देश में अब तक 11 करोड़ किसानों की Farmer ID यानी किसान पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने यह लक्ष्य मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन इसे करीब 5 महीने पहले ही हासिल कर लिया गया है। 23 अक्टूबर की रात 11 करोड़ Farmer ID बनाने का काम पूरा हुआ।
ये पहचान पत्र केंद्र सरकार के डिजिटल कृषि मिशन के तहत बनाए जा रहे हैं। हर किसान को 11 अंकों की एक खास पहचान संख्या दी जाती है, जिसे किसान पहचान पत्र कहा जाता है। यह AgriStack व्यवस्था का हिस्सा है, जिसका मकसद खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी को डिजिटल तरीके से एक जगह उपलब्ध कराना है।
Farmer ID से किसानों को क्या फायदा होगा?
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, Farmer ID का मकसद सरकारी योजनाओं का लाभ सही किसान तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। इसके लिए किसानों को बार-बार दस्तावेजों का ढेर जमा करने की जरूरत कम होगी।
इस पहचान पत्र की मदद से किसान बैंक से कृषि लोन लेने, फसल बीमा कराने, प्राकृतिक आपदा के समय सहायता पाने और अपनी उपज बेचने जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की पहचान और उनसे जुड़ी जानकारी को एक जगह उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
डिजिटल खेती को बढ़ावा देने की तैयारी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2027 तक 11 करोड़ Farmer ID बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसे तय समय से पहले पूरा कर लिया गया है। उन्होंने इसे भारतीय कृषि के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि आधुनिक खेती के लिए तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है।
कृषि मंत्री ने इस काम में सहयोग देने वाले केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और जिला प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों का आभार जताया। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे अपनी पहचान का इस्तेमाल कर सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ उठाएं और खेती में नई तकनीकों को अपनाएं।





