हरियाणा सरकार राज्य के किसानों और खेतीहर मजदूरों के लिए 'मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना' चलाती है। सरकार इस योजना के तहत कृषि मशीनरी के प्रयोग के दौरान किसानों और खेतिहर मजदूरों के घायल होने या उनकी मौत होने पर आर्थिक सहायता के तौर पर पांच लाख रुपए देती है।
राज्य सरकार की तरफ से जारी एक अधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार ने किसानों, कृषि मजदूरों और मंडी यार्ड मजदूरों के लिए ' मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना ' के तहत आयु सीमा में बदलाव करने का फैसला किया है।
इस योजना के तहत किसान या मजदूर की मौत होने पर आर्थिक सहायता के तौर पर पांच लाख रुपए दिए जाते हैं जबकि स्थायी रूप से अपंग होने पर एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है और आंशिक रूप से अपंग होने पर 10,000 से 40,000 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता पीड़ित को दिया जाता है।
उम्र सीमा में बदलाव
इस योजना का लाभ पहले 10 से 65 साल की उम्र तक के किसान लेते थे लेकिन अब सरकार ने उम्र में बदलाव कर दिया है। हरियाणा सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि "अब 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इस योजना के तहत, कृषि मशीनरी चलाते समय मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में किसानों, कृषि मजदूरों और मंडी यार्ड मजदूरों को 37,500 रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता दी जाती है।
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किसान और खेतिहर मजदूरों के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, इस योजना में किया बदलाव
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Pooja Rai·07 Jun 2024· 2 min read

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