देश के करोड़ों किसान आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा से इस किस्त को जारी करेंगे। इसके तहत देश के 9.34 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की रकम सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
केंद्र सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान PM-KISAN योजना और किसानों के हित में चलाई जा रही दूसरी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
अब तक किसानों को मिले 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को हुई थी। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यह रकम 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है।
सरकार के मुताबिक, योजना की पहली 23 किस्तों के जरिए अब तक पात्र किसानों को 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम दी जा चुकी है। अब 24वीं किस्त के तहत 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को 18,690 करोड़ रुपये से ज्यादा दिए जाएंगे। किसान इस रकम का इस्तेमाल बीज, खाद और खेती से जुड़ी दूसरी जरूरतों को पूरा करने में कर सकते हैं।
कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की 521 इकाइयां भी देश को समर्पित होंगी
आज होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के तहत तैयार की गई 521 इकाइयों को भी देश को समर्पित करेंगे। इन इकाइयों का उद्देश्य फसलों के भंडारण, प्रोसेसिंग और खेती से जुड़ी दूसरी सुविधाओं को मजबूत करना है।
कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत गोदाम, कोल्ड स्टोरेज और फसल की शुरुआती प्रोसेसिंग से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने के लिए निवेश को बढ़ावा दिया जाता है। इससे किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने, फसल की बर्बादी कम करने और बाजार तक बेहतर तरीके से पहुंचने में मदद मिल सकती है।
सरकार के मुताबिक, इस फंड के तहत अब तक 2.28 लाख से ज्यादा परियोजनाओं में करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।
12 बागवानी क्लस्टर भी होंगे शुरू
PM-KISAN की किस्त जारी करने के साथ ही आज 12 बागवानी क्लस्टर भी शुरू किए जाएंगे। इनका उद्देश्य फल, सब्जियों और दूसरी अधिक कीमत वाली बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा देना है।
इन क्लस्टर के जरिए बागवानी फसलों के उत्पादन, प्रोसेसिंग और बिक्री से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इससे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।





