान क्यों?

भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर वन है, लेकिन प्रति पशु दूध कम और लागत ज्यादा है। NDDB के मुताबिक अगर पशुपालक वैज्ञानिक तरीके अपनाएं जैसे सही चारा, अच्छी नस्ल, समय पर टीकाकरण, बछड़ा पालन और डिजिटल तकनीक—तो कम खर्च में दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है और आमदनी भी बढ़ेगी।

भारत दुनिया में दूध उत्पादन में नंबर वन है। दुनिया के कुल दूध का करीब 25% दूध भारत में पैदा होता है। गाय के दूध के मामले में भी भारत सबसे आगे है। लेकिन इसके बावजूद भारत में एक पशु से निकलने वाला दूध कम है और दूध बनाने की लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे पशुपालकों का मुनाफा घट रहा है।

वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन जरूरी
पशुपालन और डेयरी विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है। असली दिक्कत यह है कि कई पशुपालक आज भी पुराने तरीकों से ही काम कर रहे हैं। अगर देश में वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन शुरू हो जाए, तो दूध उत्पादन भी बढ़ेगा और लागत भी अपने आप कम हो जाएगी।

NDDB ने बताए तरीके
इसी को ध्यान में रखते हुए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने पशुपालकों के लिए कुछ आसान और जरूरी सुझाव दिए हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि दुधारू पशु, बछिया और सूखे पशुओं को उनकी उम्र और जरूरत के हिसाब से चारा देना चाहिए। ऐसा करने से कम खर्च में ज्यादा दूध मिलेगा और पशुपालकों की आमदनी भी बढ़ेगी।

ये भी पढ़ें - देश की 73% खाद ज़रूरत स्वदेशी उत्पादन से पूरी: सरकार

फीड-फॉडर पर दें ध्यान
एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि फायदेमंद डेयरी के लिए अच्छी नस्ल के बैल के वीर्य से प्रजनन कराना जरूरी है। साथ ही पशुओं को वैज्ञानिक तरीके से तय किया गया फीड-फॉडर देना चाहिए और उनकी सही देखभाल करनी चाहिए। इलाज से बेहतर बचाव होता है, इसलिए समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है। इससे पशु स्वस्थ रहता है, उसकी उम्र बढ़ती है और दूध उत्पादन भी अच्छा होता है। इसके अलावा, समय-समय पर पेट के कीड़ों की दवा देने से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

डिजिटलीकरण की सलाह
डेयरी को मुनाफे का सौदा बनाने में बछड़ा पालन भी बहुत अहम है। एक्सपर्ट कहते हैं कि पशुपालन में बछड़ा भविष्य की कमाई होता है, इसलिए उसकी देखभाल पर खास ध्यान देना चाहिए।इसके साथ ही एक्सपर्ट ने डिजिटलीकरण की भी सलाह दी है। जैसे गायों के गले में काउ बेल्ट लगाने से बीमारी का पता पहले ही चल जाता है। इससे इलाज पर होने वाला खर्च कम होता है, पशु स्वस्थ रहता है और दूध उत्पादन पर भी कोई असर नहीं पड़ता।

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