News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. भारत और रूस मिलकर बनाएंगे नई यूरिया फैक्ट्री, 2027-28 तक शुरू होगा उत्पादन
एग्री बुलेटिन

भारत और रूस मिलकर बनाएंगे नई यूरिया फैक्ट्री, 2027-28 तक शुरू होगा उत्पादन

भारत और रूस मिलकर रूस में एक बड़ा यूरिया प्लांट बना रहे हैं जिसकी क्षमता सालाना 20 लाख टन होगी। इस प्रोजेक्ट में करीब ₹10,790 करोड़ का निवेश होगा और उत्पादन 2027-28 से शुरू होने की उम्मीद है। रूस की क

NP

Pooja Rai·Correspondent·06 Dec 2025· 3 min read

भारत और रूस मिलकर बनाएंगे नई यूरिया फैक्ट्री, 2027-28 तक शुरू होगा उत्पादन

भारत और रूस मिलकर बनाएंगे नई यूरिया फैक्ट्री, 2027-28 तक शुरू होगा उत्पादन

भारत और रूस मिलकर रूस में एक बड़ा यूरिया प्लांट बना रहे हैं जिसकी क्षमता सालाना 20 लाख टन होगी। इस प्रोजेक्ट में करीब ₹10,790 करोड़ का निवेश होगा और उत्पादन 2027-28 से शुरू होने की उम्मीद है। रूस की कंपनी Uralchem की इसमें 50% हिस्सेदारी होगी, जबकि भारत की तीन कंपनियाँ IPL, RCF और NFL बाकी 50% हिस्सेदारी साझा करेंगी। इस प्लांट में बनने वाले यूरिया का कम से कम 50% भारत खरीदेगा, जिससे देश की आयात पर निर्भरता कम होगी।

भारत और रूस के बीच उर्वरक क्षेत्र में बड़ा समझौता हुआ है। रूस की कंपनी Uralchem JSC और भारत की तीन कंपनियाँ — इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL), राश्ट्रिय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF) और नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) मिलकर रूस में एक यूरिया फैक्ट्री बनाएंगी। इस प्लांट की क्षमता 2 मिलियन टन (20 लाख टन) प्रति वर्ष होगी।

2027-28 तक शुरू होगा उत्पादन
यह समझौता नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की मौजूदगी में साइन किया गया। इस प्रोजेक्ट में कुल ₹10,790 करोड़ (लगभग $1.2 बिलियन) का निवेश होगा और इसका उत्पादन 2027-28 तक शुरू होने की उम्मीद है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच उर्वरकों और कृषि सहयोग को मजबूत करना किसानों और खाद्य सुरक्षा के लिए बेहद ज़रूरी है। इसमें रूस की कंपनी Uralchem की इसमें 50% हिस्सेदारी होगी, जबकि भारत की तीन कंपनियाँ IPL — 22.5%, RCF — 22.5% और NFL — 5% की हिस्सेदारी साझा करेंगी। आपको बता दें कि IPL पहली बार यूरिया उत्पादन में प्रवेश कर रहा है, जबकि RCF और NFL पहले से इस क्षेत्र में काम करते हैं।

ये भी पढ़ें - कृषि व्यापार, अनुसंधान और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भारत और रूस में सहमति

भारत को होगा बड़ा फायदा
इस प्लांट से बनने वाले यूरिया में से कम से कम 50% यूरिया खरीदने का पहला अधिकार भारत को मिलेगा। इससे भविष्य में भारत की यूरिया आयात पर निर्भरता कम होगी। बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल तकनीकी और वित्तीय जांच का काम चल रहा है। उम्मीद है कि 2026 के मध्य में निर्माण शुरू होगा और 2 साल में प्लांट तैयार हो जाएगा।यह संयुक्त परियोजना भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ आने वाले समय में किसानों को समय पर और सस्ती यूरिया उपलब्ध कराने में मदद करेगी।

क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट?
भारत में हर साल यूरिया की मांग बढ़ रही है। सरकार के अनुसार 2035-36 तक मांग 44.4 मिलियन टन तक पहुँच जाएगी, जबकि 2024-25 में यह मांग 38.8 मिलियन टन थी।हालांकि, भारत में 33 यूरिया फैक्ट्रियाँ हैं, लेकिन बढ़ती मांग के कारण बड़ा हिस्सा अब भी आयात करना पड़ता है।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— भारत और रूस मिलकर बनाएंगे नई यूरिया फैक्ट्री, 2027-28 तक शुरू होगा उत्पादन

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsIndia and Russiakheti kisaniNews Potliureaurea plantखेती किसानी
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs