Skip to content
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • साक्षात्कार
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
सहयोग करें
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. बदलते मौसम में पूसा की किसानों को सलाह, हवा की गति कम होने पर सुबह या शाम को करें सिंचाई
एग्री बुलेटिन

बदलते मौसम में पूसा की किसानों को सलाह, हवा की गति कम होने पर सुबह या शाम को करें सिंचाई

दिन-प्रतिदिन तापमान बढ़ता जा रहा है। अभी से लोगों को गर्मी सताने लगी है। इस मौसम में किसानों के लिए अपनी फसलों का ख्याल रखना और भी जरूरी हो जाता है। ऐसे में पूसा ने किसानों को खड़ी फसलों और सब्जियों म

NP

Pooja Rai· Correspondent

7 अप्रैल 2025· 3 min read

advisioryagriculture newskheti kisani
बदलते मौसम में पूसा की किसानों को सलाह, हवा की गति कम होने पर सुबह या शाम को करें सिंचाई

बदलते मौसम में पूसा की किसानों को सलाह, हवा की गति कम होने पर सुबह या शाम को करें सिंचाई

दिन-प्रतिदिन तापमान बढ़ता जा रहा है। अभी से लोगों को गर्मी सताने लगी है। इस मौसम में किसानों के लिए अपनी फसलों का ख्याल रखना और भी जरूरी हो जाता है। ऐसे में पूसा ने किसानों को खड़ी फसलों और सब्जियों में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है। सलाह में ये भी कहा है कि किसान हवा की गति कम होने पर सुबह या शाम को फसलों में सिंचाई करें।

मूंग किसानों के लिए पूसा ने सलाह दी है कि किसान मूंग की फसल की बुवाई के लिए उन्नत बीजों का उपयोग करें, जैसे पूसा विशाल, पूसा रत्ना, पूसा-5931, और अन्य बीजों को राईजोबीयम और फास्फोरस सोलूबलाईजिंग बेक्टीरिया से उपचारित करना न भूलें।
किसान अपनी कटाई हुई फसलों को अच्छे से बांधकर और ढककर रखें। ऐसा न करने पर तेज हवा या तूफान से फसल एक खेत से दूसरे खेत में फैल सकती है, जिससे नुकसान हो सकता है। इसके अलावा कटाई के बाद किसान अपने फसलों को भण्डारित करने से पहले उन्हें अच्छी तरह सुखा लें ताकि नमी के कारण फसल सड़ न जाए। यदि नमी के कारण फसलों को बंद रखा जाए तो फसल बर्बाद हो जाती है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।

ये भी पढ़ें - उत्तर प्रदेश में कृषि सखियां सिखाएंगी प्राकृतिक खेती, मिलेगा 5,000 रुपये वेतन

गेहूं की देर से बुवाई करने वाले किसान ये करें
गेहूं की देर से बुवाई करने वाले किसानों के लिए पूसा ने कहा है कि तापमान में वृद्धि से बचाव के लिए किसान पछेती गेहूं की फसल में 2% पोटेशियम नाइट्रेट या 0.2% म्यूरेट ऑफ पोटाश उर्वरक का घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करें। इसके अलावा सब्ज़ी किसान अपने फसल को अधिक तापमान से बचाने के लिए, टमाटर, मिर्च और बैंगन की फसलों में 2% नेफथालिन एसीटिक एसिड (NAA) का घोल छिड़कें इससे फलों का विकास नहीं रुकेगा और नुकसान कम होगा।

सब्ज़ी किसान इन बातों का रखें ध्यान
टमाटर, मटर, बैंगन और चना की फसलों को फल छेदक/फली छेदक कीट से बचाने के लिए किसान खेत में पक्षी का घोसला लगाएं. इसके अलावा, कीट की निगरानी के लिए फिरोमोन प्रपंश का उपयोग करें यदि कीटों की संख्या अधिक हो, तो बी.टी. कीटनाशी का छिड़काव करें। इसके अलावा अधिक तापमान से बचाने के लिए, टमाटर, मिर्च और बैंगन की फसलों में 2% नेफथालिन एसीटिक एसिड (NAA) का घोल छिड़कें इससे फलों का विकास नहीं रुकेगा और नुकसान कम होगा। इस मौसम में इन सरल उपायों को अपनाकर किसान अपनी फसलों का उत्पादन बढ़ा सकते हैं और नुकसान से बच सकते हैं।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— बदलते मौसम में पूसा की किसानों को सलाह, हवा की गति कम होने पर सुबह या शाम को करें सिंचाई

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें.

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 फ़र॰ 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·9 फ़र॰ 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs