नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने हजारों परिवारों की जिंदगी बदलकर रख दी है। किसी का घर बह गया, किसी का अपना लापता है तो कोई मलबे में अपनी जिंदगी के बचे सामान को तलाश रहा है। बाढ़ का पानी भले ही उतरने लगा हो, लेकिन लोगों का दर्द और डर अभी भी बरकरार है।

मौतों का आंकड़ा 788 तक पहुंचा
नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और मलबे की तबाही में कम से कम 788 लोगों की मौत की रिपोर्ट है। वहीं 3,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल के साथ तिब्बत में भी इस आपदा से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।

तबाही की वजह ग्लेशियर से जुड़ी घटना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने/आइस-रॉक एवलॉन्च के बाद भारी मात्रा में पानी, कीचड़ और मलबा नीचे की ओर आया, जिसने भोटेकोशी और आसपास की घाटियों में भारी तबाही मचाई।

90 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित
इस आपदा से नेपाल में 90,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। घरों, सड़कों और पुलों के साथ-साथ पनबिजली परियोजनाओं को भी भारी नुकसान हुआ है। कई इलाकों में मलबा जमा होने से राहत पहुंचाना मुश्किल बना हुआ है।

हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश
सबसे बड़ी चिंता पनबिजली परियोजनाओं में फंसे लोगों को लेकर है। 933 लोग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइटों से लापता बताए गए हैं। ट्रिशूली इलाके में सुरंगों में फंसे सैकड़ों लोगों तक पहुंचने के लिए नेपाली, भारतीय और चीनी विशेषज्ञ मिलकर अभियान चला रहे हैं।

करीब 21 हजार लोग राहत-बचाव में जुटे
नेपाली सेना, सुरक्षा बल, स्वयंसेवकों और अन्य बचावकर्मियों समेत करीब 21,000 लोग राहत और खोज अभियान में लगे हैं। भारी मलबे और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

खराब मौसम अभी भी बड़ी चुनौती
कई इलाकों में बारिश और नए भूस्खलन की वजह से बचाव अभियान को बीच-बीच में रोकना पड़ा। वहीं भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नए फ्लैश फ्लड का अलर्ट भी जारी किया गया है। रासुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत नदी किनारे के इलाकों के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

भारत की तरफ से राहत और विशेषज्ञ मदद
भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री, दवाइयां, बचाव उपकरण और विशेषज्ञ टीमें भेजी हैं। भारतीय टनल-रेस्क्यू विशेषज्ञ भी हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के अभियान में मदद कर रहे हैं। भारत की ओर से अब तक 68.5 टन राहत सामग्री भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

भारतीय नागरिकों को लेकर भी अपडेट
भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में फंसे 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है और करीब 50 ऐसे भारतीयों से दोबारा संपर्क स्थापित हुआ है, जिनसे पहले संपर्क नहीं हो पा रहा था। हालांकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के अब भी लापता होने की रिपोर्ट है।

विदेशी नागरिक भी प्रभावित
नेपाल की आपदा एजेंसी के पहले के आंकड़ों में सैकड़ों विदेशी नागरिकों के लापता होने की बात सामने आई थी। इनमें अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार करीब 85 अमेरिकी नागरिक अब भी लापता बताए गए हैं।

चीन ने भी बड़ा बचाव अभियान शुरू किया
तिब्बत में भी बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। चीन ने 2,100 से ज्यादा बचावकर्मी तैनात किए हैं और राहत अभियान के लिए करीब 33 मिलियन डॉलर की सहायता देने की जानकारी सामने आई है।

फिलहाल लापता लोगों की तलाश, हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे लोगों का रेस्क्यू और नए फ्लैश फ्लड के खतरे से निपटना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। आंकड़े लगातार अपडेट हो रहे हैं, इसलिए पुराने और नए आंकड़ों में अंतर दिखाई दे सकता है।





