तेलंगाना के किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र के सामने अपनी मांगें रखी हैं। तेलंगाना के कृषि मंत्री टी. नागेश्वर राव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस दौरान दलहन की सरकारी खरीद, ऑयल पाम की खेती, कृषि योजनाओं और किसानों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
अरहर, उड़द और मसूर की खरीद पर क्या बोला केंद्र?
बैठक में दलहन की सरकारी खरीद का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार अरहर (तुअर), उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद MSP पर सुनिश्चित करती है। वहीं, दूसरी दलहन फसलों की 25 प्रतिशत तक खरीद PM-AASHA के तहत की जाती है। तेलंगाना सरकार ने राज्य में दलहन की खरीद व्यवस्था को लेकर केंद्र के सामने अपनी बात रखी, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो और उन्हें MSP का लाभ मिल सके।
ऑयल पाम के लिए MSP की मांग
तेलंगाना सरकार ने ऑयल पाम किसानों के लिए MSP तय करने की मांग भी केंद्र के सामने रखी। इसके साथ ही राज्य में ऑयल पाम पर रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए रिसर्च स्टेशन स्थापित करने का अनुरोध किया गया।
ऑयल पाम की खेती तेलंगाना में बढ़ रही है। ऐसे में किसानों के लिए उपज का बेहतर और भरोसेमंद दाम तय होना अहम माना जा रहा है। हालांकि, MSP को लेकर अभी केंद्र की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
कृषि योजनाओं को तेजी से लागू करने पर जोर
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि केंद्र की कृषि योजनाओं को तेलंगाना में जल्द से जल्द लागू किया जाए। केंद्रीय कृषि मंत्री ने दलहन और तिलहन मिशन को तेजी से आगे बढ़ाने की बात कही।
बताया गया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत तेलंगाना को 100 प्रतिशत राशि जारी की जा चुकी है। वहीं, कृषोन्नति योजना के तहत 329 करोड़ रुपये राज्य को दिए जा चुके हैं। अब इन योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने पर जोर है।
किसानों को प्रमाणित बीज दिलाने पर भी चर्चा
किसानों को नकली या घटिया बीज से बचाने और प्रमाणित बीज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए SATHI Portal को तेलंगाना में प्राथमिकता के साथ लागू करने की बात कही गई।
इस पोर्टल के जरिए बीज के उत्पादन, प्रमाणन, लाइसेंस, स्टॉक और बिक्री से जुड़ी जानकारी को डिजिटल तरीके से ट्रैक किया जा सकता है। इससे किसानों तक पहुंचने वाले बीज की पूरी जानकारी रखने में मदद मिलेगी।





