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महाराष्ट्र: ट्रैक्टर रैली, सरकारी कार्यालय के सामने डाला गोबर, आक्रोश में दुग्ध उत्पादक किसान

महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों में लगभग एक महीने से दुग्ध उत्पादक किसान दूध के दाम बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी के तहत दुग्ध उत्पादक किसान संघर्ष समिति ने कोतुल में पिछले अठारह दिन से सत्याग्

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Rohit·Correspondent·24 Jul 2024· 3 min read

महाराष्ट्र: ट्रैक्टर रैली, सरकारी कार्यालय के सामने डाला गोबर, आक्रोश में दुग्ध उत्पादक किसान

महाराष्ट्र: ट्रैक्टर रैली, सरकारी कार्यालय के सामने डाला गोबर, आक्रोश में दुग्ध उत्पादक किसान

महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों में लगभग एक महीने से दुग्ध उत्पादक किसान दूध के दाम बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी के तहत दुग्ध उत्पादक किसान संघर्ष समिति ने कोतुल में पिछले अठारह दिन से सत्याग्रह किया हुआ है. आंदोलन के 18वें दिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने पर उन्होंने एक और कदम आगे बढ़ा लिया. इस दौरान अकोले और संगमनेर तालुकों के किसानों ने पंजाब पैटर्न पर सैकड़ों ट्रैक्टरों को इकट्ठा करके एक विशाल रैली निकाली। कोतुल से संगमनेर तक 55 किमी की इस रैली में लगभग 300 ट्रैक्टर थे. अकोले में पुलिस प्रशासन ने ट्रैक्टर रैली को रोकने की कोशिश की लेकिन किसानों का जत्था संगमनेर जाने पर अड़ा रहा. आंदोलन की तीव्रता देख पुलिस प्रशासन ने कई घंटे बाद परमिशन तो दी लेकिन इसके बाद किसानों ने प्रदर्शन और तेज कर दिया. संगमनेर पहुँच कर किसान प्रदर्शनकारियों ने संगमनेर की मुख्य सड़क पर सरकारी कार्यालय के सामने ट्रॉली पर दूध और गोबर डालकर ट्रैक्टरों की लंबी कतार बनाकर अपना गुस्सा जाहिर किया. दरअसल महाराष्ट्र के दुग्ध विकास मंत्री उसी जिले में रहते हैं, जो दुग्ध आंदोलन का केंद्र है. किसान प्रदर्शनकारी इस बात पर भी नाराज थे कि प्रदर्शन के इतने दिन बीत जाने के बाद भी मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली. आठवें दिन के बाद भी उन्होंने विरोध पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया. कोतुल से 300 से ज्यादा ट्रैक्टर 55 किमी की दूरी तय करके संगमनेर आ सकते हैं, जबकि इतनी ही ट्रैक्टर रैली लोनी तक जा सकती है. दरअसल, ट्रैक्टर रैली सभी संगठन और प्रदर्शनकारी इकट्ठा होकर एल्गर मंत्रालय तक भी पहुंच सकती है अकोले, संगमनेर और नगर जिले। प्रदर्शनकारियों ने अपनी भावना व्यक्त की कि सरकार को इस बार किसानों पर संकट नहीं लाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि ये आंदोलन और भी आगे जा सकता है. संगठन ने घोषणा की है कि कोतुल में चल रहा अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा और आंदोलन को तेज करने के लिए जिले के सभी दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की बैठक कर आगे की रणनीति तय की जायेगी. इस आन्दोलन में डाॅ. अजीत नवले, विनोद देशमुख, सदाशिव साबले, अभिजीत सुरेश देशमुख, नामदेव साबले, बालासाहेब गीते, प्रकाश देशमुख, भाऊसाहेब देशमुख, अभिजीत भाऊसाहेब देशमुख, गणेश जाधव, योगेश बालासाहेब देशमुख, गौरव बनोटे, सुनील अरोटे, राजेंद्र देशमान, दीपक पवार, अमित भांगरे, संदीप शेनकर, गुड्डु शेटे, नितिन नाइकवाडी, महेश नवले, शुभम अबरे, दत्ता ढगे, सागर वाकचौरे और संदीप दराडे समेत सैकड़ों किसान शामिल रहे.

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