News Potli
न्यूज़ पोटलीभारत के किसानों और गाँवों की आवाज़
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
News Potli
  • खेती किसानी
  • एग्री बुलेटिन
  • मौसम बेमौसम
  • पशुपालन
  • इंटरव्यू
  • बाज़ार
  • ग्राउन्ड रिपोर्ट्स
  • कमाई वाली बात
Share
WhatsAppFacebookX / Twitter
  1. Home
  2. एग्री बुलेटिन
  3. प्राकृतिक खेती ही भविष्य: कृषि मंत्री
एग्री बुलेटिन

प्राकृतिक खेती ही भविष्य: कृषि मंत्री

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान असली वैज्ञानिक हैं और उनकी देसी तकनीकों पर रिसर्च होगी। उन्होंने बताया कि उत्पादन बढ़ा है, लेकिन रासायनिक खाद और कीटनाशकों की वजह से खेती महंगी हो गई है,

NP

Pooja Rai·Correspondent·09 Dec 2025· 3 min read

प्राकृतिक खेती ही भविष्य: कृषि मंत्री

प्राकृतिक खेती ही भविष्य: कृषि मंत्री

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान असली वैज्ञानिक हैं और उनकी देसी तकनीकों पर रिसर्च होगी। उन्होंने बताया कि उत्पादन बढ़ा है, लेकिन रासायनिक खाद और कीटनाशकों की वजह से खेती महंगी हो गई है, इसलिए प्राकृतिक और संतुलित खेती जरूरी है। उद्योग ने कहा कि किसानों को बेहतर तकनीक और विकल्प देने होंगे ताकि उनकी उपज और आय बढ़ सके।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की तारीफ करते हुए कहा कि किसान असली "प्रैक्टिकल साइंटिस्ट" हैं। उन्होंने बताया कि बिहार के दौरे के दौरान लीची किसान उन्हें मिले और बताया कि उन्होंने लीची के गुच्छों पर कुछ खास चीज लगाकर उसकी शेल्फ लाइफ बढ़ाने का तरीका खोज लिया है। मंत्री ने कहा कि ऐसे देसी तरीकों पर अब वैज्ञानिक रिसर्च की जाएगी ताकि इन्हें और बेहतर बनाया जा सके और बड़े स्तर पर अपनाया जा सके।

खेती बढ़ी, लेकिन लागत भी बढ़ गई: मंत्री
दिल्ली में आयोजित PHDCCI के कार्यक्रम में बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 2014 के बाद से देश में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ा है, लेकिन साथ ही किसानों की खेती लागत भी बहुत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि अगर उत्पादन और खर्च साथ-साथ बढ़ते रहेंगे तो किसानों को फायदा कैसे होगा? मंत्री ने बताया कि किसान ज़्यादा उत्पादन के लिए खाद और कीटनाशक ज़्यादा मात्रा में इस्तेमाल करते हैं, जिससे लागत इतनी बढ़ जाती है कि बंपर पैदावार के बाद भी मुनाफा बहुत कम बचता है। सरकार लागत कम करने के लिए कई कदम उठा रही है।

ये भी पढ़ें - आने वाले 5 साल में डेयरी किसानों की आय 20% बढ़ेगी: अमित शाह

रासायनिक खादों का सीमित उपयोग ज़रूरी
मंत्री ने उद्योग जगत से अपील की कि धरती को इतना मत निचोड़ें कि वह एक दिन उत्पादन देना बंद कर दे। उन्होंने कहा कि जरूरत से ज़्यादा रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल मिट्टी की उर्वरता को खत्म कर रहा है।उन्होंने सलाह दी कि प्राकृतिक खेती, जैविक (ऑर्गेनिक) खेती या कम से कम रासायनिक खादों का संतुलित उपयोग को अपनाना होगा। सरकार इस दिशा में काम कर रही है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए खेती योग्य मिट्टी बची रहे।

किसानों को विकल्प देना जरूरी: कृषि उद्योग
कार्यक्रम में मौजूद PHDCCI एग्री बिजनेस कमेटी के चेयरमैन आर. जी. अग्रवाल ने कहा कि किसानों को खुद तय करने देना चाहिए कि उनके लिए क्या बेहतर है। उन्होंने कहा कि भारत में ज़मीन छोटी-छोटी है, इसलिए किसानों को अभी के समय में कीटनाशक जैसे विकल्पों की जरूरत है जिससे उनकी फसलें कीटों और बीमारियों से बच सकें।उन्होंने कहा कि किसानों ने हमेशा इस देश के लिए काम किया है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें बेहतर तकनीक, ज्ञान और सहायता दें ताकि वे अपनी पैदावार और आय बढ़ा सकें।

ये देखें -

News Potli.
Clip & Share
“

— प्राकृतिक खेती ही भविष्य: कृषि मंत्री

newspotli.comIndia's #1 Rural Journalism Platform
agriculture newskheti kisaninatural farmingNews PotliShivraj Singh Chouhanखेती किसानी
NP

About the Author

Pooja Rai

Correspondent

सभी लेख देखें
Related Coverage

और पढ़ें

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!
एग्री बुलेटिन

ILDC कॉन्फ्रेंस 2025: कृषि की चुनौतियों में किरायेदार किसान, कैसे मिले सुरक्षा और अधिकार!

भारत एक कृषि प्रधान देश हैं। जहां एक व्यापक किसान वर्ग कृषि पर आश्रित है। इस किसान वर्ग में एक बड़ी आबादी किरायेदार किसानों की भी है। इन किरायेदार किसानों को असलियत में किसान नहीं माना जाता है। इस स्थ

Pooja Rai·28 Feb 2026·9 min
भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?
एग्री बुलेटिन

भारत-अमेरिका डील के बाद GM फसलों पर क्यों बढ़ी बहस?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) फसलों को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत ने कुछ अमेरिकी कृषि उत्पादों पर कम या शून्य शुल्क देने की सहमति दी है, लेकिन सरकार का कहना है कि संवेदनश

Pooja Rai·09 Feb 2026·3 min
राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद
एग्री बुलेटिन

राष्ट्रीय दलहन क्रांति: बिहार को दलहन खेती बढ़ाने के लिए 93.75 करोड़ की मदद

सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय दलहन कार्यक्रम में केंद्र ने देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने की पहल शुरू की और बिहार को 93.75 करोड़ रुपये की सहायता दी। बिहार सरकार ने पांच साल में दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर ब

Pooja Rai·09 Feb 2026·2 min
News Potli

न्यूज़ पोटली

भारत के गाँव और किसान की आवाज़

Platform

  • About Us
  • Our Team
  • Pitch Your Story
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms of Service

Contact Us

© 2026 News Potli. All rights reserved.

Crafted byBuildRocket LabsBuildRocket Labs