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बिहार में मसाले की खेती पर सरकार की नई योजना: किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

बिहार सरकार की बीज मसाले योजना 2025-26 के तहत धनिया, मेथी, मंगरैल, अजवाइन और सौंफ के बीज पर 40% सब्सिडी दी जा रही है। सब्सिडी दो किस्तों में मिलेगी और आवेदन ऑनलाइन horticulture.bihar.gov.in पर किया जा

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Pooja Rai· Correspondent

6 अक्टूबर 2025· 3 min read

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बिहार में मसाले की खेती पर सरकार की नई योजना: किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

बिहार में मसाले की खेती पर सरकार की नई योजना: किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

बिहार सरकार की बीज मसाले योजना 2025-26 के तहत धनिया, मेथी, मंगरैल, अजवाइन और सौंफ के बीज पर 40% सब्सिडी दी जा रही है। सब्सिडी दो किस्तों में मिलेगी और आवेदन ऑनलाइन horticulture.bihar.gov.in पर किया जा सकता है। अच्छी खेती के लिए मिट्टी, बुवाई का समय और बीज की देखभाल पर ध्यान दें।

आज के समय में मसालों की मांग दिन-ब-दिन बढ़ रही है। ऐसे में मसाले की खेती किसानों के लिए अच्छा मुनाफा देने वाला विकल्प बन गई है। बिहार सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बीज मसाले की योजना 2025-26 शुरू की है। इस योजना के तहत किसान धनिया, मेथी, मंगरैल, अजवाइन और सौंफ की खेती करने के लिए बीज पर सब्सिडी पा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

किसानों को कितनी सब्सिडी मिलेगी?
बिहार सरकार के कृषि विभाग के अनुसार, योजना के तहत राज्य के किसान धनिया, मेथी, मंगरैल, अजवाइन और सौंफ की खेती के लिए बीज खरीदने पर सब्सिडी पा सकते हैं।
हर हेक्टेयर पर कुल लागत: ₹50,000
सब्सिडी: 40% यानी ₹20,000
भुगतान दो किस्तों में: पहली किस्त: ₹12,000, दूसरी किस्त: ₹8,000

आवेदन कैसे करें?
किसान ऑनलाइन आवेदन करके इस योजना का लाभ ले सकते हैं। आसान स्टेप्स इस प्रकार हैं:

सबसे पहले horticulture.bihar.gov.in वेबसाइट पर जाएं।

होम पेज पर “योजना” विकल्प पर क्लिक करें।

बीज मसाले की योजना (2025-26) चुनें।

जिस फसल (धनिया, मेथी, मंगरैल, अजवाइन, सौंफ) के लिए सब्सिडी चाहिए, उस पर आवेदन करें।

रजिस्ट्रेशन फॉर्म में मांगी गई जानकारी सही-सही भरें।

सब कुछ भरने के बाद “सबमिट” पर क्लिक करें।

ये भी पढ़ें - प्राकृतिक खेती से सफलता की कहानी, बहराइच के जय सिंह बने केले की खेती के मिसाल

मसाले वाली फसलों की खेती कैसे करें?
1. धनिया
खेत : अच्छी जल निकासी वाली दोमट या मटियार मिट्टी
तैयारी: 2-3 बार गहरी जुताई, आखिरी जुताई से पहले गोबर की खाद डालें
बुवाई: बीजों को दो हिस्सों में बांटकर बुवाई करें

2. मेथी
खेत : अच्छी तरह तैयार की हुई खेत की मिट्टी
तैयारी: पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से, 2-3 जुताई देसी हल से
बुवाई: अक्टूबर से नवंबर के बीच, खेत में नमी जरूरी

3. मंगरैल
खेत : कार्बनिक पदार्थ वाली दोमट मिट्टी
तैयारी: गहरी जुताई करके सड़ी हुई गोबर की खाद डालें
बुवाई: मध्य अक्टूबर से मध्य नवंबर

4. अजवाइन
खेत : जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी
तैयारी: अच्छी तरह जुताई करें
बीज: उपचारित बीज, पंक्ति में 30-40 सेमी, पौधे में 25-30 सेमी दूरी

5. सौंफ
खेत : जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी
तैयारी: खेत में सड़ी हुई गोबर की खाद डालें
बुवाई: फफूंदनाशक से उपचारित बीज, अक्टूबर से नवंबर

संपर्क और अधिक जानकारी
यदि आप भी बिहार के किसान हैं और धनिया, मेथी, मंगरैल, अजवाइन या सौंफ की खेती करना चाहते हैं, तो आप सरकार की इस योजना के तहत सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।ऑनलाइन आवेदन: horticulture.bihar.gov.in ।प्राकृतिक खेती से सफलता की कहानी, बहराइच के जय सिंह बने केले की खेती के मिसाल अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के कृषि या बागवानी विभाग के कार्यालय में संपर्क करें।

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