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महाराष्ट्र में जनवरी से मार्च 2025 के बीच 700 से ज्यादा किसानों ने की Suicide, मंत्री ने विधानपरिषद में दी जानकारी

Maharashtra में जनवरी से मार्च 2025 के बीच 700 से ज्यादा किसानों ने Suicide की है. इसमें से अधिकतर किसान Vidarbha क्षेत्र के हैं. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में महाराष्ट्र में लगभग 2,635 किसा

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Pooja Rai· Correspondent

3 जुलाई 2025· 3 min read

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महाराष्ट्र में जनवरी से मार्च 2025 के बीच 700 से ज्यादा किसानों ने की Suicide, मंत्री ने विधानपरिषद में दी जानकारी

महाराष्ट्र में जनवरी से मार्च 2025 के बीच 700 से ज्यादा किसानों ने की Suicide, मंत्री ने विधानपरिषद में दी जानकारी

Maharashtra में जनवरी से मार्च 2025 के बीच 700 से ज्यादा किसानों ने Suicide की है. इसमें से अधिकतर किसान Vidarbha क्षेत्र के हैं. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में महाराष्ट्र में लगभग 2,635 किसानों ने आत्महत्या की थी, जबकि साल 2023 में लगभग 2,851 किसानों ने आत्महत्या की थी.

वैसे तो सालभर किसानों की आत्महत्या से जुड़ी खबरें आती रहती हैं, लेकिन फ़िलहाल महाराष्ट्र से किसान आत्महत्या से संबंधित चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 के शुरुआती तीन महीने के अंदर 767 किसानों ने आत्महत्या की है. इनमें से अधिकतर किसान विदर्भ क्षेत्र से हैं. महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री ने एक सवाल के जवाब में विधानपरिषद में ये जानकारी दी है.

मात्र 376 किसान परिवारों को ही मिल पायी है मदद
महाराष्ट्र के राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटिल ने लिखित जवाब में विधान परिषद में बताया कि आत्महत्या करने वाले 767 किसानों में से 376 किसान सरकार की मदद के लिए पात्र हो गए हैं, जबकि 200 किसानों के परिवारों को कोई सहायता नहीं मिल पाएगी, क्योंकि वे सरकार द्वारा तय किए गए मानदंडों पर खरे नहीं उतरे. वहीं अभी 194 मामले जांच के लिए लंबित हैं.

ये भी पढ़ें- खरीफ में मोटे अनाज की भी खेती करेंगे किसान, यूपी सरकार मुफ्त में दे रही है बीज की मिनी किट

1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देती है सरकार
मकरंद पाटिल ने अपने जवाब में ये भी बताया कि मदद के लिए पात्र 373 मामलों में से 327 मामलों में किसानों के उत्तराधिकारियों को वित्तीय सहायता दे दी गई है. महाराष्ट्र सरकार आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देती है.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पश्चिमी विदर्भ के जिले यवतमाल, अमरावती, अकोला, बुलढाणा और वासिम में जनवरी 2025 से मार्च 2025 के बीच 257 किसानों ने आत्महत्या की. इनमें से सिर्फ 75 मृतक किसानों के परिवार को आर्थिक सहायता मिली, जबकि 74 आवेदन खारिज कर दिए गए. मराठवाडा के हिंगोली जिले में भी जनवरी से मार्च 2025 के बीच में 24 किसानों के आत्महत्या के मामले सामने आए हैं.

इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने अपने ट्वीट पोस्ट में लिखा कि
सोचिए.. सिर्फ 3 महीनों में महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली। क्या ये सिर्फ एक आंकड़ा है? नहीं। ये 767 उजड़े हुए घर हैं। 767 परिवार जो कभी नहीं संभल पाएंगे। और सरकार? चुप है। बेरुख़ी से देख रही है। किसान हर दिन कर्ज़ में और गहराई तक डूब रहा है - बीज महंगे हैं, खाद महंगी है, डीज़ल महंगा है.. लेकिन MSP की कोई गारंटी नहीं। जब वो कर्ज़ माफ़ी की मांग करते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज़ कर दिया जाता है। लेकिन जिनके पास करोड़ों हैं? उनके लोन मोदी सरकार आराम से माफ कर देती है। आज की ही खबर देख लीजिए - अनिल अंबानी का ₹48,000 करोड़ का SBI “फ्रॉड”। मोदी जी ने कहा था, किसान की आमदनी दोगुनी करेंगे - आज हाल ये है कि अन्नदाता की ज़िंदगी ही आधी हो रही है। ये सिस्टम किसानों को मार रहा है - चुपचाप, लेकिन लगातार और मोदी जी अपने ही PR का तमाशा देख रहे हैं।

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