महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। राज्य की 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बाद अब किसानों के लिए राहत की मांग तेज हो गई है। इसी बीच एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर सूखा प्रभावित किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण परिवारों के लिए राहत पैकेज की मांग की है। उन्होंने सरकार के सामने कर्जमाफी से लेकर किसानों को 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की आर्थिक मदद देने तक कुल 17 मांगें रखी हैं।
महाराष्ट्र की 265 तहसीलें सूखाग्रस्त
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की 358 में से 265 तहसीलों में सूखे की स्थिति घोषित की है। इन इलाकों में फसल कर्ज के पुनर्गठन, कृषि कर्ज की वसूली टालने, भू-राजस्व में छूट और कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत जैसे कदम उठाए गए हैं।
शरद पवार का कहना है कि मौजूदा राहत के साथ किसानों और ग्रामीण परिवारों को तत्काल आर्थिक मदद देना भी जरूरी है। उन्होंने सरकार से इन 17 मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की है।
शरद पवार की 17 मांगें
1. जिन 265 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है, उनमें छूटी हुई तहसीलों को भी सूखाग्रस्त घोषित किया जाए।
2. सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों का भू-राजस्व माफ किया जाए।
3. पिछली कर्जमाफी के बाद किसानों ने खेती और कृषि से जुड़े कामों के लिए सहकारी बैंकों, राष्ट्रीयकृत बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थाओं से जो कर्ज लिया है, उसे माफ किया जाए। इसमें बागवानी के लिए लिया गया कर्ज और महिला स्वयं सहायता समूहों के कर्ज को भी शामिल करने की मांग है।
4. किसानों के कृषि पंपों के बिजली बिल माफ किए जाएं।
5. सूखा प्रभावित क्षेत्रों के स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस, साथ ही हॉस्टल और मेस फीस माफ की जाए।
6. रोजगार गारंटी योजना के नियमों में ढील देकर जहां रोजगार की मांग हो, वहां काम शुरू किए जाएं।
7. लोगों और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था के लिए तहसीलदारों को पानी के टैंकर मंजूर करने का अधिकार दिया जाए।
8. सूखाग्रस्त गांवों में किसानों के कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन नहीं काटे जाएं और वहां लोडशेडिंग न की जाए।
9. खेती पर निर्भर किसान और खेत मजदूर परिवारों को 25 किलो मुफ्त अनाज दिया जाए।
10. सूखे से प्रभावित किसान और खेत मजदूर परिवारों के पशुधन के लिए सीधे बैंक खाते में आर्थिक मदद दी जाए।
11. सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जल संरक्षण के काम तेजी से शुरू किए जाएं और इसके लिए विशेष फंड उपलब्ध कराया जाए।
12. सूखे से प्रभावित प्रत्येक किसान को 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और प्रत्येक खेत मजदूर को 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाए। यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजने की मांग की गई है।
13. सूखे से फल बागान, केला, गन्ना और धान जैसी फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए।
14. बड़े पैमाने पर फल बाग लगाने वाले किसानों के खेतों तक टैंकर से पानी पहुंचाने के लिए तत्काल व्यवस्था की जाए।
15. किसान और खेत मजदूरों के लिए व्यक्तिगत लाभ की योजनाओं के तहत लंबित सहायता और अनुदान जल्द जारी किए जाएं।
16. सूखे से निपटने के लिए जरूरी सभी फंड विभागीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।
17. सूखे की गंभीर स्थिति पर चर्चा के लिए महाराष्ट्र विधानमंडल का तीन दिन का विशेष अधिवेशन बुलाया जाए। शरद पवार ने मांग की है कि इसमें लिए गए फैसलों को तुरंत लागू किया जाए और दशहरा और दिवाली से पहले किसानों और खेत मजदूरों तक आर्थिक मदद पहुंचाई जाए।
शरद पवार ने मुख्यमंत्री से कहा है कि सूखे की घोषणा के बाद अब राहत सिर्फ सरकारी आदेशों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका फायदा सीधे किसानों और ग्रामीण परिवारों तक पहुंचे। उन्होंने इन मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की है।





