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प्रदेश में किसानों के लिये बनेगा किसान कार्ड, योजनाओं का लाभ लेना होगा और भी आसान

प्रदेश के किसानों के लिये आधार कार्ड(Aadhar Card) की तरह ही किसान कार्ड बनाये जाने की तैयारी चल रही है।इसके लिये 1 जुलाई 2024 से किसान रजिस्ट्री की शुरुआत की जा रही है।

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Pooja Rai· Correspondent

27 जून 2024· 3 min read

kisan cardNews PotliUttar Pradesh government
प्रदेश में किसानों के लिये बनेगा किसान कार्ड, योजनाओं का लाभ लेना होगा और भी आसान

प्रदेश में किसानों के लिये बनेगा किसान कार्ड, योजनाओं का लाभ लेना होगा और भी आसान

लखनऊ। प्रदेश के किसानों के लिये आधार कार्ड(Aadhar Card) की तरह ही किसान कार्ड बनाये जाने की तैयारी चल रही है।इसके लिये 1 जुलाई 2024 से किसान रजिस्ट्री की शुरुआत की जा रही है। इसमें किसान का आधार नंबर, खेत का रक़बा, खसरा नंबर और बाक़ी सभी ज़रूरी सूचना नोट किया जाएगा। हर एक किसान कार्ड का अलग एक नंबर होगा जिसकी मदद से संबंधित किसान का खेती संबंधित जानकारी लिया जा सकेगा।

बताया जा रहा है कि दिसंबर से पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ किसान को इसी रजिस्ट्री नंबर के ज़रिये दिया जाएगा। कृषि विभाग के अनुसार ये पूरे प्रदेश में एक साथ किसान रजिस्ट्री शुरू करने वाला उत्तर प्रदेश पहल राज्य है। किसान रजिस्ट्री का काम केंद्र सरकार का किसानों के लिये शुरू की गयी डिजिटल प्लेटफार्म Agri Stack के तहत किया जा रहा है।इतना ही नहीं कहा जा रहा है कि इससे संबंधित एक mobile app भी होगा जिसपर सभी किसानों का पूरा डेटा दर्ज रहेगा।

रजिस्ट्रेशन कब और कैसे होगा?
1.किसान रजिस्ट्री के लिये 1 जुलाई से 31 जुलाई 2024 तक प्रदेश के हर गाँव में शिविर लगेंगे।
2.इसके लिये हर एक गाँव में दो कर्मचारी जाएँगे। ये गाँव में रहकर संबंधित किसान का नाम, पिता का नाम , मोबाइल नंबर, आधार नंबर सहित सभी जानकारी नोट करेंगे।
3.किसी भी प्रकार का स्वामित्व ( विरासत, वैनामा..) बदलने पर किसान रजिस्ट्री में बदलाव किया जा सकेगा।
4.इसमें किसान की बोई जाने वाली फसल का सभी डेटा भी रहेगा।

ये भी पढ़ें -महाराष्ट्र में दूध उत्पादक किसान क्यों हुए आंदोलन को मजबूर?

किसान नंबर से क्या फ़ायदा?
1.किसान को किसी तरह का लाभ या लोन लेने के लिये बार बार राजस्व रिकॉर्ड नहीं दिखाना पड़ेगा, किसान नंबर से सब कुछ आसानी से मिल जाएगा। 2.इससे केंद्र व राज्य सरकार को भी कोई योजना बनाने में आसानी होगी।
3.योजना का लाभ किसान को मिला कि नहीं ये जानना आसान होगा।
4.इससे सरकार किसान के फसल के उत्पादन की जानकारी भी ले सकेगा।
5.इसके साथ ही पीएम सम्मान निधि का लाभ, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, आपदा प्रबंधन इन सभी की जानकारी लेना और चिन्हित किसान लाभ देना आसान हो जाएगा।

अगर एक नाम से दो किसान हैं तो क्या होगा?
अगर किसी गाँव में एक ही नाम के दो किसान हैं तो किसान के नाम के साथ पिता का नाम नोट कर अलग से ऑनलाइन पोर्टल पर राज्य सरकार को दिया जाएगा।इससे भविष्य में किसी तरह का विवाद होने पर उस रिपोर्ट की मदद से हाल किया जाएगा।
इसके अलावा अन्य विभागों के लिये तहसील, ज़िला और राज्य स्तर पर अधिकारियों की कमेटी बनाई गयी है, जो योजना के कार्य को देखेगी और कार्य सही से पूरा हो ये सुनिश्चित करेगी।

कृषि मंत्री ने क्या कहा?
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मीडिया से बात चीत में कहा कि इससे किसानों को सभी योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा।किसी भी तरह की धांधली नहीं होने की बात भी कही।उन्होंने बताया कि इसके पायलट प्रोजेक्ट के तहत फ़र्रुख़ाबाद में 185634 किसान रजिस्ट्री की गयी है।अब पूरे प्रदेश में एक जुलाई से शुरू किया जाएगा।आगे कहा कि इस कम में कृषि विभाग के साथ राजस्व, गन्ना, आइटी आदि की टीम भी लगी है।

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