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मजदूरी कम, काम तेज: गन्ना खेती में आया आधुनिक हारवेस्टर

शाहजहाँपुर में गन्ना किसानों के लिए मिनी केन हारवेस्टर का सजीव प्रदर्शन किया गया। इस मशीन से गन्ना कटाई-छिलाई आसान होगी, मजदूरी और लागत कम होगी तथा समय की बचत होगी। कार्यक्रम में अधिकारियों, वैज्ञानिक

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Pooja Rai· Correspondent

10 जनवरी 2026· 2 min read

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मजदूरी कम, काम तेज: गन्ना खेती में आया आधुनिक हारवेस्टर

मजदूरी कम, काम तेज: गन्ना खेती में आया आधुनिक हारवेस्टर

शाहजहाँपुर में गन्ना किसानों के लिए मिनी केन हारवेस्टर का सजीव प्रदर्शन किया गया। इस मशीन से गन्ना कटाई-छिलाई आसान होगी, मजदूरी और लागत कम होगी तथा समय की बचत होगी। कार्यक्रम में अधिकारियों, वैज्ञानिकों और किसानों ने हिस्सा लिया और नई गन्ना किस्मों व अंतरफसली खेती की जानकारी भी दी गई।

शाहजहाँपुर के गन्ना शोध फार्म में किसानों के हित में गन्ना कटाई और छिलाई के लिए मिनी केन हारवेस्टर का सजीव प्रदर्शन किया गया। इस मशीन से गन्ने की कटाई और छिलाई दोनों काम कम समय में और कम मेहनत से किए जा सकते हैं।

इस कार्यक्रम में गन्ना शोध परिषद के निदेशक वी.के. शुक्ल और अपर गन्ना आयुक्त डॉ. बी.बी. सिंह मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि आजकल खेतों में मजदूर आसानी से नहीं मिलते और मजदूरी भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गन्ना खेती में मशीनों का इस्तेमाल अब जरूरी हो गया है।

मजदूरी कम, काम तेज और लागत भी घटेगी
अधिकारियों ने कहा कि मिनी केन हारवेस्टर से मजदूरों पर निर्भरता कम होगी, गन्ने की कटाई जल्दी होगी, समय और पैसे दोनों की बचत होगी और कटाई की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इससे किसानों की लागत घटेगी और आमदनी बढ़ेगी।

कई जिलों के अधिकारी और किसान हुए शामिल
सजीव प्रदर्शन में मुरादाबाद, लखनऊ और बरेली मंडल के गन्ना अधिकारी, गन्ना समितियों के चेयरमैन, चीनी मिलों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान शामिल हुए। सभी ने इस मशीन को किसानों के लिए उपयोगी और फायदेमंद बताया।

नई किस्में और अंतरफसल बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान किसानों को शोध प्रक्षेत्र का भ्रमण भी कराया गया। इसमें नई उन्नत गन्ना किस्मों के साथ-साथ गन्ने के बीच की जाने वाली खेती दिखाई गई। जैसे आलू, गेंदा, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज, मटर, मसूर, सरसों और लहसुन।अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की अंतरफसली खेती से किसानों को अतिरिक्त कमाई होती है और मिट्टी की सेहत भी बनी रहती है।

किसानों से अपील
कार्यक्रम के अंत में किसानों से अपील की गई कि वे आधुनिक मशीनों, नई किस्मों और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं, ताकि गन्ना खेती कम लागत में ज्यादा मुनाफे वाली बन सके।यह सजीव प्रदर्शन गन्ना खेती को आधुनिक बनाने और किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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