महाराष्ट्र के किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना के तहत कर्जमाफी की तीसरी किस्त जारी कर दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को इसकी शुरुआत की। इस किस्त में 3.27 लाख से ज्यादा किसानों के लोन खातों में सीधे ₹3,161 करोड़ ट्रांसफर किए गए हैं।
सरकार के मुताबिक, इस किस्त के बाद योजना के तहत अब तक ₹13,276 करोड़ किसानों के खातों में पहुंच चुके हैं। इससे करीब 15.86 लाख किसानों को फायदा मिला है।
करीब 56 लाख किसानों को कर्जमाफी का लक्ष्य
महाराष्ट्र सरकार ने करीब 56 लाख किसानों के लिए ₹36,585 करोड़ की कृषि ऋण माफी योजना शुरू की है। योजना को चरणों में लागू किया जा रहा है, ताकि पात्र किसानों के लोन खातों में सीधे राहत की रकम पहुंचाई जा सके।
सरकार ने यह भी कहा है कि इस योजना में उन किसानों को भी शामिल किया जा रहा है, जो 2016-17 की पिछली कर्जमाफी योजना का फायदा नहीं उठा पाए थे।
ज्यादा ब्याज वाले खातों की जांच
सरकार के मुताबिक, ज्यादा ब्याज वाले लोन खातों को लेकर सहकारी ऑडिट भी कराया जा रहा है। वहीं, व्यावसायिक बैंकों से जुड़े फसल कर्ज में सरकार की ओर से राशि जमा किए जाने पर किसानों के बकाया कर्ज को कम किया जाएगा।
इससे बैंकों के कृषि क्षेत्र से जुड़े NPA को कम करने में भी मदद मिलेगी।
आधार वेरिफिकेशन जरूरी
कर्जमाफी का लाभ लेने के लिए किसानों का आधार वेरिफिकेशन जरूरी है। पात्र किसानों की मृत्यु होने की स्थिति में उनके वारिसों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा है।
किसान अपना नाम और योजना में अपनी पात्रता आपले सरकार सेवा केंद्र या आधिकारिक पोर्टल पर यूनिक नंबर या आधार नंबर के जरिए चेक कर सकते हैं।
इसके अलावा, सूखे से प्रभावित इलाकों में किसानों को राहत देने के लिए कर्ज वसूली रोकने और लोन के पुनर्गठन के निर्देश भी दिए गए हैं।





