Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. मार्केट में टमाटर की कमी को दूर करेंगी नयी हाइब्रिड क़िस्में, IIHR का दावा तीन सप्ताह तक उपज नहीं होगी ख़राब
एग्री बुलेटिन

मार्केट में टमाटर की कमी को दूर करेंगी नयी हाइब्रिड क़िस्में, IIHR का दावा तीन सप्ताह तक उपज नहीं होगी ख़राब

सामान्य टमाटर की किस्मों की शेल्फ लाइफ आमतौर पर 7-10 दिनों की होती है, लेकिन भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR) ने टमाटर की अर्का रक्षक और अर्का अबेध नामक नयी क़िस्में विकसित की हैं और दावा किया ह

NP

Pooja Rai· Correspondent

20 जुलाई 2024· 3 min read

agriculture newshybrid tomatoicar
मार्केट में टमाटर की कमी को दूर करेंगी नयी हाइब्रिड क़िस्में, IIHR का दावा तीन सप्ताह तक उपज नहीं होगी ख़राब

मार्केट में टमाटर की कमी को दूर करेंगी नयी हाइब्रिड क़िस्में, IIHR का दावा तीन सप्ताह तक उपज नहीं होगी ख़राब

सामान्य टमाटर(Tomato) की किस्मों की शेल्फ लाइफ आमतौर पर 7-10 दिनों की होती है, लेकिन भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR) ने टमाटर(Tomato) की अर्का रक्षक और अर्का अबेध नामक नयी क़िस्में विकसित की हैं और दावा किया है कि इन किस्मों की सेल्फ लाइफ तीन सप्ताह तक होगा।

देश में लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है, ख़ासकर खाद्य आइटमों की।सब्जियों की क़ीमतें तो आसमान छू रही हैं, ऐसे में सब्ज़ियों का सेवन जितना ज़रूरी है, आम जन के लिए इसे ख़रीदना उतना ही मुश्किल होता जा रहा है। खास कर टमाटर की बढ़ती कीमत ने आम जनता के किचन का बजट बिगाड़ दिया है। अधिकांश शहरों में इसकी कीमत 100-80 रुपये किलो तक पहुंच गई है।इसी बीच खबर आयी है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR ) के तहत बेंगलुरु स्थित एक संस्थान ने टमाटर की दो हाइब्रिड किस्मों को विकसित किया है, जिसकी शेल्फ लाइफ 20 दिनों से भी अधिक बतायी जा रही है। यानी किसान अगर इन दोनों किस्मों की खेती करते हैं, तो बारिश के मौसम में टमाटर की होने वाली कमी को दूर किया जा सकता है। क्योंकि शेल्फ लाइफ कम होने के चलते तुड़ाई से लेकर निर्यात के दौरान टमाटर की बहुत अधिक बर्बादी होती है।ऐसे में शेल्फ लाइफ अधिक होने के चलते इन बर्बादी को राका जा सकता है।

ये क़िस्म रोग प्रतिरोधी हैं
टमाटर की ये किस्में टमाटर में लगने वाले कम से कम तीन बीमारियों के प्रति प्रतिरोधी हैं, जिनमें खतरनाक लेट ब्लाइट भी शामिल है।
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, गैर-रेफ्रिजरेटेड स्थिति में पारंपरिक टमाटर की किस्मों की शेल्फ लाइफ आमतौर पर 7-10 दिनों की होती है, लेकिन भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR) द्वारा विकसित नई संकर टमाटर की किस्में, अर्का रक्षक और अर्का अबेध, तीन सप्ताह तक की प्रभावशाली शेल्फ लाइफ का दावा करती हैं।

ये भी पढ़ें -किसान शुरू करें प्राकृतिक खेती, कृषि मंत्री का वादा शुरुआत के 3 साल तक मिलेगी सब्सिडी

IIHR के वैज्ञानिक ने क्या कहा?
IIHR के वरिष्ठ वैज्ञानिक चंद्रशेखर सी के अनुसार, 2012 में विकसित भारत का पहला ट्रिपल रोग प्रतिरोधी टमाटर एफ1 हाइब्रिड अर्का रक्षक, वर्तमान में 7,000 हेक्टेयर में उगाया जाता है। हाइब्रिड तकनीक को 11 कंपनियों को लाइसेंस दिया गया है, जिन्होंने 2012-22 के दौरान बीज की बिक्री से 3,600 करोड़ रुपये का कारोबार करने का अनुमान लगाया है।

उन्होंने कहा कि तीन साल पहले जारी अर्का अबेध तीन सप्ताह की लंबी शेल्फ लाइफ प्रदान करता है और दूर के बाजारों के लिए उपयुक्त है।
और उन्होंने ने कहा कि IIHR ने हाल ही में बीज की बिक्री की और कवरेज बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय बीज निगम के साथ साझेदारी की है।चूंकि भारत में टमाटर की खेती 8-10 लाख हेक्टेयर में होती है, इसलिए इन दोनों किस्मों के कवरेज का सटीक डेटा अस्पष्ट है, जिससे भविष्य की विस्तार योजनाओं को तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— मार्केट में टमाटर की कमी को दूर करेंगी नयी हाइब्रिड क़िस्में, IIHR का दावा तीन सप्ताह तक उपज नहीं होगी ख़राब

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs