News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. सरकारी योजना
  3. तमिलनाडु का पहला कृषि बजट: प्राकृतिक खेती, AI और फसल बीमा पर सरकार का जोर
सरकारी योजना

तमिलनाडु का पहला कृषि बजट: प्राकृतिक खेती, AI और फसल बीमा पर सरकार का जोर

तमिलनाडु सरकार ने अपने पहले कृषि बजट में AI, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया है। सरकार 600 करोड़ रुपये से सॉइल फर्टिलिटी मिशन शुरू करेगी, किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड देगी और PM फसल बीमा योजना के लिए 649 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साथ ही कपास उत्पादन बढ़ाने और किसानों को मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रखने की भी घोषणा की गई है।

Pooja Rai

Pooja Rai·07 Aug 2026

तमिलनाडु सरकार ने अपने पहले कृषि बजट में AI, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया है।

तमिलनाडु सरकार ने अपने पहले कृषि बजट में AI, प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया है।

तमिलनाडु की नई सरकार ने अपना पहला कृषि बजट पेश किया है। इस बजट में पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर खास जोर दिया गया है। सरकार ने प्राकृतिक और जैविक खेती, मिट्टी की सेहत सुधारने, दाल और तिलहन उत्पादन बढ़ाने, मोटे अनाज (मिलेट्स) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया है

मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए नया मिशन

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर. विनोद ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का कृषि बजट पेश किया। सरकार अगले 5 वर्षों के लिए तमिलनाडु मृदा उर्वरता मिशन (Soil Fertility Mission) शुरू करेगी। इस पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत पहली बार राज्य के किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड दिए जाएंगे। हालांकि यह सुविधा केवल फार्मर आईडी वाले किसानों को मिलेगी।

कपास की खेती बढ़ाने के लिए नया मिशन

राज्य सरकार ने 5 वर्षीय कॉटन रेनेसां मिशन भी शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत हाई डेंसिटी प्लांटिंग, अल्ट्रा हाई डेंसिटी प्लांटिंग, आधुनिक फसल प्रबंधन और सहफसली खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य कपास की पैदावार बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार करना है।

फसल बीमा के लिए 649 करोड़ रुपये

सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के लिए 649 करोड़ रुपये का बजट रखा है। यह योजना 37 जिलों के 14 क्लस्टरों में लागू होगी और तीनों फसल सीजन को कवर करेगी।

सरकार का दावा है कि इससे 36 लाख एकड़ खेती को बीमा सुरक्षा मिलेगी और करीब 15 लाख किसानों को लाभ होगा। योजना से जुड़ने वाले सभी पात्र किसानों को शामिल करने के लिए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी।

केंद्र की योजनाओं का भी मिलेगा लाभ

राज्य सरकार ने साफ किया है कि वह कृषि क्षेत्र में केंद्र सरकार की योजनाओं का भी पूरा लाभ उठाएगी। वहीं किसानों को मिलने वाली मुफ्त बिजली की सुविधा भी जारी रहेगी। इसके लिए सरकार ने 7,433 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

सरकार का कहना है कि इस बजट का उद्देश्य आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और सरकारी योजनाओं की मदद से किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभदायक बनाना है।

ये भी देखें-

News Potli.
Clip & Share
“

— तमिलनाडु का पहला कृषि बजट: प्राकृतिक खेती, AI और फसल बीमा पर सरकार का जोर

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Tamil NaduAgricultural BudgetCM VijayNewsPotli
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

 कृषि मशीनीकरण पर सरकार का जोर, लघु और सीमांत किसानों को फायदा
सरकारी योजना

कृषि मशीनीकरण पर सरकार का जोर, लघु और सीमांत किसानों को फायदा

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत साल 2014-15 से कृषि यांत्रिकीकरण पर सब-मिशन (SMAS) के तहत उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों, महिला किसानों, एफपीओ, एसएचजी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

News Potli·
पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने जारी किया बड़ा यूरिया टेंडर
सरकारी योजना

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने जारी किया बड़ा यूरिया टेंडर

धान बुवाई से पहले सरकार ने बढ़ाई खाद की खरीद

News Potli·
सरकार चाहती है कि किसान रासायनिक उर्वरकों पर अपनी निर्भरता कम करें और मिट्टी की सेहत सुधारने वाली खेती अपनाएं।
सरकारी योजना

5 राज्यों ने घटाया रासायनिक खाद का इस्तेमाल, PM-PRANAM योजना का दिखा असर

केंद्र सरकार के अनुसार, PM-PRANAM योजना के तहत 2025-26 में 5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने रासायनिक उर्वरकों की खपत घटाई है। सरकार जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम चला रही है, ताकि मिट्टी की सेहत सुधरे और रासायनिक खाद पर निर्भरता कम हो।

Pooja Rai·05 Aug 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs