Skip to content
News Potli
एग्री बुलेटिन

देश भर में MSP पर संयुक्त किसान मोर्चा का प्रदर्शन, कहा- उद्योगपतियों को छोड़ किसानों को राहत दे सरकार

किसानों ने आज संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर अपनी 12 मांगों को लेकर देश भर में जिला और ब्लॉक स्तर पर ट्रैक्टर मार्च किया और नए कानून (भारतीय न्याय संहिता) की कॉ

NP

Rohit· Correspondent

15 अगस्त 2024· 2 min read

देश भर में MSP पर संयुक्त किसान मोर्चा का प्रदर्शन, कहा- उद्योगपतियों को छोड़ किसानों को राहत दे सरकार

देश भर में MSP पर संयुक्त किसान मोर्चा का प्रदर्शन, कहा- उद्योगपतियों को छोड़ किसानों को राहत दे सरकार

देश के अलग-अलग हिस्सों में किसानों के प्रदर्शन की खबर अक्सर आती रहती है. अलग-अलग जगहों पर किसानों की अलग-अलग मांगें होती हैं. आज देश भर में किसानों के प्रदर्शन की खबर आई है. किसानों ने आज संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर अपनी 12 मांगों को लेकर देश भर में जिला और ब्लॉक स्तर पर ट्रैक्टर मार्च किया और नए कानून (भारतीय न्याय संहिता) की कॉपियां जलाई. किसानों ने ट्रैक्टर मार्च के माध्यम से 13 फरवरी से चले आ रहे आंदोलन के मुद्दों को विशेषकर MSP गारंटी कानून की मांग को फिर से दुहराया.

क्यों नाराज़ हैं किसान?

संगठन से जुड़े किसान नेताओं ने कहा कि किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की लड़ाई लड़ रहे हैं और सरकार इसे भी पूरा नहीं कर पा रही. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 77 सालों में तमाम पार्टियों की सरकार बनी लेकिन किसी ने भी किसानों-मजदूरों के मुद्दों को हल करने का प्रयास ईमानदारी से नहीं किया. उनका कहना है कि यही वो देश है जहां मात्र 8 साल में कार्पोरेट घरानों का साढ़े चौदह लाख करोड़ कर्ज माफ कर दिया गया लेकिन जब किसानों को राहत देने की बात आती है या उनको कर्ज मुक्त करने की बात आती है तब सरकार चुप्पी साध लेती है. किसान नेताओं ने कहा कि सरकार उन्हीं अधिकारियों को मेडल देना चाहती थी जिन्होंने किसान आंदोलन के वक्त किसानों पर ज़ुल्म किए. लेकिन बाद में किसान संगठनों के दबाव में सरकार ने उनके नाम सूची से हटाए.

संगठन ने बताया अपना अगला प्लान

किसान नेताओं ने आगामी कार्यक्रमों का लेखा-जोखा भी दिया. उन्होंने बताया कि 31 अगस्त को किसान आंदोलन के 200 दिन पूरे होने पर शम्भू एवम खनौरी बोर्डरों पर बड़ी महापंचायतें की जाएंगी. इसके बाद 1 सितम्बर को उत्तरप्रदेश के संभल में महापंचायत आयोजित की जाएगी. फिर 15 सितम्बर को हरियाणा के जींद जिले की उचाना अनाज मंडी और 22 सितम्बर को कुरुक्षेत्र जिले के पिपली की अनाज मंडी में राष्ट्रीय स्तर की किसान महापंचायत आयोजित होगी जहां देश भर से लाखों किसान पहुंचेंगे.

NP

About the Author

Rohit

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min