असम में बाढ़ ने किसानों के खेतों के साथ-साथ हजारों ग्रामीण परिवारों के घरों को भी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में अब केंद्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों को दोबारा बसाने और खेती शुरू कराने के लिए कई फैसले किए हैं। किसानों को बीज और कृषि सहायता देने के साथ प्रभावित परिवारों को घर बनाने में मदद दी जाएगी। इसके अलावा कृषि मशीनों, सब्जी की खेती और ग्रामीण रोजगार से जुड़ी योजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के साथ बैठक में इन फैसलों की जानकारी दी।
बाढ़ में 26 हजार से ज्यादा मकान प्रभावित
असम में हालिया बाढ़ से शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक करीब 26,681 मकानों को नुकसान पहुंचा है। इससे करीब 480 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान है।
सरकार अब नुकसान का सर्वे पूरा होने के बाद पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत नया घर बनाने के लिए सहायता देगी। पात्र परिवारों की पहचान के लिए सर्वे की अवधि भी 15 दिन बढ़ाई गई है, ताकि कोई जरूरतमंद परिवार योजना से बाहर न रह जाए।
चाय बागान श्रमिकों को भी घर का लाभ
असम के चाय बागान श्रमिक परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ देने की तैयारी है। जमीन का पट्टा मिलने के बाद डिजिटल सर्वे के जरिए पात्र परिवारों की पहचान की जाएगी और योग्य परिवारों को घर बनाने के लिए सहायता मिलेगी।
असम के जैविक कृषि उत्पादों को देश और विदेश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए APEDA और National Organic Cooperative Limited के साथ मिलकर काम किया जाएगा। किसानों को उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात में भी मदद देने पर जोर रहेगा।
कृषि योजनाओं के लिए 832.70 करोड़ रुपये
असम में कृषि विकास के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत 832.70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 553 करोड़ रुपये केंद्र की सहायता के रूप में शामिल हैं।
वहीं, कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए 33.36 करोड़ रुपये की शुरुआती मंजूरी दी गई है। इससे किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सब्जी की खेती पर जोर
बागवानी क्षेत्र के लिए 96.87 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सब्जी उत्पादन बढ़ाने के साथ कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। सुरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए 1,500 नए बांस पॉलीहाउस भी स्वीकृत किए गए हैं।
बाढ़ से फसल खराब होने के बाद किसानों को दोबारा खेती शुरू करने में मदद दी जाएगी। प्रभावित किसानों को अतिरिक्त बीज और कृषि सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। सब्जी की खेती दोबारा शुरू करने के लिए भी सहायता दी जाएगी।
महिला किसानों को कृषि उपकरण
महिला किसानों को खेती में मदद देने के लिए पावर वीडर जैसे कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम होगा। इसका मकसद खेती में मजदूरों की कमी को दूर करना और लागत कम करने में मदद करना है।
इसके अलावा गांवों में काम करने वाले विलेज ऑर्गेनाइजेशन को करीब 1.50 लाख रुपये की सहायता देने का प्रस्ताव है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के काम बढ़ सकें।





