लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए बड़ी घोषणा की है। अब मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति माह कर दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद और पात्र छात्रों तक पहुंचाया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की 172वीं बैठक में दिए। बैठक में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना की अवधि 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2030 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
मंडियों को बनाया जाएगा आधुनिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मंडियों को आधुनिक बनाया जाए ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए मंडियों में पेयजल, साफ-सफाई, बिजली और रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि मंडियों में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत कृषि प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) इकाइयों को बढ़ावा दिया जाए। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
ई-नाम और प्राकृतिक खेती पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने ज्यादा से ज्यादा मंडियों को ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) से जोड़ने, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन को आगे बढ़ाने और हर जिले में जैविक उत्पादों के प्रमाणन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
2026-27 का बजट मंजूर
संचालक मंडल ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना के संचालन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 2,228.59 करोड़ रुपये की अनुमानित आय को मंजूरी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि मंडी समितियों की आय 2024-25 में 1,991.33 करोड़ रुपये थी, जो 2025-26 में बढ़कर 2,305.80 करोड़ रुपये हो गई। यानी इसमें करीब 15.79% की बढ़ोतरी हुई है।
कृषि प्रसंस्करण और किसान बाजार पर खर्च
बजट में मंडियों के निर्माण और विस्तार, संपर्क मार्गों की मरम्मत, ग्रामीण हाट, किसान बाजार, गोवंशी आश्रय स्थल, छात्रावास और मंडी समितियों के लिए जमीन खरीद जैसे कामों के लिए धन रखा गया है। पहले से मंजूर निर्माण कार्यों के लिए 1,212.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा, मूल्य समर्थन योजना (MSP) के तहत दलहन और तिलहन की खरीद को मजबूत बनाने के लिए सहकारी संस्थाओं को ब्याजमुक्त कार्यशील पूंजी देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।





