नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मूंग और उड़द की सरकारी खरीद के दौरान कई किसानों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Authentication) फेल होने की शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब ऐसे मामलों में एक बार के विशेष प्रावधान के तहत किसान की ओर से नामित प्रतिनिधि (Nominee) के माध्यम से भी मूंग और उड़द की खरीद की जा सकेगी।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 4 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश सरकार को भेजे पत्र में यह अनुमति दी है। यह व्यवस्था ग्रीष्मकालीन 2026 में मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत मूंग और उड़द की खरीद के लिए लागू होगी।
किन किसानों को मिलेगा लाभ?
सरकार के अनुसार, यह सुविधा केवल उन किसानों के लिए होगी जिनका आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कई प्रयासों के बाद भी सफल नहीं हो पा रहा है। हालांकि, खरीद केंद्र पर किसान का स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा।
क्या होंगी शर्तें?
केंद्र सरकार ने इस विशेष अनुमति के साथ कुछ शर्तें भी तय की हैं।
- पहले किसान का बायोमेट्रिक सत्यापन करने की पूरी कोशिश की जाएगी।
- सत्यापन विफल होने पर किसान और उसकी उपज की रियल-टाइम फोटो लेकर आधार रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा।
- इसके बाद ही ऑनलाइन प्रणाली के जरिए एक प्रतिनिधि (Nominee) को अधिकृत किया जा सकेगा।
- प्रतिनिधि का OTP आधारित e-KYC और बायोमेट्रिक सत्यापन भी अनिवार्य होगा।
- एक प्रतिनिधि केवल एक ही किसान के लिए नामित किया जा सकेगा।
- खरीदी गई फसल का भुगतान सीधे किसान के पंजीकृत बैंक खाते में ही भेजा जाएगा। प्रतिनिधि को किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा।
रिकॉर्ड रखने के निर्देश
केंद्र सरकार ने राज्य सरकार, NAFED और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि इस विशेष व्यवस्था से जुड़े सभी रिकॉर्ड, ऑनलाइन आवेदन, सत्यापन लॉग और रियल-टाइम फोटो सुरक्षित रखे जाएं, ताकि इसका लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंद किसानों को ही मिले।
इसके अलावा सरकार ने कहा है कि भविष्य में आधार आधारित फिंगरप्रिंट सत्यापन में आने वाली समस्याओं को कम करने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन और आईरिस ऑथेंटिकेशन जैसी वैकल्पिक प्रणालियां भी लागू करने पर काम किया जाएगा।
यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किया गया है और मूल्य समर्थन योजना (PSS) के अन्य सभी नियम पहले की तरह लागू रहेंगे।





