बिहार के गन्ना किसानों के लिए सरकार ने एक नई डिजिटल सुविधा शुरू की है। अब किसानों को गन्ने से जुड़ी योजनाओं, आवेदन और दूसरी सरकारी सेवाओं की जानकारी लेने के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बुधवार को ‘गन्ना साथी’ AI चैटबॉट और ‘गन्ना किसान पहचान पत्र’ लॉन्च किया।
QR कोड स्कैन करते ही मिलेगी जानकारी
‘गन्ना किसान पहचान पत्र’ हर किसान की एक खास डिजिटल पहचान होगी। इस कार्ड पर QR कोड दिया जाएगा। किसान मोबाइल से QR कोड स्कैन करके विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों और अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी ले सकेंगे।
वहीं, ‘गन्ना साथी’ AI चैटबॉट को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC), बिहार ने तैयार किया है। इसके जरिए किसान बातचीत के अंदाज में अपनी जरूरत की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
आवेदन और परमिट का स्टेटस भी देख सकेंगे
किसान चैटबॉट के जरिए अपने आवेदन, परमिट और दावों का स्टेटस भी देख सकेंगे। उन्हें बार-बार एक ही जानकारी डालने की जरूरत नहीं होगी। चैटबॉट बातचीत के दौरान किसान की गन्ना ID या आवेदन नंबर जैसी जानकारी को ध्यान में रखकर आगे के सवालों का जवाब दे सकेगा।
विभाग के मुताबिक, किसान योजनाओं के लिए अपनी पात्रता, आवेदन करने का तरीका और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी चैटबॉट से ले सकेंगे।
हिंदी और अंग्रेजी दोनों में सुविधा
‘गन्ना साथी’ AI चैटबॉट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में काम करेगा। इसमें Read Aloud की सुविधा भी दी गई है, यानी किसान चैटबॉट के जवाब सुन भी सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से किसानों और विभाग के बीच जानकारी का आदान-प्रदान तेज होगा और किसानों को सरकारी सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी।
इस मौके पर गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में उपलब्ध कुछ जमीनों पर निवेश के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक निवेशक SIPP पोर्टल के जरिए अपनी रुचि दर्ज करा सकते हैं।





