लखनऊ। खेती-किसानी से जुड़े परिवारों को आर्थिक मदद देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना चला रही है। इस योजना के तहत किसान की दुर्घटना में मौत या दिव्यांगता होने पर उसके परिवार को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। पिछले वित्तीय वर्ष से अब तक इस योजना से 38 हजार से ज्यादा आश्रित परिवारों को मदद मिल चुकी है।
1050 से बढ़कर 1150 करोड़ हुआ बजट
सरकार ने योजना के लिए इस वित्तीय वर्ष में बजट भी बढ़ाया है। 2025-26 में 1050 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 2026-27 में 1150 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यानी बजट में 100 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
पिछले साल 21,659 परिवारों को मिला लाभ
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिलों की मांग के अनुसार योजना की पूरी धनराशि आवंटित की गई। इस दौरान करीब 21,659 आश्रित परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई।
वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 17,152 आश्रित परिवारों को योजना का लाभ मिल चुका है। इस तरह पिछले वित्तीय वर्ष से अब तक करीब 38,811 परिवार लाभान्वित हुए हैं।
5 लाख रुपये तक मिलती है मदद
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना 14 सितंबर 2019 से लागू है। इसके तहत दुर्घटना के कारण किसान की मृत्यु या दिव्यांगता होने पर अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सहायता देने का प्रावधान है।
योजना का लाभ सिर्फ खतौनी में दर्ज किसान तक सीमित नहीं है। खातेदार और सहखातेदार के साथ ऐसे कमाऊ परिवार के सदस्य भी इसके दायरे में आते हैं, जिनकी आय का मुख्य जरिया खेती है। पात्र भूमिहीन किसान, जो पट्टे या बटाई की जमीन पर खेती करते हैं, वे भी योजना का लाभ ले सकते हैं।
इस साल 862.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत 1150 करोड़ रुपये में से 862.50 करोड़ रुपये की पहली और दूसरी किस्त को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें से जिलों की मांग के आधार पर 813.81 करोड़ रुपये आवंटित किए जा चुके हैं।
सरकार योजना की निगरानी के लिए पोर्टल और सीएम डैशबोर्ड का भी इस्तेमाल कर रही है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने में देरी न हो।





