अगर आप नारियल की खेती करते हैं, तो सिर्फ नारियल बेचने तक ही कमाई सीमित नहीं रहेगी। अब नारियल से तेल, दूध, पाउडर समेत कई तरह के वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट तैयार कर उन्हें बड़े बाजार और विदेशों तक पहुंचाने की तैयारी है। केरलम सरकार ने नारियल क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राज्य में Coconut Park स्थापित करने का ऐलान किया है। इसके लिए Coconut Development Board का भी सहयोग लिया जाएगा।
क्यों खास है यह Coconut Park?
केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने World Coconut Day 2026 के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए Coconut Park बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस पार्क का मकसद नारियल की आधुनिक प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देना है, ताकि किसानों के उत्पाद से बेहतर गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट तैयार किए जा सकें और उन्हें एक्सपोर्ट मार्केट की मांग के मुताबिक बेचा जा सके। यानी किसान अगर कच्चा नारियल बेचने के बजाय उससे तैयार होने वाले उत्पादों की प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग से जुड़ते हैं, तो नारियल की कीमत और उससे होने वाली कमाई दोनों बढ़ाने के रास्ते खुल सकते हैं।
किसको मिलेगा फायदा?
सरकार के मुताबिक Coconut Park से नारियल क्षेत्र में उद्यमिता, निवेश, वैल्यू एडिशन और नए बाजार के अवसर बढ़ेंगे। यहां आधुनिक तकनीक के जरिए नारियल की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और दूसरे उत्पाद तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल कभी नारियल की खेती में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल था, लेकिन समय के साथ उत्पादन और उत्पादकता के मामले में राज्य पीछे हुआ है। ऐसे में नारियल क्षेत्र को दोबारा मजबूत करने के लिए एक व्यापक और व्यवस्थित रणनीति की जरूरत है।
उन्होंने खास तौर पर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर ध्यान देने की बात कही, ताकि केरल के नारियल उत्पाद देश और विदेश के बाजार में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकें।
जमीन और दूसरी मदद देगी सरकार
राज्य के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने कहा कि सरकार Coconut Park के लिए जरूरी जमीन और अन्य सहायता उपलब्ध कराने को तैयार है। उन्होंने केरल के नारियल क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए एक व्यापक रणनीति बनाने की जरूरत बताई।
इसके अलावा सरकार अगले तीन महीनों में एक्सपोर्टर्स और दूसरे संबंधित लोगों के साथ बातचीत शुरू करेगी। इसका उद्देश्य ऐसे प्रोजेक्ट तैयार करना है, जिनसे नारियल और उससे बने उत्पादों की एक्सपोर्ट क्षमता बढ़े और कारोबारियों के बीच सीधे व्यापारिक संबंध मजबूत हों।
पारंपरिक इलाकों से बाहर बढ़ाने पर जोर
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने नारियल की खेती को पारंपरिक इलाकों से बाहर भी बढ़ाने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि नारियल उत्पादन का दायरा बढ़ाने से देश में इसकी उपलब्धता और इससे जुड़े कारोबार को मजबूती मिल सकती है।
कार्यक्रम के दौरान नारियल की खेती, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतर काम करने वालों को National Coconut Awards 2026 से भी सम्मानित किया गया।
Coconut Park की योजना सिर्फ एक नया पार्क बनाने तक सीमित नहीं है। इसका बड़ा लक्ष्य नारियल को कच्चे उत्पाद से तैयार और ज्यादा कीमत वाले उत्पाद में बदलना है। अगर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और एक्सपोर्ट का नेटवर्क मजबूत होता है, तो आने वाले समय में नारियल किसानों के लिए बाजार और कमाई के नए अवसर बन सकते हैं।
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