News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. बारिश से पहले मिलेगी खबर, सरकार का अनोखा एआई मौसम कार्यक्रम
एग्री बुलेटिन

बारिश से पहले मिलेगी खबर, सरकार का अनोखा एआई मौसम कार्यक्रम

सरकार ने एआई आधारित मौसम पूर्वानुमान कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके जरिए इस साल 13 राज्यों के 3.8 करोड़ किसानों को एसएमएस से बारिश और मौसम की जानकारी दी गई। यह पूर्वानुमान 4 हफ्ते पहले तक मिल जाता है,

NP

Pooja Rai·Correspondent·13 Sep 2025· 3 min read

बारिश से पहले मिलेगी खबर, सरकार का अनोखा एआई मौसम कार्यक्रम

बारिश से पहले मिलेगी खबर, सरकार का अनोखा एआई मौसम कार्यक्रम

सरकार ने एआई आधारित मौसम पूर्वानुमान कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके जरिए इस साल 13 राज्यों के 3.8 करोड़ किसानों को एसएमएस से बारिश और मौसम की जानकारी दी गई। यह पूर्वानुमान 4 हफ्ते पहले तक मिल जाता है, जिससे किसान सही समय पर बुवाई कर पाते हैं और फसलों का नुकसान कम होता है।

भारत सरकार ने किसानों के लिए अपनी तरह का पहला एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) आधारित मौसम पूर्वानुमान कार्यक्रम शुरू किया है। इसका मकसद किसानों को समय रहते सही जानकारी देकर उनकी खेती को और सुरक्षित बनाना है। इस साल 13 राज्यों के करीब 3.8 करोड़ किसानों को SMS (एम-किसान) के जरिए खरीफ सीजन के लिए मानसून की भविष्यवाणी भेजी गई। खास बात यह है कि ये पूर्वानुमान बारिश से चार हफ्ते पहले तक उपलब्ध कराए गए, जिससे किसानों को फसल बोने और कृषि कामकाज की योजना बनाने में आसानी हुई।

इन एआई मॉडल का किया गया है इस्तेमाल
किसानों की मदद के लिए मंत्रालय ने गूगल के न्यूरल GCM और ECMWF के AIFS सिस्टम जैसे आधुनिक एआई मॉडल का इस्तेमाल किया। इन मॉडलों ने स्थानीय स्तर पर मानसून की सही भविष्यवाणी कर यह साबित कर दिया कि ये पहले से मौजूद तरीकों से कहीं ज्यादा सटीक हैं। उदाहरण के तौर पर, इस साल जब मानसून के दौरान 20 दिन तक बारिश रुकी रही, तो एआई मॉडल ने इसकी सटीक जानकारी पहले ही पहचानकर किसानों तक पहुंचा दी।

मौसम अब ज्यादा अनिश्चित
अधिकारियों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम अब ज्यादा अनिश्चित हो गया है। ऐसे में किसानों को समय पर सही पूर्वानुमान मिलना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि मंत्रालय हर हफ्ते किसानों को अपडेटेड जानकारी भेज रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान अब अधिक आत्मविश्वास के साथ तय कर पा रहे हैं कि कौन सी फसल कब बोनी है और उन्हें जोखिम से कैसे बचना है।

ये भी पढ़ें - आयात बढ़ने से भारत का कपास भंडार पहुँचा 5 साल के उच्चतम स्तर पर

नोबेल विजेता ने की सराहना
इस कार्यक्रम की नोबेल पुरस्कार विजेता माइकल क्रेमर ने भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है और यह लाखों किसानों की जिंदगी बदलने वाली साबित होगी। उन्होंने इसे इस बात का उदाहरण बताया कि एआई के दौर में तकनीक का इस्तेमाल किस तरह से सीधे लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए।

मौसम की जानकारी सरल भाषा में मिलने से किसानों को फायदा
नीति आयोग और कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने भी माना कि मौसम की जानकारी अगर सरल भाषा में और किसानों की जरूरत के अनुसार दी जाए, तो इसका फायदा दोगुना होता है। इसी सोच के तहत किसानों से सीधा संवाद भी किया गया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें मिली जानकारी सही ढंग से समझ में आए और वे उसे खेती में लागू कर सकें।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— बारिश से पहले मिलेगी खबर, सरकार का अनोखा एआई मौसम कार्यक्रम

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newsAI in agricultureAI weather programkheti kisanimausam updateNews Potliकिसान समाचारखेती किसानी
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs