भारत और नीदरलैंड अब खेती के क्षेत्र में मिलकर काम करने की तैयारी कर रहे हैं। नई तकनीक, बेहतर बीज और कृषि में Innovation के जरिए किसानों की Productivity बढ़ाने पर दोनों देशों के बीच बातचीत हुई है। इसके साथ ही 25 Centres of Excellence (CoE) बनाने की दिशा में चल रहे काम की भी समीक्षा की गई।
खेती में तकनीक और Innovation पर जोर
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में नीदरलैंड के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्रकृति मंत्री सिल्वियो एरकेंस के साथ बैठक की। इस दौरान दोनों देशों ने कृषि क्षेत्र में चल रहे सहयोग की समीक्षा की और नए क्षेत्रों में साथ काम करने पर चर्चा की।
बैठक में कृषि और बागवानी के लिए 25 Centres of Excellence बनाने की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इन केंद्रों के जरिए आधुनिक तकनीक, बेहतर खेती के तरीकों और किसानों तक नई जानकारी पहुंचाने पर काम किया जा रहा है।
इसके अलावा दोनों देशों ने सीड सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके लिए दोनों देश एक वर्क प्लान तैयार करेंगे, जिसमें सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को तय किया जाएगा।
कृषि में Innovation और नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए भी दोनों देशों ने संभावित क्षेत्रों की पहचान करने पर चर्चा की। माना जा रहा है कि भारत और नीदरलैंड के अनुभव और तकनीक के आदान-प्रदान से कृषि क्षेत्र में नए अवसर बन सकते हैं।





