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भारत में पशुपालन बना आर्थिक ताकत — दूध, अंडा, मांस और ऊन उत्पादन में बड़ा उछाल

भारत में पशुपालन तेजी से आर्थिक शक्ति बन रहा है। ‘बुनियादी पशुपालन सांख्यिकी 2025’ रिपोर्ट के अनुसार, दूध, अंडा, मांस और ऊन उत्पादन में भारत ने बड़ी प्रगति की है। भारत दूध उत्पादन में दुनिया में पहले

Pooja Rai

Pooja Rai·28 Nov 2025· 3 min read

भारत में पशुपालन बना आर्थिक ताकत — दूध, अंडा, मांस और ऊन उत्पादन में बड़ा उछाल

भारत में पशुपालन बना आर्थिक ताकत — दूध, अंडा, मांस और ऊन उत्पादन में बड़ा उछाल

भारत में पशुपालन तेजी से आर्थिक शक्ति बन रहा है। ‘बुनियादी पशुपालन सांख्यिकी 2025’ रिपोर्ट के अनुसार, दूध, अंडा, मांस और ऊन उत्पादन में भारत ने बड़ी प्रगति की है। भारत दूध उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर है, अंडा उत्पादन में दूसरा और मांस उत्पादन में चौथे स्थान पर है। राजस्थान ऊन उत्पादन में सबसे आगे है। आधुनिक तकनीक, डिजिटल सिस्टम और सरकारी योजनाओं की बदौलत यह क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

केंद्र सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग ने ‘बुनियादी पशुपालन सांख्यिकी 2025’ रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अब पशुपालन केवल कृषि का सहायक कार्य नहीं रहा, बल्कि भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाला बड़ा सेक्टर बन चुका है। डिजिटल तकनीक, आधुनिक प्रबंधन और बढ़ती वैश्विक मांग की वजह से यह क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है।

भारत ने पशुधन आधारित उत्पादन में दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। दूध, अंडा, मांस और ऊन उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत हुई है और किसानों की आय में भी बड़ी वृद्धि देखी जा रही है।

दूध उत्पादन
रिपोर्ट के अनुसार, दूध उत्पादन में भारत दुनिया में पहले स्थान पर है। कुल अनुमानित दूध उत्पादन 247.87 मिलियन टन तक पहुंच चुका है। 2014-15 में जहां प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 319 ग्राम प्रतिदिन थी, वहीं अब यह बढ़कर 485 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। इसमें उत्तर प्रदेश (15.66%) सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र भी प्रमुख योगदानकर्ता हैं। वैश्विक स्तर पर दूध उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी करीब 25% है।

अंडा उत्पादन में आंध्र प्रदेश सबसे आगे
अंडे के उत्पादन में भी भारत की स्थिति मजबूत है और वह दुनिया में दूसरे स्थान पर है। देश में सालाना 149.11 अरब अंडों का उत्पादन हो रहा है। प्रति व्यक्ति अंडा उपलब्धता भी बढ़कर 106 अंडे प्रति वर्ष तक पहुंच गई है। इस सेक्टर में वाणिज्यिक पोल्ट्री फार्मिंग का सबसे बड़ा योगदान (84.49%) है। अंडा उत्पादन में आंध्र प्रदेश सबसे आगे है, जबकि तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक भी प्रमुख राज्य हैं।

ये भी पढ़ें - पूर्वोत्तर में रबी मौसम में मूंगफली की खेती, किसानों के लिए ICAR की जरूरी सलाह

मांस उत्पादन में पश्चिम बंगाल पहले स्थान पर
मांस उत्पादन में भारत दुनिया में चौथे स्थान पर है। कुल मांस उत्पादन 10.50 मिलियन टन आंका गया है, जिसमें से आधा उत्पादन यानी 5.18 मिलियन टन अकेले पोल्ट्री सेक्टर से आता है। मांस उत्पादन में पश्चिम बंगाल 12.46% हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर है, जबकि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ऊन उत्पादन
ऊन उत्पादन में भारत का प्रदर्शन भी बेहतर है। देश में कुल उत्पादन 34.57 मिलियन किलोग्राम है जिसमें राजस्थान की हिस्सेदारी सबसे अधिक (47.85%) है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश प्रमुख ऊन उत्पादक राज्य हैं।

यह रिपोर्ट साफ बताती है कि पशुपालन अब खेती का सिर्फ पूरक हिस्सा नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक बन चुका है। आने वाले वर्षों में बढ़ती मांग, तकनीक और सरकारी योजनाओं के चलते यह क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था को और ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

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