उत्तर प्रदेश में किसानों को खेती-किसानी के लिए मिलने वाले कर्ज पर बड़ी राहत दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से किसानों को अब तक 11 फीसदी ब्याज पर कर्ज मिलता था। अब इसकी ब्याज दर घटाकर 6 फीसदी कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य आने वाले कुछ वर्षों में 5 लाख लघु और सीमांत किसानों को इस योजना का लाभ देना है।
मिलेगा लंबी अवधि का कर्ज
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खेती-बाड़ी और कृषि मशीनरी के लिए पैसों की कमी न हो, इसके लिए लंबी अवधि के ऋण की व्यवस्था की गई है। यानी किसान खेती से जुड़े जरूरी कामों और मशीनरी की जरूरत पूरी करने के लिए कम ब्याज पर कर्ज ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा तो देश भी खुशहाल होगा। सरकार की कोशिश है कि किसानों को बीज से लेकर बाजार तक जरूरी सुविधाएं मिलें। इसके लिए पैक हाउस, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, एफपीओ और कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिए किसानों को तकनीकी मदद दी जा रही है। सहकारिता के माध्यम से अलग-अलग जगहों पर 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के वेयरहाउस भी तैयार किए जा रहे हैं।
सिंचाई और गन्ना भुगतान पर भी सरकार का दावा
मुख्यमंत्री के मुताबिक, 2017 के बाद प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है। वहीं 16 लाख से ज्यादा निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को मुफ्त बिजली और नहर व सरकारी ट्यूबवेल से मुफ्त सिंचाई की सुविधा दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस समय 122 चीनी मिलें चल रही हैं और पिछले नौ वर्षों में किसानों को 3.30 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है।
सहकारिता से जुड़े 54 लाख नए सदस्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी बैंकों की स्थिति में भी सुधार हुआ है। उनके मुताबिक, 16 में से 15 सहकारी बैंक अब मुनाफे में आ चुके हैं। वहीं सहकारिता क्षेत्र से 54 लाख नए सदस्य जुड़े हैं। पैक्स को मिलने वाली ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सीमा भी 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये की गई है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कृषक समृद्धि पोर्टल, उर्वरक के लिए मोबाइल ऐप और सहकारिता से जुड़ी डिजिटल सेवाओं की शुरुआत भी की।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी सेवा की भी शुरुआत की। इसके तहत टैक्सी, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालक जीरो कमीशन पर जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ में रैपिडो के जरिए यात्रियों को पहुंचाने के अनुभव का जिक्र करते हुए ग्रामीण बस सेवा को भी इसी तरह आगे बढ़ाने की बात कही।





