Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. किसानों के लिए लॉन्च किया गया कृषि DSS, बाढ़-सूखे की जानकारी पहले ही दे देगा
एग्री बुलेटिन

किसानों के लिए लॉन्च किया गया कृषि DSS, बाढ़-सूखे की जानकारी पहले ही दे देगा

कृषि DSS यानी कृषि डिसीजन सपोर्ट सिस्टम. ये कई स्तरों पर किसानों और वैज्ञानिकों को देश की खेती के बारे में सटीक डेटा देगा. कृषि मंत्रालय ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि इसकी मदद से खेतों के से

NP

Rohit· Correspondent

16 अगस्त 2024· 4 min read

agricultureagriculture newsagriculture transformation
किसानों के लिए लॉन्च किया गया कृषि DSS, बाढ़-सूखे की जानकारी पहले ही दे देगा

किसानों के लिए लॉन्च किया गया कृषि DSS, बाढ़-सूखे की जानकारी पहले ही दे देगा

23 अगस्त को भारत अपना अंतरिक्ष दिवस मनाएगा. इससे ठीक पहले देश की केंद्र सरकार ने सेटलाइट्स की मदद से देश के किसानों को एक ऐसी तकनीक (कृषि DSS) देने का फैसला किया है जो किसानों के लिए खेती में आसानी बनेगा. दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्र सरकार के इस आयोजन देश के कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी मुख्य अतिथि थे. उनके साथ में देश के कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे.

क्या है कृषि DSS?

कृषि DSS यानी कृषि डिसीजन सपोर्ट सिस्टम. ये कई स्तरों पर किसानों और वैज्ञानिकों को देश की खेती के बारे में सटीक डेटा देगा. कृषि मंत्रालय ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि इसकी मदद से खेतों के सेटेलाइट चित्र, मौसम की जानकारी, जलाशयों में पानी की स्थिति और यहाँ तक कि ग्राउंड वाटर लेवल का भी पता लगाया जा सकेगा. इसके साथ साथ क्रॉप मैपिंग और मॉनिटरिंग और बाढ़-सूखे के मूल्यांकन के लिए भी ये तकनीक सहायक सिद्ध होगी. देश में पहले से ऐसे कई उपक्रम हैं जो सेटेलाइट की मदद से देश के कृषि क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं. मंत्रालय का कहना है कि DSS आने के बाद इसमें और इजाफा होगा. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक ऐप लॉन्च किया है जो किसानों को अपनी फसल में लगे कीट से छुटकारा दिलाने में मदद करेगा. अपने फोन से कीट लगे फसल की फोटो खींच के उसे ऐप पर अपलोड करते ही किसानों को उन कीटों और उनके इलाज की सारी जानकारी मिल जाएगी.

कैसे बनाया गया है ये सिस्टम?

दरअसल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और अंतरिक्ष विभाग ने इस सिस्टम को भू-प्रेक्षण उपग्रह-04 यानी EARTH OBSERVATION SATELLITE- 04 (री-सैट-1ए) और वेदाज की मदद से इस सिस्टम को तैयार किया है. ये प्रणाली इसरो के मोसडेक और भुवन के साथ तो कनेक्टेड ही रहेगी लेकिन इसके साथ साथ इसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सिस्टम के साथ भी जोड़ा जाएगा ताकि जो भी डेटा सेटेलाइट्स की मदद से आए, वो सीधे कृषि विभाग के जिम्मेदारों तक पहुँच सके और फिर उसी अनुसार काम किया जा सके.

किसानों को मिलेंगे ये फायदे

मंत्रालय का दावा है कि इस सिस्टम से कृषि क्षेत्र की ताकत बढ़ेगी ही, किसानों की आय को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी, इसलिए ये तकनीक कृषि क्षेत्र के साथ-साथ पूरे देश के लिए फायदेमंद है. मौसम के सटीक पूर्वानुमान के हिसाब से जब किसान खेती और फसल का चुनाव करेंगे तो ये उन्हें अपना उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगी. और इसी से एक्सपोर्ट के अवसर भी बढ़ेंगे. मंत्रालय ने कृषि DSS के बारे में अपने प्रेजेंटेशन में कहा कि ये सिस्टम किसानों को ये बताने में मददगार साबित होगा कि किस वक्त कौन सी फसल बोई जाए. जगह और जमीन के हिसाब से जब किसान खेती करेंगे, तभी वो बड़े मुनाफे की ओर बढ़ेंगे. इसके अलावा आने वाली आपदाओं, फसल में लगने वाले रोगों का पहले से पता लगाने में भी ये सिस्टम किसानों का मददगार बनेगा.

मंत्रालय ने बताया कि ये सिस्टम ऐसा है जो रौशनी पर निर्भर नहीं है, बल्कि अंधेरे में भी अंतरिक्ष से हाई रिजॉल्यूशन पिक्चर्स ले सकता है. इस सेटेलाइट से मिले डाटा के आधार पर कृषि, पर्यावरण, जल संसाधन और आपदा प्रबंधन के लिए नया सिस्टम डेवलप करने में मदद करेगा. इसका सीधा फायदा छोटे किसानों को ज्यादा होगा, क्योंकि कम जमीन में खेती करने वाले इन किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ता है. समय से पहले जोखिमों को समझकर अगर किसान सतर्क हो जाएंगे तो इससे फसल की सुरक्षा तो सुनिश्चित होगी ही, अच्छी पैदावार और आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

अगला कदम क्या?

मंत्रालय ने कहा कि हम यहीं नहीं ठहरेंगे, अभी हमारा उद्देश्य कृषि क्षेत्र में तकनीक और इनोवेशन्स के नए नए प्रयोगों को जारी रखेंगे. कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि हमारा अगला कदम कृषि में ड्रोन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है. कई ऐसी फसलें हैं और ऐसे खेत, जहां देख रेख तो दूर की बात है, किसानों के लिए उनकी सिंचाई भी मुश्किल हो जाती है. ऐसे इलाकों में ड्रोन से सिंचाई की जा सकती है और हम इस पर काम कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमारा पूरा प्रयास है कि देश भर में कृषि उत्पादन बढ़े और इसके साथ साथ कृषि उत्पादों की सेल्फ लाइफ कैसे बढ़ेगी, हम इस पर भी काम कर रहे हैं.

News Potli.
Clip & Share
“

— किसानों के लिए लॉन्च किया गया कृषि DSS, बाढ़-सूखे की जानकारी पहले ही दे देगा

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Rohit

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs