केले की खेती से अच्छी कमाई के लिए अब किसान पारंपरिक पौधों की जगह Tissue Culture पौधों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे एक जैसे और स्वस्थ पौधे तैयार किए जा सकते हैं और बाग में पौधों की बेहतर बढ़वार के साथ उत्पादन को भी बढ़ावा मिलता है। किसानों को इस आधुनिक तकनीक को अपनाने में मदद देने के लिए बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग की ओर से Tissue Culture केला की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसके तहत Micro Irrigation यानी सूक्ष्म सिंचाई के साथ Tissue Culture केले की खेती करने वाले किसानों को ₹70,000 तक का अनुदान दिया जाएगा। सरकार का मकसद किसानों को आधुनिक तकनीक से केले की खेती के लिए प्रोत्साहित करना और सिंचाई में पानी की बचत के साथ उत्पादन बढ़ाना है।
दो किस्तों में मिलेगा अनुदान
इस योजना के तहत किसानों को मिलने वाला अनुदान दो किस्तों में दिया जाएगा। पहली किस्त के तौर पर ₹42,000 यानी 60 फीसदी और दूसरी किस्त के तौर पर ₹28,000 यानी 40 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। यानी पात्र किसान को कुल मिलाकर ₹70,000 तक की सहायता मिल सकती है।
Tissue Culture केला क्या है?
Tissue Culture तकनीक से तैयार केले के पौधे प्रयोगशाला में तैयार किए जाते हैं। इन पौधों की खासियत यह होती है कि ये एक समान और स्वस्थ पौधों के रूप में तैयार किए जाते हैं। केले की खेती में ऐसे पौधों के इस्तेमाल से बाग में पौधों की एक जैसी बढ़वार बनाए रखने में मदद मिलती है।
इसके साथ Micro Irrigation का इस्तेमाल करने से पौधों तक जरूरत के मुताबिक पानी पहुंचाया जा सकता है। इससे सिंचाई के दौरान पानी की बर्बादी कम करने में मदद मिलती है।
किसानों को क्या करना होगा?
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को Tissue Culture केले की खेती Micro Irrigation के साथ करनी होगी। सरकार के मुताबिक खेत में लगाए गए पौधों की स्थिति और उनके जीवित रहने के आधार पर अनुदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। योजना और आवेदन से जुड़ी विशेष जानकारी के लिए किसान उद्यान निदेशालय, बिहार, पटना से संपर्क कर सकते हैं।





