News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. मौसम-बेमौसम
  3. नेपाल बाढ़: शवों को दिया जा रहा यूनिक कोड, DNA और फिंगरप्रिंट से होगी पहचान
मौसम-बेमौसम

नेपाल बाढ़: शवों को दिया जा रहा यूनिक कोड, DNA और फिंगरप्रिंट से होगी पहचान

नेपाल में बरामद किए जा रहे शवों को अंतरराष्ट्रीय Disaster Victim Identification (DVI) प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड किया जा रहा है। हर शव को एक अलग कोड नंबर दिया जाता है। इसके बाद उसकी तस्वीर, कपड़े, शरीर पर मौजूद पहचान के निशान और दूसरी जरूरी जानकारियां दर्ज की जाती हैं।

Pooja Rai

Pooja Rai·01 Sep 2026

नेपाल बाढ़: शवों को दिया जा रहा यूनिक कोड, DNA और फिंगरप्रिंट से होगी पहचान

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने के बाद अब राहत और बचाव के साथ मृतकों की पहचान का काम भी बेहद अहम हो गया है। कई शवों की हालत ऐसी है कि उन्हें देखकर तुरंत पहचान पाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में शवों को सुरक्षित रखकर वैज्ञानिक तरीके से उनकी पहचान की जा रही है।

नेपाल बाढ़ में शवों की पहचान कैसे हो रही है?

नेपाल में बरामद किए जा रहे शवों को अंतरराष्ट्रीय Disaster Victim Identification (DVI) प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड किया जा रहा है। हर शव को एक अलग कोड नंबर दिया जाता है। इसके बाद उसकी तस्वीर, कपड़े, शरीर पर मौजूद पहचान के निशान और दूसरी जरूरी जानकारियां दर्ज की जाती हैं। जहां संभव हो, फिंगरप्रिंट और DNA सैंपल भी लिए जाते हैं।

इसका मकसद यह है कि अगर शव की तुरंत पहचान नहीं हो पाती है, तो उसे सुरक्षित रिकॉर्ड के आधार पर बाद में भी पहचाना जा सके।

दूसरी तरफ, जिन लोगों के परिवार के सदस्य बाढ़ के बाद लापता हैं, उनके बारे में भी जानकारी जुटाई जाती है। परिवार से फोटो, मेडिकल या डेंटल रिकॉर्ड और पहचान से जुड़ी दूसरी जानकारी ली जा सकती है। जरूरत पड़ने पर परिवार के सदस्यों के DNA सैंपल से भी मिलान किया जाता है।

इसके बाद शव से मिले फिंगरप्रिंट, DNA, दांतों के रिकॉर्ड और पहचान संबंधी दूसरी जानकारियों का लापता लोगों के रिकॉर्ड से मिलान किया जाता है। जब वैज्ञानिक तौर पर पहचान की पुष्टि हो जाती है, तभी शव परिवार को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।


INTERPOL की Disaster Victim Identification (DVI) प्रक्रिया के अनुसार, बड़े हादसों और प्राकृतिक आपदाओं में मृतकों की पहचान के लिए शवों से जुटाए गए Post-Mortem डेटा और लापता लोगों से जुटाए गए Ante-Mortem डेटा का मिलान किया जाता है।

ये भी देखें-

News Potli.
Clip & Share
“

— नेपाल बाढ़: शवों को दिया जा रहा यूनिक कोड, DNA और फिंगरप्रिंट से होगी पहचान

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
Nepal FloodINTERPOLDisaster Victim Identification (DVI)Nepal
Pooja Rai

About the Author

Pooja Rai

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

heatwave, heatwave warning, imd
मौसम-बेमौसम

मौसम व‍िभाग की चेतावनी, क‍िसान नोट कर लें ये सलाह

आने वाला सप्‍ताह क‍िसानों के ल‍िए भारी पड़ सकता है। खासकर धान बुवाई की तैयारी कर रहे क‍िसानों के ल‍िए। मौसम व‍िभाग ने क‍िसानों को महत्‍वपूर्ण सुझाव द‍िए हैं।

News Potli·
नेपाल बाढ़
मौसम-बेमौसम

Nepal Flood: हिमालय में क्यों बढ़ रहा अचानक बाढ़ और ग्लेशियर टूटने का खतरा? समझिए वजह

Climate Trends के एक अध्ययन के मुताबिक, हिमालय में 2000-09 की तुलना में 2010-19 के दौरान ब्लैक कार्बन की मात्रा करीब 7.74 प्रतिशत बढ़ी। इसका असर खास तौर पर पूर्वी और मध्य हिमालय में देखा गया है।

News Potli·01 Sep 2026
नेपाल बाढ़: पानी उतरा, लेकिन पीछे छोड़ गया तबाही और मातम
मौसम-बेमौसम

नेपाल बाढ़: पानी उतरा, लेकिन पीछे छोड़ गया तबाही और मातम

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने/आइस-रॉक एवलॉन्च के बाद भारी मात्रा में पानी, कीचड़ और मलबा नीचे की ओर आया, जिसने भोटेकोशी और आसपास की घाटियों में भारी तबाही मचाई।

Pooja Rai·31 Aug 2026
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs